उत्तराखंड में फिर बादल फटे: दहशत में ग्रामीण जंगल की तरफ भागे, रातभर वहीं रहे; 7 फरवरी की तबाही भूले नहीं

  • Hindi News
  • National
  • Chamoli Cloud Burst In Panic Villagers Ran Towards Forest Staying There Overnight

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
जान बचाने के लिए लोग रात भर जंगलों में चट्टानों की नीचे बैठे रहे। - Dainik Bhaskar

जान बचाने के लिए लोग रात भर जंगलों में चट्टानों की नीचे बैठे रहे।

उत्तराखंड के चमोली में मंगलवार रात बादल फटने से दहशत फैल गई। तेज बारिश के बाद रैणी गांव में ऋषिगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज आवाज आई तो रैणी‌ वल्ली, रैणी पल्ली और गुजगु समेत दूसरे गांवों के लोग डर के मारे जंगलों की तरफ भाग गए और रात भर वहीं रहे। क्योंकि 7 फरवरी की तबाही को वे अभी भूले नहीं हैं, जब चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। उस हादसे के बाद 50 से ज्यादा लोगों की लाशें मिली थीं, जबकि 150 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल पाया।

मंगलवार को बादल फटने की घटना से चमोली जिले की 8 सकड़ें और 3 वाटर सप्लाई स्कीम प्रभावित हुई हैं। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर मुकेश रेपसवाल के मुताबिक स्थिति अब नियंत्रण में है। कृषि और बागबानी को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि किसी इंसान की जान जाने की खबर नहीं है।

बादल फटने के बाद DM स्वाति भदौरिया ने बताया कि ऋषिगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से तपोवन इलाके में चल रहे NTPC के प्रोजेक्ट बंद कर दिए गए। उधर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि DM को प्रभावित लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों के इलाज और जिनके घरों को नुकसान हुआ है उनके लिए रहने की व्यवस्था की जाएगी।

सोमवार को उत्तरकाशी में बादल फटा था
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सोमवार को बादल फटा था। यह घटना चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के कुमराड़ा गांव में हुई। इससे यहां बनी कैनाल का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया। पानी के साथ आई मिट्टी से घरों की दीवारें कई फीट तक दब गईं। कई गौशालाओं को भी इस हादसे में नुकसान हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले के नरकोटा में भी बादल फटने से पहाड़ों की मिट्टी पानी के साथ बहकर घरों में आ गई और ग्रामीणों ने ऊंचे इलाकों में जाकर अपनी जान बचाई।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply