खुले में कोरोना वायरस का खतरा कम: खुले के मुकाबले बंद जगह में संक्रमण के मामले 18 गुना, सामाजिक आयोजनों में 33 गुना ज्यादा

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5 मिनट पहलेलेखक: रॉनी करिन रैबिन

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वायरस खुले के मुकाबले बंद माहौल में तेजी से फैलता है। - Dainik Bhaskar

वायरस खुले के मुकाबले बंद माहौल में तेजी से फैलता है।

दुनिया में कोरोना महामारी को लेकर हाहाकार है। वैज्ञनिक इसके प्रसार के कारण और रोकथाम के लिए टीकों के आविष्कार के शोध में दिन-रात एक किए हुए हैं। ऐसे में वायरस के प्रसार को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है कि वायरस खुले के मुकाबले बंद माहौल में तेजी से फैलता है। ब्रिघम और महिला अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. पॉल सैक्स के ‘द न्यू वर्ल्ड जर्नल’ में प्रकाशित शोध के अनुसार खुले में वायरस बहुत देर तक जिंदा नहीं रह पाता।

हाल के अध्ययन से पता चला है कि कोरोना वायरस और सांस से जुड़े अन्य वायरस का संक्रमण 10 प्रतिशत से कम खुली जगह हुआ। जबकि, बंद जगह में बाहर के मुकाबले संक्रमण के मामले 18 गुना अधिक थे। वहीं, बंद एरिया में होने वाले सामाजिक आयोजनों में वायरस सुपरस्प्रेडर बन गया, यहां संक्रमण की संभावना 33 गुना अधिक थी।

कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के महामारी विज्ञान और जीव विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नूशिन रजानी के अनुसार बाहर के माहौल में संक्रमित होना पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कितनी देर बाहर रहा। बाहर रहने का समय जितना अधिक होगा, संक्रमण की संभावना उतनी अधिक होगी। इसिलए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है।

पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के जितने मामले उसका 38% हिस्सा भारत में मिल रहा है

  • पाकिस्तान में कोरोना के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। 16 शहरों में सेना की तैनाती की गई है।
  • थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओचा पर मास्क न पहनने पर जुर्माना लगा है। उन पर 190 डॉलर यानी करीब 14 हजार 200 रु. जुर्माना लगाया गया।
  • कोरोना टीका लगवा चुके लोग इजरायल जा सकेंगे। मई से ऐसे लोगों को प्रवेश देने की तैयारी हो रही है।
  • कनाडा का ओंटारियो प्रांत कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित है। वहां स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना और रेडक्राॅस मैदान में उतार दिए गए हैं।
  • भारत से स्पेन पहुंचने वालों लोगों को क्वारेंटाइन होना होगा। वहां की सरकार ने इसके आदेश दे दिए हैं।

पिछले चार दिन से भारत में रोज तीन लाख से ऊपर कोरोना मरीज मिल रहे हैं। दुनिया भर के कुल संक्रमण में भारत का हिस्सा 38% हो गया है। जॉन हाॅपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक एक महीने पहले भारत के संक्रमण का यह आंकड़ा 9 प्रतिशत था। दूसरी ओर तुर्की ने लॉकडाउन लगा दिया है। वहीं, जापान में ओलिंपिक आयोजन शिफ्ट करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।

ब्रिटेन में खाली पड़ीं दुकानों को फिर खोलने की तैयारी, विएना में लॉकडाउन में दी जाएगी ढील
ब्रिटेन में कोरोना टीकाकरण तेजी से बढ़ रहा है। जिसकी वजह से कई लॉकडाउन में ढील दी जा चुकी है। अब वहां की सरकार लंबे समय से बंद पड़ी दुकानों को फिर से खोलने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रिया भी टीकाकरण करने के साथ-साथ लॉकडाउन खोलने की तैयारी कर रहा है। वहां 3 मई से रीटेल और लोगों की जरूरत से की चीजों से जुड़ी दुकानें खोली जाएंगी। 19 मई तक देशभर में हटा लिया जाएगा।

तुर्की में 29 अप्रैल से अगले महीने की 17 तारीख तक लॉकडाउन, अब तक 46 लाख संक्रमित
तुर्की में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 29 अप्रैल से लॉकडाउन लागू किया जा रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैय्यव ऐर्डोगन ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाया जा रहा है। गुरुवार से शुरू हो रहा लॉकडाउन अगले महीने की 17 तारीख तक जारी रहेगा। तुर्की में महामारी शुरू होने के बाद से अभी तक 46 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और 38 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

दुनिया के 150 से अधिक धार्मिक नेताओं ने तेजी से वैक्सीनेशन के लिए छेड़ा अभियान
दुनियाभर के 150 से अधिक धार्मिक नेताओं ने कोरोना के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। सभी का मकसद है दुनिया में तेज गति से वैक्सीनेशन हो और इसमें आ रही बाधाओं को दूर किया जाए। अभियान में दलाई लामा समेत रोमन कैथोलिक चर्च के कार्डिनल पीटर टर्कसन शामिल हैं। सभी धार्मिक नेताचाहते हैं कि टीके पर राष्ट्रवाद खत्म हो और अगले माह जी-7 बैठक में टीकों की आपूर्ति की ठोस योजना बने।

जापान में 500 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सरकार से कहा ओलिंपिक आयोजन हमारे यहां न करें
जापान में कोरोना की चौथी लहर उफान पर है। इस बीच वहां ओलिंपिक खेलों का आयोजन भी होना है। इसे देखते हुए जापान की 500 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सरकार से कहा है कि उनके यहां ओलिंपिक से जुड़ा कोई आयोजन न हो। क्योंकि लॉकडाउन के कारण न तो उनकी माली हालत अच्छी है और न ही बाहर से आ रहे लोगों के संपर्क में आने का जोखिम वे अपने लोगों डाल सकते हैं। जापान में कई जगह इस समय लॉकडाउन है।

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