पश्चिम बंगाल के जिलों को उत्पादों से मिलेगी खास पहचान, पढ़िए पूरी खबर


Agriculture News

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सरकार द्वारा एक ऐसी खास स्कीम लाई गई है, जिसकी मदद से हर प्रदेश को एक उत्पाद के माध्यम से पहचान मिलेगी. यह स्कीम वन डिस्ट्रिक्ट, वन फोकस प्रोडक्ट स्कीम (ODOFP Scheme) है, जिसके तहत देशभर के 728 जिलों के लिए उनके उत्पाद तय कर दिए गए हैं.

इस स्कीम में कृषि, बागवानी, पशु, पोल्ट्री, दूध, मत्स्य पालन और जलीय कृषि से जुड़े उत्पाद शामिल हैं. सबसे पहले हम उस राज्य की जानकारी देने वाले हैं, जहां विधानसभा चुनाव (Assembly Election) चल रहा है, तो आइए पश्चिम बंगाल (West Bengal) के जिलों के लिए तय किए गए प्रोडक्ट्स के बारे में जानकारी देते हैं.

पश्चिम बंगाल में ODOFP उत्पाद

 

बीरभूम 

 

सुगंधित चावल
दार्जिलिंग      

 

संतरा
हुगली  

 

आलू
हावड़ा  

 

नारियल
जलपाईगुड़ी     

 

अनानास
झारग्राम

 

काजू
कलिम्पोंग     

 

बड़ी इलायची
माल्दा 

 

आम
मुर्शिदाबाद     

 

आम
नादिया 

 

सरसों
उत्तर 24 परगना

 

सरसों/शहद
पश्चिम बर्धमान 

 

मीठा नींबू
पश्चिम मेदीनिपुर

 

तिल
पूर्व बर्धमान                            सुगंधित चावल
पुरुलिया

 

मेस्टा (रोजले)
दक्षिण 24 परगना      

 

अमरूद
उत्तर दिनाजपुर  

 

सुगंधित चावल

 

क्या है इस स्कीम का मकसद?

नीति आयोग की मानें, तो इस स्कीम की मदद से ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. इससे किसानों की आमदनी (Farmers Income) में भी बढ़ोत्तरी होगी. बता दें कि हर जिले के लिए एक विशेष उत्पाद की पहचान तय की गई है. इसके प्रोडक्शन से लेकर कंज्प्शन तक की वैल्यू चेन डेवलप करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि एक खास प्रोडक्ट को जिले के प्राइड का विषय बनाना है. इससे उसकी पहचान देश के कोने-कोने तक फैलेगी, साथ ही दुनियाभर में पहचान बनेगी. इसके अलावा प्रोडक्ट की मांग में इजाफा होगा, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा.

कहां से मिलेगा सहयोग

इसके लिए कृषि मंत्रालय पूरा सहयोग देगा, तो वहीं प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना की मदद से प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और अन्य कार्यों का कार्य किया जाएगा. इसके अलावा सरकार वैल्यू चेन डेवलप करने में भी पूरी मदद करेगी. आइए आपको बताते हैं कि विभिन्न जिलों के लिए कौन-कौन से उत्पाद हैं.

  • धान के लिए 40 जिले
  • गेहूं के लिए 5 जिले
  • मोटे एवं पोषक अनाज के लिए 25 जिले
  • दलहन के लिए 16 जिले
  • व्यावसायिक फसलों के लिए 22 जिले
  • तिलहन के लिए 41 जिले
  • सब्जियों के लिए 107 जिले
  • मसालों के लिए 105 जिले
  • वृक्षारोपण के लिए 28 जिले
  • फल के लिए 226 जिले
  • फूलों की खेती के लिए 2 जिले
  • शहद के लिए 9 जिले
  • पशुपालन/डेयरी उत्पाद के लिए 40 जिले
  • जलीय कृषि/समुद्री मत्स्य पालन के लिए 29 जिले
  • प्रसंस्कृत उत्पाद के लिए 33 जिले

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