जानें, अब कैसे हैं वुहान शहर के हालात, जहां से पूरी दुनिया में पहुंचा कोरोना वायरस



Wohan

‘वुहान शहर’….नाम तो सुना ही होगा आपने? अरे कैसा मजाक है भई. हम अपना नाम भूल सकते हैं. पता भूल सकते हैं. कल क्या खाया था ये भूल सकते हैं, लेकिन वुहान को, कदापी नहीं. भला जिसने हमें मुंह पर मास्क पहनना सिखलाया. जिसने सोशल डिस्टेंसिंग जैसा नया पाठ पढ़ाया. हाथों को सैनिटाइज करना सिखाया. दो गज दूरी मास्क है जरूरी जैसा नारा लगवा दिया. पीपीई किट पहना सिखलाया. घरों में कैद रहना सिखा दिया और लॉकडाउन जैसी दुनिया से भी साक्षात्कार करवा दिया और जब इन सबसे भी उस कंबख्त का जी न भरा, तो पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट करके रख दिया. अब आप ही बताइए हमारी बदहाली में अपना सर्वत्र योगदान देने वाले वुहान को भला भूलाया जा सकता है? जवाब है, कतई नहीं!   

चीन का शहर वुहान ही वो जगह है, जहां से कोरोना का कहर पूरी दुनिया में पहुंचा और आज हर कोई त्राहि-त्राहि कर रहा है. तबाही के मंजर के बीच लोगों को सुकून के पल भी अगर आज नसीब नहीं हो पा रहे हैं, तो इसका जिम्मेदार महज वुहान ही है. वुहान शहर कोरोना जैसी घातक वायरस का जन्मस्थल है. यहीं से यह वायरस पूरी दुनिया में फैला और आज लोग अपनी जिंदगी जीने की आस तक खो चुके हैं. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें और क्या न करें, लेकिन क्या आपने सोचा है कि आज जब विगत डेढ़ वर्षों से कोरोना का कहर जारी है, तो वुहान शहर के क्या हालात हैं. 

 जानें, कैसे हैं वुहान के हालात

बेशक, जानकर आपको हैरानी हो सकती है, मगर सच्चाई यह है कि अब वुहान में सब कुछ दुरूस्त हो चुका है. भारत समेत पूरी दुनिया को खौफ के आलम में ढकेल चुका वुहान आज खुद आराम फरमा रहा है. कोरोना का प्रभाव अब वहां बिल्कुल शून्य है. कोरोना के प्रति वहां के बांशिदों की बेखौफियत का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि अब वहां लोग बिना मास्क के ही रह रहे हैं. बेशक, पूरी दुनिया के चेहरे कोरोना के कहर से खौफजदा होकर खामोश हो चुके हों, लेकिन वुहान के लोगों के चेहरों में मुस्कुराहट की लालिमा साफ झलक रही है. यहां के लोग अब बिना मास्क के पार्टी कर रहे हैं.

इस बीच शनिवार को यहां लोगों ने अपनी खुशी का इजहार करने के लिए एक पार्टी का आयोजन किया, जिसमें भारी संख्या में युवा समेत अन्य लोग शामिल हुए. कुछ लोगों को छोड़कर किसी ने मुंह पर मास्क लगाना जरूरी नहीं समझा. वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ठेंगा दिखाकर यह लोग अपनी दुनिया में मस्त दिखें. कोई शराब के खुमार में मदहोश था, तो कोई अपनी खुशी का इजहार करने के लिए थिरकने में लगा था. इस बात से बेखबर कि उनकी वजह से आज न जाने कितने लोगों की दम तोड़ रह हैं.

11000 लोग हुए थे शामिल 

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वुहान शहर में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में 11000 लोग शामिल हुए थे और किसी ने भी मास्क लगाना जरूरी नहीं समझा था, जहां से पूरी दुनिया में कोरोना ने अपनी पैठ बनाई, भला आज वहीं के लोगों का कोरोना के प्रति इतना बेखौफ हो जाना यकीनन बेशुमार सवाल खड़े करता है. आज जहां भारत समेत कई देश कोरोना की दुसरी लहर से गुजर रहे हैं, तो वुहान का इस कदर बा-इज्जत बेखौफ हो जाना यकीनन साजिश के कलई को खोलता है.   े

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