ओम राउत से बातचीत: ‘आदिपुरुष’ के डायरेक्टर ने कहा-फिल्म की  रिसर्च पर 19 साल लगे,  7000 साल पुरानी कहानी दिखाना आसान नहीं

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19 घंटे पहलेलेखक: ज्योति शर्मा

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प्रभास स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ की शूटिंग हाल ही में मुंबई के एक स्टूडियो में चल रही थी। इस दुरान करीब 200 लोगों का क्रू सेट पर मौजूद रहता था। हालांकि, डायरेक्टर ओम राउत सभी कोविड गाइडलाइंस का पालन कर रहे थे। प्रोडयूसर शूटिंग रोकने के मूड में नहीं थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राउत ने फिल्म से जुड़ी खास बातें शेयर की:-

3डी तकनीक इस फिल्म की आत्मा है, रावण का किरदार सबसे चैलेंजिंग
इस फिल्म को हम 3डी तकनीक से शूट कर रहे हैं। ‘तान्हाजी…’ में भी हमने इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया था। ‘आदिपुरुष’ में हम उससे भी कई गुना आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। हमें सात हजार साल पहले की पृथ्वी दिखानी है। यह विषय की मांग है तो हमारा काम भी उसी तरह चल रहा है। संभवतः रावण दुनिया का सबसे मुश्किल किरदार है। इसके लिए मैंने सैफ को इसलिए चुना, क्योंकि वे हर किरदार को पूरे पैशन के साथ करते हैं। रावण का किरदार निगेटिव है और ‘तान्हाजी…’ में सैफ का किरदार भी निगेटिव ही था।

रियल लोकेशन पर शूट करने की कभी प्लानिंग नहीं थी
फिल्म की रिसर्च पर 19 साल का वक्त लगा है। सात हजार साल पहले की पृथ्वी को दिखाना आसान नहीं है। हम वैसा माहौल बना नहीं पाएंगे। फिल्म को रियल लोकेशन पर भी शूट नहीं कर सकते। इसलिए कोई प्लानिंग रियल लोकेशन पर शूट करने की नहीं थी। मैं जिस तरह की स्क्रिप्ट और सीन लिखता हूं, उसके लिए बहुत ज्यादा प्लानिंग होती है। हम अपनी प्लानिंग के हिसाब से ही चल रहे हैं। इस फिल्म को पहले दिन से ही हम स्टूडियो में शूट करने वाले थे। किसी भी बदलाव के साथ हम अपनी प्लानिंग और रुख नहीं बदल सकते। हालांकि करोना की वजह से स्टूडियो में शूट करना भी अब मुश्किल हो गया है।

हमेशा से इतिहास और माइथोलॉजी में इंट्रेस्ट रहा है
मुझे हमेशा से इतिहास और माइथोलॉजी में बहुत इंट्रेस्ट रहा है। कई बार ऐसा होता है कि कुछ कहानियां या किरदार पढ़ते वक्त आपको वह बहुत अच्छे लगते हैं। मैंने बचपन में अपने नाना-नानी या बुजुर्गों से जो कहानियां सुनी हैं, उससे बहुत प्रभावित रहा हूं तो कई बार लगता है कि हमें इन बेहतरीन कहानियों को लोगों तक नए तरीके से पहुंचाना चाहिए। यही वजह है कि मुझे ऐसे विषयों पर काम करने की बहुत इच्छा रहती है। फिलहाल मैं ‘आदिपुरुष’ पर ही फोकस कर रहा हूं। जल्द ही इसे पूरा करना है।”

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