बॉलीवुड ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा: NCB को शक था कि अर्जुन रामपाल साउथ अफ्रीका भाग सकते हैं; इस केस में अभी तक किसी को क्लीन चिट नहीं

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मुंबई5 घंटे पहले

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बॉलीवुड ड्रग्स कनेक्शन की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भले ही एक्टर अर्जुन रामपाल से अब पूछताछ नहीं कर रही, लेकिन रामपाल अब भी NCB के रडार पर हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही NCB ने कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में यह खुलासा किया था। चार्जशीट में आशंका जताई गई थी कि रामपाल साउथ अफ्रीका भागने की फिराक में थे।

इस मामले में NCB ने 3 दिसंबर 2020 को रिपब्लिक ऑफ साउथ अफ्रीका के काउंसलेट जनरल को लेटर लिखा था, जिसमें कहा गया था, ‘NCB ने जिस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था, उसी मामले में अर्जुन रामपाल भी सस्पेक्ट हैं। हमें शक है कि वे भारत छोड़कर साउथ अफ्रीका जा सकते हैं।’

चार्जशीट में 33 लोगों के नाम, किसी को क्लीन चिट नहीं
सुशांत सिंह केस में NCB ने 50 हजार पेज की चार्जशीट पेश की थी। इसमें कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया गया था। चार्जशीट में रामपाल की गर्लफ्रेंड के भाई एजिसिलोस डेमेट्रियड्स का नाम भी शामिल है, जिसे ड्रग्स से जुड़े दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक चक्रवर्ती और सुशांत के घर के मैनेजर सैमुअल मिरांडा और कुक दीपेश सावंत के नाम भी शामिल हैं। NCB ने अभी इस मामले में किसी को क्लीन चिट नहीं दी है।

रामपाल के घर से प्रतिबंधित दवाएं मिली थीं
NCB ने 9 नवंबर 2020 को अर्जुन रामपाल के घर पर छापा मारा था। इस दौरान NCB ने यहां से Clonazepam Dispibleible Tablet Clonotril के 14 टैबलेट और Ultracet Tramadol Hydrochloride और Acetaminophen की चार गोलियां जब्त की थीं। इसके अलावा iPhone 11 प्रो मैक्स, एक मैकबुक प्रो और दो iPhone 10s और एक मैकबुक एयर भी जब्त किए थे।

रामपाल से दो बार हुई पूछताछ में इन बातों का खुलासा हुआ
दैनिक भास्कर के हाथ NCB की चार्जशीट का वह हिस्सा लगा है, जिसमें रामपाल का बयान दर्ज है। NCB ने अभिनेता अर्जुन रामपाल से दो बार पूछताछ की थी। रामपाल ने 13 नवंबर 2020 को अपना पहला बयान दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, पर्सनल डिटेल्स, मॉडलिंग और फिल्मों का सफर, फाइनेंशियल स्थिति और पर्सनल लाइफ के बारे में बात की थी। जिसमें उनकी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स की जानकारी भी शामिल थी। रामपाल ने बताया था कि कैसे वे 2014 में गैब्रिएला से मिले और 2018 में दोनों ने एक साथ रहना शुरू किया और अगले साल उन्हें एक बच्चा हुआ।

रामपाल का दावा- प्रतिबंधित दवाएं बहन और कुत्ते की थी
NCB को दिए बयान में रामपाल ने कहा था कि उनके घर से मिली Ultracet (tramadol) टैबलेट उनके डॉग ब्रैंडो के लिए डॉक्टर ने प्रेसक्राइब्ड की थी। जबकि दूसरी दवा Clonazepam Dispibleible Tablet उनकी बहन की थी। जिसे सितंबर 2019 में दिल्ली के डॉ. रोहित गर्ग ने प्रेसक्राइब्ड किया था। रामपाल ने बताया कि उनकी बहन कैप्री हाइट्स स्थित घर में लंबे समय तक उनके साथ रहीं थीं।

गर्लफ्रेंड के भाई के साथ कनेक्शन पर रामपाल ने यह कहा था
रामपाल से उनकी गर्लफ्रेंड के भाई डेमेट्रियड्स के बारे में भी पूछताछ की गई थी। एजेंसी को जानकारी मिली थी कि डेमेट्रियड्स, रामपाल के नाम का इस्तेमाल कर ड्रग्स के कारोबार को चला रहा था। चार्जशीट के मुताबिक, इसी मामले में NCB को संदेह है कि रामपाल भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हो सकते हैं। डेमेट्रियड्स को लेकर रामपाल ने कहा था, ‘मैं लगभग डेढ़ साल पहले एजिसिलोस डेमेट्रियड्स से मिला था। मैं उससे परिचित हूं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से नहीं। मैं अपने पूरे जीवन में 15 से 16 बार उससे मिला हूं। मैं 12 अक्टूबर को उसके जन्मदिन पर उससे मिला था और 18 जुलाई 2020 को वे मेरे बेटे के जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुए थे।’

वॉट्सऐप चैट को लेकर यह था जवाब
NCB अधिकारियों ने रामपाल को स्टुअर्ट नाम के व्यक्ति के साथ एजिसिलोस डेमेट्रियड्स के वॉट्सऐप चैट दिखाए और उनसे चैट को समझाने के लिए कहा। इस पर रामपाल ने कहा, ‘मैं स्टुअर्ट के बारे में कुछ नहीं जानता। मुझे चैट से जुड़ी किसी भी बातचीत की जानकारी नहीं है।’

रामपाल का दावा- चैट में जिस अर्जुन का जिक्र, वह मैं नहीं
अधिकारियों ने रामपाल को डेमेट्रियड्स और स्टुअर्ट के बीच बातचीत का एक और चैट दिखाया, जहां एजिसिलोस डेमेट्रियड्स अर्जुन रामपाल के नाम का इस्तेमाल कर रहा था और उन्हें दोस्त और बॉस कह रहा था। इस पर रामपाल ने कहा, ‘मैं यह समझाना चाहता हूं कि फ्रेंड और बॉस मैं नहीं हूं, मेरी जानकारी के अनुसार वह अर्जुन D नाम के शख्स के साथ काम कर रहा था।’

एक ग्रुप चैट को लेकर भी पूछे गए सवाल
रामपाल से एक वॉट्सऐप ग्रुप चैट के बारे में पूछा गया, जहां किसी अंतरराष्ट्रीय नंबर वाले व्यक्ति ने उनसे पूछा था कि मैथ के बारे में क्या। जवाब में अर्जुन ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने उस मैसेज का जवाब ? (क्वेश्यन मार्क) और वॉट्स मैथ के साथ दिया है।’

रामपाल और डेमेट्रियड्स के बीच हैश को लेकर हुई बात
रामपाल को एजिसिलोस डेमेट्रियड्स और उनके बीच हुई एक और बातचीत दिखाई गई, जहां डेमेट्रियड्स ने पूछा कि क्या वह ऐसा कुछ चाहता है, जिसके लिए रामपाल ने जवाब दिया- All good bro… इसके बाद एजिसिलोस डेमेट्रियड्स ने फिर हैश पूछा।

दिल्ली के डॉक्टर ने कहा- रामपाल की बहन कभी क्लिनिक पर नहीं आईं
NCB ने दवाइयों को लेकर अर्जुन रामपाल की ओर से पेश किए गए प्रेस्क्रिप्शन को भी वैरिफाई कर लिया है। कुत्ते की दवा का पर्चा एक पशु चिकित्सालय का ही है। हालांकि रामपाल ने जिस डॉक्टर गर्ग का प्रेसक्रिप्शन NCB को दिया था, उन्होंने (डॉक्टर) अपने बयान में कहा, ‘मेरे पास कोमल रामपाल का कोई रिकॉर्ड नहीं है, वे मेरे चितरंजन पार्क, नई दिल्ली वाले क्लीनिक में इलाज के लिए कभी नहीं आईं।’

पर्चे पर 10 नवंबर की जगह गलती से 5 नवंबर लिखा
हालांकि, डॉ. गर्ग ने यह माना कि फोन पर कोमल के लिए 10 नवंबर को उन्होंने एडवाइज दी थी और गलती से मेडिकल पर्चे पर यह तारीख 5 नवंबर 2020 लिख दी गई। इस पर्चे को कोमल की दोस्त आरती ने क्लीनिक आकर कलेक्ट किया था। उन्होंने यह भी बताया कि वह NCB के मामले और छापेमारी से पूरी तरह से अनजान थे। बता दें कि NCB ने 9 नवंबर को रामपाल के घर रेड की थी। डॉक्टर के इस बयान के बाद NCB को संदेह है कि इस मामले में कुछ बड़ी गड़बड़ है।

दूसरी बार रामपाल से 11 सवाल पूछे गए
NCB ने 21 दिसंबर को रामपाल को फिर से तलब किया, जहां उनसे क्लोनाजेपम टेबलेट के बारे में 11 सवाल पूछे गए। डॉक्टर के बयान के आधार पर NCB की टीम ने जब अर्जुन रामपाल से सवाल किया तो उन्होंने यह कहा कि मेडिकल पर्चा कोमल रामपाल के नाम पर है, इसलिए इसका जवाब उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। एजेंसी ने इसके बाद कोमल रामपाल के बयान भी दर्ज किए, लेकिन अभी तक उन्हें क्लीन चिट नहीं मिली है।

रिपोर्ट: निशात शम्सी

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