ओलिंपिक खेल को लेकर सरकार और जनता आमने-सामने: खेलों के लिए 500 नर्स मांगने पर घमासान, नर्सें बोलीं- लोगों की जान बचाना जरूरी, खेल नहीं

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टोक्यो2 घंटे पहलेलेखक: मोटको रिच

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म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन भी खेलों के विरोध में। - Dainik Bhaskar

म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन भी खेलों के विरोध में।

जापान में इन दिनों कोरोना और ओलिंपिक खेलों का आयोजन सरकार और लोगों के बीच घमासान का विषय बन गए हैं। एक ओर, महामारी को काबू करने के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। दूसरी ओर, 23 जुलाई से वहां ओलिंपिक खेलों का आयोजन होना है। आयोजन हो सकेगा या नहीं इसे लेकर असमंजस का दौर जारी है। हाल ही में आयोजकों ने जापानी नर्सेज एसोसिएशन से 500 नर्सों को बतौर वॉलंटियर मांगा है।

इसका भारी विरोध शुरू हो गया है। आयोजकों के अनुसार खेलों के दौरान लगभग 10 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत होगी। जापान फेडरेशन ऑफ मेडिकल वर्कर्स यूनियंस के महासचिव, सुसुम मोरीता कहते हैं कि इस समय प्राथमिकता महामारी होनी चाहिए। नर्सें पहले से महामारी के खिलाफ लड़ाई में लगी हुई हैं, ओलिंपिक में भेजना ठीक नहीं है।’

चौथी लहर के केंद्र ओसाका प्रांत में न बेड, न एंबुलेंस
जापान का ओसाका प्रांत चौथी लहर का केंद्र है। यहां अस्पतालों में लोगों को बेड मिल नहीं मिल रहे हैं। साथ ही एंबुलेंस के लिए भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लगभग 12.5 करोड़ की आबादी वाले जापान में अब तक 2% से भी कम लोगों को टीके की एक डोज लगाई गई है। टोक्यो में कोरोना के कारण दूसरी बीमारियों वाले लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

ओलिंपिक के लिए यह मुश्किल समय

  • ओलिंपिक आयोजित करने के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। अभी तो जापान में वायरस के नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट फैल रहे हैं। हमारे देश में केसलोड छह लाख से ऊपर है।’ – हारुओ ओजाकी, अध्यक्ष, टोक्यो मेडिकल एसोसिएशन

78 हजार वॉलंटियर्स को सैनिटाइजर और मास्क मिलेगा, टीके का पता नहीं

ओलिंपिक खेलों के आयोजन को महामारी ने जापान के लिए चुनौती बना दिया है। सबसे बड़ी चुनौती है कि यह आयोजन कहीं सुपरस्प्रेडर इवेंट न बन जाए। इस आयोजन में लगभग 78 हजार वॉलंटियर्स लगेंगे। सभी को महामारी से बचाव के नाम पर मास्क, सैनिटाइजर जैसी बेसिक चीजें मिलेंगी।

इसके अलावा उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और दूसरों से करवाना भी सिखाया जाएगा, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। टीकों के नाम पर कोई बात ही नहीं हो रही है। जबकि आयोजन में अब सिर्फ तीन माह से कम का समय रह गया है।

टोक्यो के 40 साल के अकीको करिया ओलिंपिक में वॉलंटियर हैं। दुभाषिया के रूप में इन्हें साइन अप कराया गया। अकीको कहते हैं कि ओलिंपिक समिति ने हमें अब तक यह नहीं बताया है कि वे हमें सुरक्षित रखने के लिए क्या करेंगे। इसके अलावा जापानी खिलाड़ियों को भी टीका लगेगा इसकी भी जानकारी स्पष्ट रूप से अब तक किसी के पास नहीं है।

संक्रमित होने की चिंता के कारण अब कई वॉलंटियर आयोजन छोड़कर जाने को मजबूर हो रहे हैं। आयोजकों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए कोरोना टेस्ट किस तरह होगा, इसका प्लान ही नहीं बना है।

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