अगर ऐसा ही रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब फ्री जैसी कीमत में मिलेगा आपको सोना! जानें क्यों?

Gold and silver

Price of Gold and  Silver:  सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी का खेल जारी रहता है. कभी सोना आगे रहता है, तो कभी चांदी आगे रहती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ता पर पड़ता है, क्योंकि  भारत जैसे देश में हमेशा से ही सोना चांदी की उपयोगिता अपने चरम पर रही है, जिसको ध्यान में रखते हुए हमेशा से लोगों की निगाहें सोना चांदी कीमत में आने वाले बदलावों पर टिकी ही रहती है, तो चलिए इस रिपोर्ट हम आपको आज के सोना चांदी के दाम से रूबरू कराते हैं.

यहां जानें सोने का दाम

इसके साथ ही अगर सोने के दाम की बात करें, तो पिछले कुछ दिनों से सोने के दाम में गिरावट का सिलसिला जारी है. बुधवार को भी सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई थी. वहीं, आज गुरुवार को भी सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई थी. मल्टी कॉमोडिटी एक्सचेंज (MCX )  पर वायदा भाव सोना 68 रूपए सस्ता होकर 46,299 रूपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना का दाम 46,362 पर प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और आज फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई है. अब आगे चलकर सोने के दाम क्या रूख अख्तियार करते हैं, यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा.

चांदी के दाम

वहीं, अगर चांदी के दाम की बात करें, तो इमसें भी कुछ दिनों से सुस्ती का सिलसिला जारी है. बीते कारोबारी सत्र के बाद आज फिर इसकी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को चांदी की कीमत 234 रूपए कम होकर 66,400 रूपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. इससे पहले कारोबारी सत्र में सोना 66,634 रूपए पर पहुंचा था. खैर, अब आगे चलकर सोना क्या रूख अख्तियार करता है. यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा. 

जानें, कैसा है हाजिर बाजार का हाल

वहीं, अगर हाजिर बाजार के हाल की बात करें, तो यहां भी सोने चांदी की कीमत में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है. बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान राजधानी दिल्ली में सोना 587 रूपए महंगा होकर 45,767 रूपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुका था. उधर, चांदी की कीमत की बात करें, तो इसमें भी लगातार गिरावट का सिलसिला बरकरार है.

यहां हम आपको बताते चले कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश करने के बाद से लगातार सोना सस्ता हो रहा है. दरअसल, वित्त मंत्री ने अपने बजट में आयात शुल्क में भारी कटौती करने का ऐलान किया था. सोना चांदी के आयात शुल्क 12.05 फीसद थी, जो वित्त मंत्री के ऐलान के बाद 7.5 फीसद हो गई है.

2020 में अपने चरम पर थी सोने की कीमत

इससे पहले 2020 में जब पूरा देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तब सोने की कीमत अपने चरम पर पहुंच चुकी थी. वजह यह थी कि निवेशक शेयर मार्केट से दूर जाकर सर्राफा बाजारों में निवेश कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप लगातार सोना चांदी की कीमत में इजाफा देखने को मिल रहा था. आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि आर्थिक चुनौतियों के बीच सोने की कीमत अपने चरम पर पहुंच जाती है. 

Source link

Leave a Reply