पृथ्वी के बाहर पहली उड़ान: सोमवार को मंगल ग्रह के वातावरण में उड़ान भरेगा NASA का हेलिकॉप्टर इंजेन्यूटी, स्पेस एजेंसी की वेबसाइट पर होगा लाइव टेलीकास्ट

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वॉशिंगटन11 मिनट पहले

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16 अप्रैल को इंजेन्यूटी हेलिकॉप्टर ने रैपिड स्पिन टेस्ट पास किया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

16 अप्रैल को इंजेन्यूटी हेलिकॉप्टर ने रैपिड स्पिन टेस्ट पास किया है। (फाइल फोटो)

मंगल ग्रह पर अगर सबकुछ सही रहा था तो नासा का हेलिकॉप्टर इंजेन्यूटी सोमवार को उड़ान भर सकता है। यह हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह पर भीषण सर्दी का सामना कर रहा है। नासा ने इस बारे में जानकारी देते बताया कि अगर सबकुछ प्लान के तहत होता है तो सोमवार को इस ऐतिहासिक उड़ान को अंजाम दिया जा सकता है। पृथ्वी के बाहर पहली बार यह उड़ान भरी जाएगी। इसपर दुनियाभर की नजरें टिकी हुईं हैं। इससे पहले 11 अप्रैल को यह उड़ान होना था लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते टाल दिया गया था।

नासा की ऑफिशियल पर होगी उड़ान की लाइव स्ट्रीमिंग

नासा ने जानकारी दी है कि रोवर की तरह इस हेलिकॉप्टर मिशन के सफल और असफल होने की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाएगी। इससे जुड़ा डेटा भी कैलिफोर्निया टीम को मिलेगा। वहीं, नासा वेबसाइट पर इस उड़ान को लाइव देख सकते हैं। हेलिकॉप्टर पर नजर रख रही टीम ने उसके सॉफ्टवेयर को भी अपडेट किया है। 16 अप्रैल को हेलिकॉप्टर ने रैपिड स्पिन टेस्ट पास किया है। इसका खुलासा डेटा मिलने के बाद हुआ है। वहीं, अब इसे पृथ्वी से बिना किसी मदद के उड़ान भरना है।

अगर उड़ान सफल रही तो 4 फ्लाइट और टेस्ट की जाएंगी

इंजेन्यूटी की कंडिशन ठीक है। इसका एनर्जी कम्युनिकेशन सिस्टम भी सही काम कर रहा है। अगर हेलिकॉप्टर टेक ऑफ और कुछ दूर घूमने में सफल रहा तो मिशन 90% सफल रहेगा। अगर इसकी लैंडिंग सफल होती है, और उसके बाद भी सही काम करता है तो चार फ्लाइट्स और टेस्ट की जाएंगी। यह पहली बार किया जा रहा टेस्ट है।

इस हेलिकॉप्टर की जरूरत क्यों है?
मंगलग्रह पर इसकी जरूरत इसलिए है, क्योंकि वहां अनदेखी-अनजानी सतह बेहद ऊबड़-खाबड़ है। मंगल के ऑर्बिट में चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर इसकी ऊंचाई सेएख सीमा तक ही साफ-साफ देख सकते हैं। रोवर से सतह के हर हिस्से में पहुंचना नमुमकिन है। ऐसे में हेलिकॉप्टर की जरूरत है।

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