0 भारत बेहद जरूरी: अमेरिकी डिप्लोमैट ने कहा- अगर भारत में हालात बिगड़े तो दुनिया भी मुश्किल में पड़ जाएगी, उसने विश्व को बहुत कुछ दिया है - कालचक्र

भारत बेहद जरूरी: अमेरिकी डिप्लोमैट ने कहा- अगर भारत में हालात बिगड़े तो दुनिया भी मुश्किल में पड़ जाएगी, उसने विश्व को बहुत कुछ दिया है

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वॉशिंगटनएक मिनट पहले

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भारतीय मूल की निशा इंडो-अमेरिका बिजनेस काउंसिल की प्रेसिडेंट हैं। ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन में वे साउथ एशिया की स्पेशल सेक्रेटरी थीं। (फाइल) - Dainik Bhaskar

भारतीय मूल की निशा इंडो-अमेरिका बिजनेस काउंसिल की प्रेसिडेंट हैं। ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन में वे साउथ एशिया की स्पेशल सेक्रेटरी थीं। (फाइल)

अमेरिकी टॉप डिप्लोमैट में से एक निशा देसाई बिस्बाल ने कहा है कि महामारी के इस मुश्किल दौर में दुनिया को भारत की हर मुमकिन मदद करनी चाहिए। निशा ने कहा- हमें यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर भारत मुश्किल में होगा तो दुनिया पर भी गहरी परेशानी आ जाएगी। भारत हर मायने में दुनिया के लिए बेहद अहम देश है। वो एक बड़ी इकोनॉमी के साथ ही वर्ल्ड फार्मास्युटिकल और वैक्सीन का हब यानी केंद्र है। उसने मानवता के लिए हर बार अहम योगदान दिया है।

भारतीय मूल की निशा 2017 तक साउथ एशिया की स्पेशल सेक्रेटरी थीं। इसके अलावा भी उन्होंने अलग-अलग सरकारों में बेहद अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। फिलहाल, वे यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल की प्रेसिडेंट हैं।

40 कंपनियां एक साथ भारत की मदद के लिए जुटीं
न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में निशा ने कहा, “भारत में जिस तेजी से महामारी फैली, उससे पूरा देश परेशान हो गया। कार्पोरेट सेक्टर ने फौरन मदद का फैसला किया। अमेरिकी कंपनियों ने सबसे पहले यह महसूस किया कि हालात बेहद तेजी से बिगड़ रहे हैं। भारत में इन कंपनियों के कर्मचारियों ने टॉप मैनेजमेंट तक यह बातें पहुंचाईं। इसके बाद हमने एकजुट होकर भारत की मदद का फैसला किया।”

स्पेशल टास्क फोर्स
महामारी से निपटने के लिए एक ग्लोबल टास्क फोर्स बनाई गई है। इसमें दुनिया की टॉप 40 कंपनियों के CEOs शामिल हैं। इस ग्रुप ने अब तक 1 हजार वेंटिलेटर्स और 25 हजार ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर्स भारत भेजे हैं। खास बात यह है कि इस टास्क फोर्स की एक स्पेशल कमेटी व्हाइट हाउस, अमेरिकी विदेश और दूसरे विभागों के साथ ही भारत सरकार के भी सीधे संपर्क में है। पिछले दिनों कमेटी ने अमेरिकी विदेश मंत्री से मैरॉथन मीटिंग की और इसमें भारत को मदद के तरीकों पर विचार किया। इसके बाद भारत के नीति आयोग से बातचीत हुई।

भारत ने पश्चिमी देशों की मदद की थी
बिस्बाल ने कहा- हमें यह याद रखना चाहिए कि जब अमेरिका और पश्चिमी देशों में हालात बेहद खराब हो रहे थे, तब भारत सरकार ने हमारी लगातार मदद की थी। आज भारत के लिए कठिन समय है, इस वक्त हमें हर तरह से उसके साथ खड़ा होना होगा। और वैसे भी महामारी किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

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