चांद पर पहुंचने की लड़ाई: मस्क ने दी बेजोस को मात, कंपनी ने 50 पन्नों में विरोध दर्ज कराया तो मस्क बाेले- रहने दो, ये आपके बस की नहीं

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2 घंटे पहलेलेखक: कैनेथ चैंग

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जेफ बेजोस और एलन मस्क - Dainik Bhaskar

जेफ बेजोस और एलन मस्क

  • एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने नासा से 22 हजार करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया

दुनिया के दाे सबसे अमीर शख्स जेफ बेजाेस और एलन मस्क चंद्रमा पर जाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। असल में मामला 22 हजार कराेड़ रुपए के उस काॅन्ट्रैक्ट काे लेकर है, जिसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मस्क की कंपनी ‘स्पेस एक्स’ काे दिया है। इसके तहत स्पेस एक्स एक लैंडर बनाएगा, जिस पर सवार हाेकर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री 2024 में चांद पर जाएंगे। इस प्राेजेक्ट के लिए स्पेस एक्स के अलावा दाे और कंपनियाें ने बाेली लगाई थी। इसमें से एक जेफ बेजाेस की ‘ब्लू ओरिजन’ भी थी।

साेमवार काे बेजाेस की कंपनी ने नासा के इस फैसले के खिलाफ अमेरिकी सरकार काे 50 पन्नाें का विराेध पत्र साैंपा। ब्लू ओरिजन के चीफ एग्जीक्यूटिव बाॅब स्मिथ ने कहा- ‘नासा का स्पेस एक्स काे काॅन्ट्रैक्ट देने का फैसला गलत है, क्याेंकि उन्हाेंने न केवल हमारे प्रस्ताव के फायदेमंद पहलू काे नजरअंदाज किया, बल्कि स्पेस एक्स की तकनीकी खामियाें की भी अनदेखी की है।’

इधर मस्क ने सोशल मीडिया पर बेजाेस काे आड़े हाथ लेते हुए चुटकी ली। कहा- ‘विराेध पत्र साैंपने के बाद अब वाे चांद के ऑर्बिट (कक्षा) तक भी नहीं पहुंच पाएंगे। रहने दो, ये आपके बस की बात नहीं!’

दरअसल, नासा चांद पर पहुंचने के लिए एक एेसा यान बनवाना चाहता है, जिसके माध्यम से पहली बार एक महिला और अश्वेत पुरुष चंद्रमा पर पहुंचेगा। 1972 के बाद से अमेरिका ने किसी भी इंसान काे चंद्रमा पर नहीं भेजा है। नासा के प्रशासक जिन ब्रिडेनस्टाइन ने कहा है कि 2024 में चंद्रमा पर जाने के लिए नासा तैयारी के अंतिम चरण में है। नाम है- ‘मिशन आर्टिमिस।’

2024 में ओरायन नामक स्पेस क्राॅफ्ट में 4 सदस्य अंतरिक्ष की कक्षा में जाएंगे। यहां से दाे यात्री स्पेस एक्स के यान में सवार हाेकर चंद्रमा की यात्रा पर निकल पड़ेंगे। याेजना के अनुसार दाे यात्री एक हफ्ते तक चंद्रमा की सतह का परीक्षण करेंगे और स्पेस एक्स के यान से ही वापस ओरायन तक पहुंचेंगे ताकि वे धरती पर सकुशल लैंडिंग कर सकें। यह यान 4 लाख 50 किमी की यात्रा कर तीन हफ्ते में चंद्रमा तक पहुंचेगा।

नासा 2028 तक चंद्रमा पर इंसानाें की टिकाऊ उपस्थिति चाहता है

आर्टिमिस मिशन के जरिए नासा 2028 तक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहता है, जिससे वह चंद्रमा पर इंसानाें की टिकाऊ उपस्थिति काे सुनिश्चित कर सके। यानी ठिकाना बना सके। एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने इस प्राेजेक्ट के लिए 22 हजार कराेड़ रुपए और जेफ बेजाेस की कंपनी ब्लू ओरिजन ने करीब 45 हजार कराेड़ रुपए की बाेली लगाई थी।

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