बड़ा प्लान: अमीरों से दोगुने टैक्स की वसूली, शिक्षा और गरीबों पर खर्च करेंगे, अमेरिकी राष्ट्रपति 130 लाख करोड़ रुपए का नया प्रस्ताव लाए

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2 घंटे पहले

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अमीरों से ज्यादा टैक्स वसूल कर - Dainik Bhaskar

अमीरों से ज्यादा टैक्स वसूल कर

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अमीरों से ज्यादा टैक्स वसूल कर बच्चों की शिक्षा और गरीब-मध्यमवर्ग परिवारों पर खर्च करने जा रहे हैं। बाइडन ने बाल विकास और शिक्षा के लिए 130 लाख करोड़ रुपए के नए प्लान की घोषणा की है। इस रकम की पूर्ति अमीर अमेरिकी नागरिकों से टैक्स वसूल कर की जाएगी।

इसे ‘अमेरिकन फैमिली एड प्लान’ नाम दिया गया है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस के संयुक्त सत्र में दिए अपने पहले संबोधन में इस का खुलासा किया। इससे एक दिन पहले बाइडन ने सालाना 75 लाख रुपए के ऊपर आय वालों पर लगने वाला टैक्स 20% से बढ़ाकर 39.6% करने की घोषणा की थी। बाइडन की तैयारी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 165 लाख करोड़ रुपए और कोरोना सहायता फंड के तौर पर 142.5 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की भी है। लेकिन ये दोनों प्रस्ताव फिलहाल लंबित हैं।

व्हाइट हाउस की वरिष्ठ सलाहकार अनीता डन ने एक लिखित बयान में कहा-’राष्ट्रपति बाइडन मानते हैं कि अमेरिकी कर व्यवस्था टूट चुकी है क्योंकि यहां हेज फंड मैनेजर हजारों करोड़ रुपए की कमाई करता है और इसके बावजूद वो अपने घर में काम करने वाले कर्मचारियों से भी कम टैक्स देता है।

इस व्यवस्था को सुधारने के लिए ही बाइडन ये कदम उठा रहे हैं, ताकि नई कर व्यवस्था में जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को पर्याप्त सरकारी अनुदान मिल सके, जिसमें उच्च मध्यमवर्गीय परिवार भी लाभान्वित हों और कर का भार अमीर लोगों पर पड़े।’

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्लान से एक करोड़ 70 लाख गरीब कामगारों और करीब 6.6 करोड़ बच्चों को फायदा होगा। डन बताती हैं कि कुछ हालिया सर्वे बताते हैं कि अमेरिका में अधिकांश लोग कॉरपोरेट टैक्स और कैपिटल गेन्स टैक्स बढ़ाने के पक्ष में हैं। खासतौर उन लोगों पर, जो 75 लाख से ज्यादा की सालाना आय कमाते हैं।

प्रस्ताव पारित होने में पेंच, कमला का वोट अहम

कांग्रेस में ये प्रस्ताव आसानी से पारित हो जाएगा, इसकी गारंटी नहीं है। वजह यह है कि कांग्रेस सीनेट में बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। हालांकि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, जो सीनेट की अध्यक्ष भी हैं, का वोट वीटो बन सकता है। गौरतलब है कि बाइडन ने राष्ट्रपति बनने के 100 दिन पूरे होने के पहले ही इतना बड़ा फैसला लिया है।

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