ये हैं महिला शक्ति: इन टोल पर नहीं चलती धौंस, क्योंकि यहां महिलाओं के हाथ में कमान; दबंगों के व्यवहार में आया परिवर्तन

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भोपाल19 घंटे पहले

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11 मील टोल भोपाल पर एक कंपनी ने एक महीने पहले इन टोल का जिम्मा महिलाओं को दिया। - Dainik Bhaskar

11 मील टोल भोपाल पर एक कंपनी ने एक महीने पहले इन टोल का जिम्मा महिलाओं को दिया।

हाईवे पर बने टोल नाकों पर अक्सर फ्री निकलने को लेकर विवाद होते देखना आम बात हैं। कोई अपने को स्थानीय नागरिक बताकर टैक्स देने से इंकार कर देता है तो कोई नेतागिरी की धौंस दिखाकर पैसे नहीं देता। जो रास्ता एंबुलेंस या अन्य अधिकृत वाहनों के लिए बनाए गए हैं, वहां से दबंग निकलने की कोशिश करते थे, लेकिन बीते एक महीने से भोपाल बायपास पर बने 11 मील और मुबारकपुर टोल पर कोई भी बिना पर्ची कटाए नहीं निकलता। फिर चाहे वे क्षेत्र के कितने भी बड़े दबंग क्यों न हो। यह बदलाव अचानक नहीं आया। कंपनी ने एक महीने पहले जब टोल की कमान महिलाओं के हाथों में सौंपी तो दबंगों के व्यवहार में खास परिवर्तन हो गया।

11 मील टोल… पर्ची बनाने से लेकर सुपरविजन करने का काम

11 मील टोल पर पर्ची बनाने से लेकर इमरजेंसी वाहनों को रास्ता दिखाने और सुपरविजन करने का काम भी महिलाएं कर रही हैं।

11 मील टोल पर पर्ची बनाने से लेकर इमरजेंसी वाहनों को रास्ता दिखाने और सुपरविजन करने का काम भी महिलाएं कर रही हैं।

अब यदि आप शहर के मुबारकपुर और 11 मील टोल से निकलेंगे तो आपका सामना महिला शक्ति से होगा। यहां पर्ची बनाने से लेकर इमरजेंसी वाहनों को रास्ता दिखाने और सुपरविजन करने का काम भी महिलाएं कर रही हैं। दोनों टोल पर एक महीने से 21 महिलाकर्मी मोर्चा संभाले हैं। 11 मील टोल पर सुपरविजन करने वालीं संध्या विश्वकर्मा बताती हैं कि अन्य नौकरियों की अपेक्षा यहां वेतन अच्छा मिल रहा है। कंपनी ने घर से लाने और छोड़ने के लिए वाहन अलग से दिया है। अभी यहां फास्ट टैग व्यवस्था नहीं है।

मप्र के 7 टोल का जिम्मा
खुश हैं महिलाएं… सुबह 9 से शाम 6 बजे तक रहती है ड्यूटी
टोल संचालन करने वाली कंपनी एसएस मल्टी सर्विस के संचालक पंकज शुक्ला ने बताया कि यह प्रयोग देश के 33 और मप्र के 7 टोल नाकों भोपाल, मिर्जापुर, शहडोल, छिंदवाड़ा आदि जगह किया है। महिलाओं की ड्यूटी दिन में रहती है। सुबह 9 से शाम 6 बजे यह लोग ड्यूटी करती हैं। महिलाएं भी इस नौकरी से खासी खुश हैं। शुक्ला बताते हैं कि महिलाएं अपने काम के प्रति बहुत समर्पित होती हैं। सबसे बड़ी बात यह कि महिलाओं से कोई भी बहस नहीं करता, जबकि पुरुषों के साथ हाथा-पाई करने से भी नहीं चूकते।

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