बांधवगढ़ में बाघिन की मौत पर सवाल: जिस मगधी रेंज में 4 दिन तक आग लगी, वहां बाघ से संघर्ष के बाद बाघिन की मौत; अफसरों ने 2 दिन जानकारी छिपाई

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उमरियाएक घंटा पहले

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  • लोग बोले- कुछ तो गड़बड़ है, ठोस जांच होनी चाहिए

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आगजनी की घटना के ठीक एक दिन बाद मगधी रेंज के खुशरवाह में करीब 13 वर्षीय बाघिन का शव मिला है। घटना मंगलवार की है। फील्ड डायरेक्टर विसेंट रहीम के मुताबिक बाघिन की मौत मेटिंग के लिए आपस में लड़ाई से हुई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रबंधन के दावों के उलट मौत के कारणों पर सवाल खड़ा करते हुए बाघिन की मौत की जांच की मांग की है।

चार दिन से चार रेंज में लगी हुई थी आग, मौत से पार्क प्रबंधन घेरे में
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की चार रेंज में पिछले चार दिनों से आग लगी हुई थी। आग की लपटें टाइगर कोर एरिया तक पहुंच गई थी। मगधी, खितौली, पनपथा और पतौर रेंज में लगी आग पर समय रहते काबू नहीं पाने के कारण भी पार्क प्रबंधन सवालों के घेरे में था। हालांकि, पार्क प्रबंधन का दावा है कि जिस जगह बाघिन की मौत हुई है, वहां तक आग नहीं पहुंची थी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ तो गड़बड़ है, जिसकी जांच जरूरी है। दो दिन तक प्रबंधन ने इसकी जानकारी भी दबाए रखी।

यहां पढ़ें…बाघों के गढ़ में आग, टाइगर कोर एरिया तक पहुंची लपटें

शव के आसपास बाघ के फुट मार्क मिले: प्रबंधन
टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रहीम ने बताया कि 30 मार्च की रात मगधी परिक्षेत्र की रोहनिया बीट में देर रात बाघिन का शव मिला। शव का पोस्टमॉर्टम 31 मार्च को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, NTCA के प्रतिनिधि और अन्य वन अधिकारियों की मौजूदगी में सहायक वन्य जीव शल्य नितिन गुप्ता ने किया।

स्निफर डॉग से भी घटनास्थल की जाचं करवाई गई, जिसमें 500 मीटर दूर नर बाघ देखा गया। शव के आसपास भी बाघ के फुट मार्क मिले हैं। बाघिन के गले और कंधे पर घाव के निशान भी मिले हैं। प्राथमिक रूप से आपसी लड़ाई में बाघिन की मृत्यु होने की आशंका है।

वन्यजीवों को नुकसान की आशंका
टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के अनुसार लगातार चार दिनों तक जंगल में आग लगने से नुकसान हुआ है। पक्षियों के घोंसले जल गए हैं। सांप सहित दूसरे वन्य प्राणियों को नुकसान हुआ है। वन्य प्राणी प्रेमी बताते हैं, टाइगर रिजर्व का मगधी रेंज वनस्पतियों के साथ ही विविध वन्य प्राणियों और छोटे जीवों के लिए जाना जाता है।

नुकसान और कमियां छिपाने में जुटा प्रबंधन
क्षेत्र में लगातार चार दिनों तक भड़की आग को लेकर टाइगर रिजर्व प्रबंधन बैकफुट पर है। सूत्रों का कहना है, प्रबंधन नुकसान छिपाने के साथ ही समय रहते काबू पाने के मामले में कमियां छिपाने की तैयारी में जुटा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आग से हुए नुकसान का जायजा वन मंत्री कुंवर विजय शाह 2 अप्रैल से लेंगे।

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