विरोध: कंगना रनोट ने नए ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने के लिए पर्यावरण से जबरदस्ती ऑक्सीजन लेने पर जताई आपत्ति, बोलीं-लगता है हमने अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखा

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2 घंटे पहले

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कोरोना की दूसरी लहर ने देश को बुरी तरह से प्रभावित किया है। हर दिन कोरोना के नए मरीजों और इससे होने वाली मौतों की संख्या में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। लगातार बढ़ते मरीजों के आंकड़ों के चलते देश में स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई है। मरीजों को बेड्स, ऑक्सीजन, इंजेक्शन और दवाइयों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच देश के कई अस्पताल और राज्य सरकार ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई सारे नए ऑक्सीजन प्लांट्स स्थापित कर रहे हैं। हालांकि, इस आइडिया से एक्ट्रेस कंगना रनोट खुश नहीं हैं। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर ऑक्सीजन​​​​​​​ प्लांट्स के लिए पर्यावरण से जबरदस्ती ऑक्सीजन लेने पर आपत्ति जताई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है हमने अपनी गलतियों और आपदाओं से कुछ सीखा नहीं है।

पर्यावरण से जबरदस्ती लिए ऑक्सीजन की भरपाई कैसे कर रहे हैं​​​​​​​?
कंगना रनोट ने पोस्ट शेयर कर लिखा, “हर कोई ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन​​​​​​​ प्लांट्स स्थापित कर रहा है। ताकि कई टन ऑक्सीजन सिलेंडर बनाए जा सकें। हम उस सारे ऑक्सीजन की भरपाई कैसे कर रहे हैं, जो हम पर्यावरण से जबरदस्ती ले रहे हैं? ऐसा लगता है कि हमने अपनी गलतियों और आपदाओं से कुछ नहीं सीखा है। हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना चाहिए।”

आखिर कब तक केवल नेचर से लेते रहेंगे और वापस कभी नहीं लौटाएंगे
​​​​​​​कंगना रनोट ने एक दूसरा पोस्ट शेयर कर लिखा, “लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने की घोषणा के साथ ही सरकार को नेचर रिलीफ के लिए भी ऐलान करना चाहिए। जो भी लोग इस ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें एयर क्वॉलिटी में सुधार करने के लिए काम काम करने का संकल्प भी लेना चाहिए। आखिर हम कब तक दुखी कीड़े बने रहेंगे कि केवल नेचर से लेते रहेंगे और वापस कभी नहीं लौटाएंगे।”

कंगना रनोट ने आगे लिखा, “याद रखें, अगर धरती से सूक्ष्म जीव या कीड़े गायब हुए, तो यह मिट्टी की उर्वरता और धरती माता को प्रभावित करेगा। और धरती माता उन्हें याद करेगी। लेकिन अगर इंसान गायब हो जाता है, तो पृथ्वी केवल और केवल फलती-फूलती रहेगी। अगर आप उसके प्रेमी या बच्चे नहीं हैं, तो आप अनावश्यक हैं। पेड़ लगाओ।”

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