वायरल वीडियो: अनुपम खेर ने ‘मिडिल क्लास’ पर लिखी दिलचस्प कहानी, वीडियो शेयर कर बोले-ये लाइनें मेरे दिल की गहराइयों से निकलीं हैं

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3 घंटे पहले

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दिग्गज एक्टर अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वे आए दिन अपने फैंस के साथ अपनी लाइफ, फैमिली और प्रोफेशन से जुड़ी बातें शेयर करते रहते हैं। इतना ही नहीं वे कई फोटोज और वीडियोज भी साझा करते हैं। अब हाल ही में अनुपम ने इंडियन सोसाइटी की ‘मिडिल क्लास’ पर एक दिलचस्प कहानी लिखी है, जो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए फैंस के साथ शेयर की है। अपनी इस कहानी में उन्होंने ‘मिडिल क्लास’ लोगों की लाइफ, उनके सपनों और उनकी कभी हार न मानने वाली स्पिरिट के बारे में बताया है। अनुपम खुद भी एक लोअर-मिडिल क्लास फैमिली से आए हैं।

अनुपम खेर ने कहानी पड़ते हुए अपनी एक वीडियो शेयर कर इसके कैप्शन में लिखा, “भारतीय मिडिल क्लास की कहानी…दोस्तों! मैं पैदा हुआ लोअर मिडिल क्लास में। जैसे तैसे मेहनत करके पहुंचा अपर मिडिल क्लास में। ये लाइनें मेरे दिल की गहराइयों से निकलीं हैं। आप सुनेंगे और शर्तिया मुस्कुराएंगे। क्योंकि ये हम सबकी कहानी है। सुनिए, मुस्कुराइए और शेयर करिए, जय हो।” उनकी कहानी का यह वीडियो काफी वायरल हो गया है और फैंस को पसंद भी आ रहा है।

अनुपम खेर की ‘मिडिल क्लास’ पर कहानी
वीडियो में अनुपम खेर ‘मिडिल क्लास’ पर कहानी बताते हुए दिखाई दे रहे हैं। अपनी इस कहानी की शुरुआत करते हुए अनुपम कहते हैं कि ‘मिडिल क्लास’ वालों की कहानी। आगे वे कहते हैं, “मिडिल क्लास लोगों की आधी जिंदगी झड़ते हुए बाल और बढ़ते हुए पेट को रोकने में ही चले जाती है। दोस्तों इन घरों में पनीर की सब्जी आम तौर पर भी तभी बनती है, जब दूध गल्ती से फट जाता है। और मिक्स वेजिटेबल की सब्जी भी तभी बनती है, जब रात वाली सब्जी बच जाती है। इनके यहां फ्रूटी, कोल्ड ड्रिंक और बियर की बोटल भी एक साथ तभी आते हैं, जब घर में कोई बढ़िया अपर क्लास वाला रिश्तेदार आ रहा होता है। छानते समय चाय की पत्ती को दबाकर लास्ट बूंद तक निचोड़ लेना ही, मिडिल क्लास वालों के लिए परम सुख की अनुभूति होता है। यह लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल नहीं करते ना जी ना, सीधा अगरबत्ती जला लेते हैं। मिडिल क्लास भारतीय परिवार के घरों में गेट-टुगेदर नहीं होता है, यहां सत्यनारायण भगवान की कथा होती है। इनका फैमिली बजट इतना सटीक होता है कि सैलरी अगर 1 तारीख की बजाए 2 तारीख को मिल जाए, तो गुल्लक फोड़नी पड़ती है। मिडिल क्लास लोगों की आधी जिंदगी तो ना ना बहुत महंगा है, यही बोलने में निकल जाती है। अमीर शादी के बाद हनीमून पर चले जाते हैं। और मिडिल क्लास लोगों की शादी के बाद किराए के टेंट, बरतन वाले पैसा वसूली के लिए पीछे पड़ जाते हैं। एक सच्चा मिडिल क्लास आदमी गीजर बंद करके तब तक नहाता रहता है, जब तक नल से ठंडा पानी आना शुरू ना हो जाए। रूम ठंडा होते ही AC बंद करने वाला मिडिल क्लास आदमी चंदा देने के वक्त नास्तिक होता है और प्रसाद खाने के वक्त आस्तिक होता है। हकीकत में मिडिल क्लास मैन की हालत लंगर के बीच में बैठे हुए उस आदमी की तरह होती है, जिसके पास पूरी, सब्जी, हलवा चाहे इधर से आए, चाहे ऊधर से आए, लेकिन उस तक पहुंचते-पहुंचते अचानक खत्म हो जाता है। मिडिल क्लास के सपने भी लिमिटिड होते हैं, टंकी भर गई है, मोटर बंद करना है, गैस पर दूध उबल गया है, चावल जल गया होगा, इसी टाइप के सपने आते हैं। मिडिल क्लास का बंदा दिल में अनगिनत सपने लिए, बस चलता रहता है, चलता रहता है। लेकिन, दोस्तों इन सब के बावजूद आमतौर पर मिडिल क्लास के मां-बाप ही अपने सपनों को अधूरा छोड़कर, अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने की पूरी कोशिश करते हैं। ताकि, जैसे-तैसे मिडिल क्लास से वो बाहर निकल सकें। इसलिए, मिडिल क्लास वालों की जय हो।”

अनुपम ने बनाया था गंजों पर गाना
इससे पहले अनुपम खेर ने गंजों पर एक गाना बनाकर अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “दुनिया भर के गंजों को समर्पित..आज से 40 साल पहले जब मैं मुंबई फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने आया था, तो मेरे बाल झड़ रहे थे और अस्त व्यस्त थे। लोग इसे मेरी किस्मत कहते थे और मैं इसे अपनी खासियत कहता था। ऐसे में मैंने खुद को और जमाने को हंसाने के लिए गंजो पर ये गाना लिखा।” उनका यह मजेदार वीडियो भी बहुत वायरल हुआ था और फैंस को काफी पसंद भी आया था।

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