नर्गिस की 40वीं डेथ एनिवर्सरी: जब सुनील दत्त के प्रपोज करते ही छा गया था सन्नाटा, बिना जवाब दिए ही चली गई थीं नर्गिस लेकिन फिर ऐसे हो गई दोनों की शादी

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8 घंटे पहले

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संजय दत्त की मां और गुजरे जमाने की फेमस एक्ट्रेस नरगिस दत्त का जन्म 1 जून 1929 को कोलकाता में हुआ था। 3 मई को उनकी 40वीं डेथ एनिवर्सरी है। 3 मई 1981 को उनका निधन कैंसर से हुआ था। वो संजय दत्त की मां और दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त की पत्नी थीं। सुनील दत्त के साथ नरगिस की प्रेम कहानी बहुत ही दिलचस्प है। दोनों ने 1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ में मां-बेटे का रोल किया था। बाद में असल जिंदगी में में वो पति-पत्नी बने। खास बात यह है कि नरगिस सुनील को मदर इंडिया में उनके ऑनस्क्रीन नाम (बिरजू) से ही पुकारती थीं।

नरगिस की इस बात से सुनील दत्त हुए थे इम्प्रेस

एक बार सुनील दत्त ने एक इंटरव्यू में बताया था, “एक बार मैं स्टूडियो में अपनी बहन और उसके दो बच्चों के साथ बैठा था। मेरी बहन को गले में ट्यूमर (गांठ) हो गई थी। चूंकि मैं उस समय मुंबई में स्ट्रगल कर रहा था, इसलिए किसी भी बड़े डॉक्टर को नहीं जानता था। जब स्टूडियो में नरगिस जी आईं। तो उन्होंने मुझे बुलाया। वो मुझे बिरजू कहकर बुलाती थीं। मैं उस वक्त काफी गंभीर मुद्रा में था। उन्होंने पूछा- क्या बात है। मैंने उन्हें सारी बात बता दी और कहा, ‘मेरी बहन को तकलीफ है, लेकिन मैं यहां किसी डॉक्टर को नहीं जानता।”

“इसके बाद जब देर रात मैं घर पहुंचा तो बहन ने मुझे बताया, ‘कल सुबह मैं हॉस्पिटल जा रही हूं, वहां मेरा ऑपरेशन होगा।’ यह सुनकर मैं हैरान था। मैंने पूछा अस्पताल कौन ले जा रहा है तो वो बोली, ‘नरगिस जी। वो डॉक्टर को लेकर आई थीं, चैकअप के बाद कल सुबह मेरा ऑपरेशन होगा।’ इस तरह नरगिसजी ने बिना मुझे बताए मेरी इतनी बड़ी समस्या चुटकियों में सॉल्व कर दी। इसके बाद से ही वो मेरे दिल में बस गई थीं। मुझे लगने लगा था कि मैं जिस तरह की पार्टनर चाहता था, नरगिस जी वैसी ही थीं।”

कार में किया था प्रपोज

सुनील ने इंटरव्यू में आगे बताया था, “एक दिन वो मेरे यहां आईं और जब जाने लगीं तो मैंने कहा- ‘चलिए मैं आपको घर छोड़ देता हूं।’ इसके बाद हम फिएट कार से नेपियन सी रोड होते हुए बालकेश्वर रोड पहुंचे। फिर मैंने काफी हिम्मत जुटाते हुए उनसे कहा- ‘मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं।’ वो बोलीं- ‘हां बिरजू बताओ।’ मैंने उनसे सीधे कहा- ‘क्या आप मुझसे शादी करेंगी?’ इसके बाद कार में सन्नाटा हो गया। थोड़ी देर बाद उनका घर आ गया और वो बिना जवाब दिए चली गईं। इसके बाद मैं सोचने लगा कि अगर नरगिस जी ने न कहा तो मैं फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर अपने गांव चला जाऊंगा और खेती करूंगा।”

सुनील दत्त के मुताबिक, “कुछ समय बाद एक रोज मैं घर पहुंचा तो मेरी बहन मुस्करा रही थी। मैंने उससे पूछा क्या हुआ, तो पंजाबी में बोली- ‘पाजी, आपने मुझसे क्यों छुपाया।’ मैंने कहा- ‘क्यों, क्या छुपाया मैंने तुमसे?’ इस पर वो बोली- ‘नरगिस जी मान गई हैं।’ मैंने कहा- ‘क्या मान गई हैं।’ वो बोली- अब आप चुप ही रहो, जो आपने कहा था वो मान गई हैं।”

11 मार्च 1958 को नरगिस और सुनील दत्त की शादी हुई। उनके तीन बच्चे (संजय, नम्रता और प्रिया दत्त) हुए। 3 मई 1981 को बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म ‘रॉकी’ की रिलीज से 4 दिन पहले नरगिस का कैंसर से निधन हो गया था।

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