गिर के सबसे बुजुर्ग शेर की मौत: 22 साल जीने का रिकॉर्ड बनाकर धीर ने दुनिया से विदा ली, बीमारी की वजह से खाना छोड़ दिया था

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जूनागढ़28 मिनट पहले

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5 साल की उम्र में धीर को रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद से 17 साल तक वह इस जू में रहा। - Dainik Bhaskar

5 साल की उम्र में धीर को रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद से 17 साल तक वह इस जू में रहा।

एशियाटिक लॉयंस के लिए मशहूर गुजरात के गिर फॉरेस्ट के सबसे उम्रदराज शेर धीर ने शनिवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। धीर ने 22 साल का लंबा जीवन जिया। जूनागढ़ के सक्करबाग जू में उसकी मौत हुई। धीर से पहले गिर फॉरेस्ट में कोई शेर 20 साल की उम्र पूरी नहीं कर पाया था। इस रिकॉर्ड को 2 साल पहले धीर ने ही तोड़ा था।

15-17 साल ही जीते हैं शेर
एशियाटिक लॉयंस की उम्र ज्यादा से ज्यादा 15 से 17 साल के बीच ही होती है। हालांकि, गिर फॉरेस्ट में कुछ शेर 19-20 साल की उम्र तक भी जिंदा रहे। धीर ने 22 साल लंबा जीवन जीकर नया रिकॉर्ड बनाया है।

धीर से पहले कोई शेर 20 साल की उम्र तक जिंदा नहीं रह पाया था।

धीर से पहले कोई शेर 20 साल की उम्र तक जिंदा नहीं रह पाया था।

2004 में रेस्क्यू किया गया था धीर
सक्करबाग जू के RFO नीरव मकवाणा ने बताया कि धीर जूनागढ़ के सक्करबाज जू में पिछले 17 साल से रह रहा था। उसे 2004 में गिर फॉरेस्ट से ही रेस्क्यू किया गया था। 5 साल की उम्र से सक्करबाग जू ही धीर का घर बना हुआ था।

वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था। इस वजह से उसकी चहलकदमी भी थम गई थी। पहले की अपेक्षा उसकी खुराक भी कम होती जा रही थी। वन विभाग की मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। शनिवार सुबह धीर ने आंखें नहीं खोलीं। इसी के साथ सक्करबाज जू का वह बाड़ा सूना हो गया, जहां धीर की दहाड़ गूंजती रहती थी।

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