भास्कर नॉलेज सीरीज: होम आइसोलेशन में लक्षणों और मरीज की मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से दवा बदलते हैं, डॉक्टर से पूछकर ही दवा लें

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जयपुरएक घंटा पहले

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डॉ. प्रो. नरेंद्र अरोड़ा। - Dainik Bhaskar

डॉ. प्रो. नरेंद्र अरोड़ा।

कोरोना के ज्यादातर मरीजों को अब होम आइसोलेशन में ही रखा जा रहा है। मगर इसके सही तरीके और मरीज की देखरेख को लेकर कई भ्रांतियां हैं। हर घर में स्थितियां आदर्श भी नहीं हैं। इन्हीं विषयों पर विशेषज्ञ से दैनिक भास्कर के पवन कुमार ने बातचीत की। जानिए एक्सपर्ट की राय…

होम आइसोलेशन का प्रोटोकॉल क्या है?
मरीज के लिए अलग कमरा हो। कमरे से वेंटिलेशन की व्यवस्था हो। मरीज के लिए शौचालय अलग हो। घर के दूसरे सदस्य भी अभी बाहर न जाएं।

होम आइसोलेशन में बचाव कैसे होगा?
संक्रमण अब हवा में है। ऐसे में सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर से बेहतर होम आइसोलेशन है। मगर ज्यादातर शहरी घरों में आदर्श स्थिति नहीं है। इसीलिए बाकी सदस्य भी घर में हर समय मास्क पहनें। शौचालय एक है तो मरीज के शौचालय इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छी तरह साफ करें। 15 मिनट तक इस्तेमाल न करें।

होम आइसोलेशन में क्या ध्यान रखें?
फीवर के अलावा ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें। ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम है तो बिना देरी किए डॉक्टर्स से संपर्क करें। तरल पदार्थ लें। संतरे का जूस और मूंग दाल कम से कम दो छोटी कटोरी लें। ताजे फल खाएं।

होम आइसोलेशन में क्या दवाएं लें?
ये दवाएं अभी डॉक्टर दे रहे हैं- लक्षण रहने तक

एजिथ्रोमाइसिन 500 एमजी, दिन में एक बार।

जिंकोविट रोज एक।

विटामिन सी टैबलेट रोज एक।

गुनगुने पानी से गार्गल, दिन में 3 बार।

दिन भर में 4 बार ऑक्सीजन लेवल जांचें।

आइवरमेक्टिन 12 एमजी, 3 दिन तक, दिन में 1 बार।

बुखार होने पर पैरासिटामोल, 650 एमजी। हालांकि लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से दवाएं बदली जाती हैं। दवा लेने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।

चार दिन तक दवा लेने के बाद भी बुखार न उतरे, तो क्या करें?
कई बार बुखार 4 दिन से ज्यादा रह सकता है। शरीर के दूसरे पैरामीटर ठीक हैं तो परेशान न हों। दूसरे पैरामीटर में गड़बड़ी है तो डॉक्टर की सलाह के दूसरी दवा लें।

लक्षण खत्म हो जाएं तो आरटी-पीसीआर अब जरूरी नहीं

होम आइसोलेशन शुरू होने के कितने दिन बाद आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए, इसमें पहला दिन किसे मानें? जांच के लिए सैंपल देने का दिन या टेस्ट रिपोर्ट आने का दिन?
दवा का कोर्स खत्म होने के बाद या बीमारी के लक्षण नहीं होने के तीन से पांच दिन बाद संक्रमण जांचने के लिए दोबारा से आरटी-पीसीआर जांच करा सकते हैं। इसके बाद यह मान लिया
जाता है कि व्यक्ति संक्रमित नहीं है। केन्द्र सरकार के नए प्रोटोकॉल के अनुसार संक्रमण मुक्त होने के लिए आरटी-पीसीआर को अनिवार्य नहीं
किया है।

जब मरीज होम आइसोलेशन में हो तो क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए, कब कराएं?
घर के दूसरे सदस्यों को भी टेस्ट कराना चाहिए। लक्षण हो तो तुरंत कराएं और लक्षण न दिखे तो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के सातवें से 10वें दिन के बीच जांच कराएं।

मरीज के घर में यदि कोई बुजुर्ग या अन्य बीमारी से पीड़ित हो और कोरोना मरीज के लिए अलग कमरा न हो तो क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में कोरोना मरीज को हर हाल में क्वारेंटाइन सेंटर या दूसरे आइसोलेशन सेंटर में भेजना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो बुजुर्ग की जान को रिस्क में डाला जा रहा है।

मरीज के लिए अलग रसोई का प्रबंध न हो तो उसे खाना देने में क्या सावधानी बरतनी होगी?
संक्रमित व्यक्ति के लिए अलग से रसोई की व्यवस्था जरूरी नहीं है। उनके खाने का बर्तन सिर्फ अलग होना चाहिए। कोशिश यही करनी चाहिए कि यदि संक्रमित व्यक्ति ही अपना बर्तन साफ करे तो ज्यादा अच्छा होगा। मरीज को घर का कोई भी दूसरा सदस्य मास्क लगा कर उचित दूरी बना कर खाना पहुंचा सकता है।

अब कहा जा रहा है कि वायरस हवा के जरिये फैल सकता है। ऐसे में यदि संक्रमित व्यक्ति एक कमरे में आइसोलेट हो तो भी क्या बाकी सदस्यों को दूसरे कमरे में संक्रमण नहीं हो सकता?
बिल्कुल हो सकता है। दरअसल अब वायरस कुछ हद तक हवा में भी मौजूद है। लिहाजा परिवार के दूसरे सदस्यों को भी न सिर्फ मास्क बल्कि घर में भी एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बना कर रहना चाहिए। इसे हल्के में न लें, यही बचाव है।

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