स्पेन में वैक्सीनेशन से कोरोना पर लगाम: वैक्सीनेशन के रफ्तार पकड़ते ही 50% मौतें घटी, पहली बार सितंबर के बाद सबसे कम मौतें; 25% आबादी को पहली डोज लग चुकी

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6 घंटे पहले

पोलिंग बूथ के बाहर अनुशासित कतार।

  • यहां बीते साल लॉकडाउन में नए मामले व मौतें थम गई थीं, पर ढिलाई मिलते ही दूसरी लहर ने तबाही मचाई थी

स्पेन कोरोना वायरस के सबसे बुरे दौर से गुजर चुका है। यहां अप्रैल में कुल 2757 मौतें हुई, जो बीते साल सितंबर के बाद किसी महीने में सबसे कम है। एक्सपर्ट्स इसकी वजह वैक्सीनेशन ड्राइव को मान रहे हैं। अप्रैल में 80 लाख लोगों को टीका लगा है। असर यह हुआ कि अप्रैल में हर रोज औसतन 90 मौतें हुईं जबकि मार्च में 200 हो रही थी। सबसे प्रभावित क्षेत्र वेलेंशिया, बालियर्स आइलैंड और ऑस्टुरियस में भी मार्च की तुलना में अप्रैल में मौतें आधी रह गई हैं। अब तक 25% आबादी को पहली डोज लग चुकी है। 5,098,903 आबादी (10.8% आबादी) को दोनों डोज लग चुकी है।

सरकार ने हर्ड इम्युनिटी पाने के लिए अगस्त तक 70% आबादी के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। अभी स्पेन में तीसरी लहर चल रही है और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गर्मी शुरू होते ही चौथी लहर आ सकती है। वैलेंशिया यूनिवर्सिटी में पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर जोस लुईस बताते हैं कि 80 साल से अधिक उम्र के 88% लोगों को दोनों डोज लग चुकी है। इससे बुजुर्गों के हॉस्पिटल में भर्ती होने की दर घट रही है। कुल मिलाकर टीकाकरण काम कर रहा है।

अब रोज 6 हजार से कम केस और मौतें भी 30 से कम हो रही हैं
केंद्र ने पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था बनाने के लिए छह महीने पहले 17 स्वायत्त क्षेत्रों की शक्तियां छीन ली थी। पीएम पेड्रो सांचेज ने 9 मई से पाबंदियों हटाने के संकेत दिए हैं। स्पेन में 35 लाख केस आ चुके हैं। 78,293 मौतें हुई हैं। 15 जनवरी को रिकॉर्ड 34,232 मामले आए थे। बीते 4 दिनों से रोज 6 हजार से कम केस आ रहे हैं और मौंते भी 30 से कम हैं।

एक्सपर्ट बोले- सतर्क नहीं रहे तो बिगड़ जाएंगे हालात
एक्सपर्ट्स को डर है कि महामारी कभी भी जानलेवा हो सकती है। इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है। वैक्सीन के साथ सोशल वैक्सीन यानी मास्क की प्रैक्टिस बहुत जरूरी है। इसके पीछे इनका तर्क है कि हमने पिछली गर्मी में देखा था कि लॉकडाउन की वजह से 14 दिन में एक लाख लोगों में 10 ही संक्रमित मिलने लगे थे। कुछ दिनों तक तो एक भी मौत नहीं हुई। छूट मिलते ही लाखों लोग निकले तो स्थिति बिगड़ गई। अक्टूबर-नवंबर में दूसरी लहर आई। इस साल जनवरी में 11 हजार मौतें हुई। मौतों के लिहाज से यह दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी थी।

क्षेत्रीय चुनावः लॉकडाउन विरोधी पार्टी रुझानों में आगे
स्पेन में क्षेत्रीय चुनाव हो रहे हैं। इसे कोिवड से निपटने के लिए प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की नीतियों से जोड़ कर देखा जा रहा है। सबसे धनी क्षेत्र मैड्रिड के रूझान सांचेज के खिलाफ हैं। यहा पापुलर पार्टी (पीपी) को 40% वोट मिल रहे हैं। बीते साल मई के चुनाव की तुलना में पार्टी का जनाधार दो गुना बढ़ा है। पार्टी की नेता 42 साल की महिला इसाबेल डियाज अयुसो हैं। उन्होंने आजादी स्लोगन के साथ प्रचार किया। उनका कहना है, ‘सेहत के लिए इकोनॉमी व सामाजिक मेलजोल जरूरी है। जो हमारे उठने-बैठने, बोलने, खाने-पीने पर पाबंदी लगाएगा, उसे सत्ता में नहीं बैठने देंगे।’

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