Children Vaccine: 12 से 15 साल के बच्चों के लिए इस कंपनी ने बनाई कोरोना वैक्सीन, 100% असरदार होने का दावा किया

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरीकी कंपनी फाइजर ने 12 से 15 साल के बच्चों के लिए कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार कर ली है। कंपनी ने दावा किया है कि वैक्सीन बच्चों पर 100 प्रतिशत असरदार है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका में 16 वर्ष के बच्चों व युवाओं को भी फाइजर वैक्सीन दी जा रही है। बता दें कि वैक्सीन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर इंक और बायोनटेक एसई ने हाल ही में 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल कि शुरुआत की थी।

2022 तक छोटे बच्चों को वैक्सीन लगने की उम्मीद
सभी कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को उम्मीद है कि साल 2022 तक 12 साल से छोटे बच्चों को भी कोरोना का टीका लगाने की शुरुआत की जा सकती है। जानकारी के अनुसार पिछले हफ्ते कंपनी मॉडर्ना इंक ने एक ट्रायल लॉन्च किया था, जिसमें 6 महीनें के बच्चों को भी टीका लगाया गया था। फिलहाल, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में सिर्फ फाइजर इंक और बायोनटेक SE का उपयोग 16 व 17 साल के बच्चों पर किया जा रहा है। वहीं मॉडर्ना इंक का शॉट 18 व उससे अधिक उम्र वालों को दिया जा रहा है। भारत में अभी तक फ्रंटलाइन वॉरियर्स और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है। बच्चों को अभी टीकाकरण की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।

1 अप्रैल से 45 से अधिक उम्र वालों को टीकाकरण 
भारत में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोविड-19 टीकाकरण की 1 अप्रैल से शुरुआत करेंगे। आज (बुधवार 31 मार्च) को टीकाकरण की तैयारियों के बीच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समीक्षा बैठक की गई थी। बैठक में शामिल लोगों से कहा गया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें, जहां टीका लगवाने वालों की संख्या कम हो। बैठक में खास तौर पर ऐसे जिलों को भी चिन्हित करने को कहा गया, जहां संक्रमण के नए मामलें तेजी से देखने को मिल रहे हैं, वहां सख्ती करें। साथ ही केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर
दुनिया में कोरोना एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, और लोगों को जागरुक कर मास्क लगाने, हाथ सैनेटाइज करने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की बार-बार अपील की जा रही है।

Source link

Leave a Reply