कोरोना से निपटने के लिए यूएई से सबक: आबादी से 4 गुना टेस्ट किए, 90% आबादी को वैक्सीन की एक डोज और 39% लाेगों को दोनों डोज लग चुकी हैं

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10 घंटे पहलेलेखक: दुबई से भास्कर के लिए शानीर एन सिद्दीकी

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मेडिकल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar

मेडिकल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते अधिकारी।

  • यूएई ने पहले कोरोना के डर को कैसे हराया, फिर कोरोना पर काबू पाया, अब एक माह से 2000 से कम केस आ रहे हैं
  • ऐसा देश, जिसने मरीजों को 5 स्टार होटल तक में क्वारेंंटाइन किया, हफ्ते में 2 बार फिल्में भी दिखाईं

हम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बैठकर कोरोना की बात करते हैं तो एक बात बाकी देशों से अलग रही है। सरकार ने पहले लोगों के मन से कोरोना के डर को हटाया। फिर संक्रमण पर काबू किया। आम जनजीवन वापस पटरी पर लौट चुका है। सब चीजें नार्मल तरीके से पुराने ढर्रे पर लौट चुकी हैं।

हालांकि हर व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग और सारे एहतियात का पालन अब भी कर रहा है। यह लड़ाई मनोवैज्ञानिक और जमीनी स्तर पर लड़ी गई। बीते साल मार्च में सरकार ने व्यवस्थित ढंग से लॉकडाउन किया। पहले स्कूल और धार्मिक स्थल बंद किए। फिर चरणबद्ध तरीके से गैरजरूरी प्रतिष्ठानों को बंद किया। रात में पूरी तरह मूवमेंट रोक दिया।

यहां लोगों को लॉकडाउन में जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि वाजिब वजह से बाहर जाने के लिए ऑनलाइन पास आसानी से मिलता रहा। ग्रॉसरी स्टोर और गैर कोरोना मरीजों के लिए हॉस्पिटल कभी बंद नहीं हुए। दूसरी बात, यहां के नागरिकों का सरकार पर भरोसा और सरकार द्वारा लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना, जिससे सबको सही हालात की सूचना मिलती रही और सबने अपने स्तर पर एहतियात बरती। चाहे हॉट स्पॉट्स की निगरानी का मसला हो या टेस्टिंग या हजारों बिस्तर के अस्पताल बनाने का मसला हो, यूएई की सरकार ने हर कदम पर मिसाल कायम की।

यह ऐसा देश है, जहां क्वारेंटाइन के दौरान लोगों को 5 सितारा होटल में भी रखा गया। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को हफ्ते में 2 बार हॉलीवुड-बॉलीवुड की फिल्में दिखाईं। जब एक मरीज 5 स्टार होटल या अपने पसंद के खाने की व्यवस्था या फिर फिल्म देखते हुए वीडियो पोस्ट करता तो वह संदेश व्यवस्था से कहीं बड़ा होता है। इन सबसे लोगों के बीच डर खत्म हुआ। हालांकि सख्ती भी करनी पड़ी। रमजान में ही अबूधाबी पुलिस ने नियम तोड़ने पर 39 सामाजिक समारोहों पर जुर्माना लगाया है।

यहां रमज़ान में 10 से अधिक लोगों की सभा पर रोक है। आयोजकों के लिए जुर्माना 2 लाख और प्रतिभागी के लिए 1 लाख रुपए है। दुबई में मार्च में 11 दुकानों को सील किया गया। सरकार ने सूचना तंत्र पर निगाह बनाए रखी। पॉजिटिव पाए जाने के बाद, सरकार के आदेश के बावजूद हॉस्पिटल में न भर्ती होने या होम क्वारेंटाइन के दौरान नियम न मानने वालांे पर 10 लाख रुपए के जुर्माने लगाए। शुरू में लोगों को गलती का अहसास कराने के लिए अखबारों में उनके फोटो छापे गए।

जनता ने भरोसा किया, पाबंदी मानी, टेस्ट के लिए लंबी कतारों में लगे

टेस्टिंग से तोड़ी संक्रमण की चेन, मामले कम हुए पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क जैसे उपाय अभी जारी

देश की पूरी 97.7 लाख आबादी का कोविड टेस्ट और वैक्सीनेशन क्रांतिकारी कदम साबित हुआ। लोगों के दिलों से कोरोना का डर निकल चुका था तो टेस्टिंग सेंटर्स और ड्राइव थ्रू टेस्टिंग सेंटर्स पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। किसी के मन में टेस्ट और वैक्सीन को लेकर कोई गलतफहमी नहीं है।

एक महीने से रोजाना 1700 से 2000 के बीच आ रहे मामले, कुल 5 लाख केस आए, 1571 मौतें

संक्रमण की बात करें एक महीने से नए मामलों की संख्या 1700-2000 के बीच है। लेकिन 97.7 लाख आबादी वाले देश में 1.2 करोड़ वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इसमें 90% को पहली और 39.4% आबादी को दोनों डोज लग चुकी हैं। देश की आबादी से चार गुना ज्यादा करीब 4.3 करोड़ टेस्ट हो चुके हैं।

मरीजों का टेस्ट और पूरा इलाज फ्री, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी लगातार लेते हैं हालचाल

18 अप्रैल को पॉजिटिव पाए गए बाबर सिद्दीकी बताते हैं कि जब रिपोर्ट आई तो हेल्थ मिनिस्ट्री के अधिकारी ने फोन करके पहले तो हालचाल पूछा। फिर एक सेंटर पर बुलाकर सारे टेस्ट, ऑक्सीजन, एक्सरे, सीटी स्कैन करने के बाद दवाएं दी गईं। एक वाच बैंड भी दिया गया, ताकि प्रशासन सेहत पर नजर रख सके।

विदेशी नागरिकों से एक पैसा नहीं लिया जा रहा, हर भाषा के जानकार डॉक्टर व काउंसलर तैनात

हेल्थ व कॉल सेंटर में सभी भाषाओं के जानकार डॉक्टर-काउंसलर हैं ताकि कोई असुविधा न हो। मार्च में विजिट वीसा पर आए बंगाल के सुवम पॉल कहते हैं कि यहां आने के बाद मैं पॉजिटिव हो गया। 14 दिन क्वारेंटाइन में डॉक्टर्स की निगरानी में रहा। पसंदीदा भारतीय खाना मिला। इसके लिए एक पैसा नहीं लगा।

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