पड़ोसी के साथ कारोबारी रिश्तों में मिठास: पाकिस्तान 2 साल बाद भारत की चीनी से मुंह मीठा करेगा, कपास और धागों के आयात को भी मंजूरी

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इस्लामाबादएक घंटा पहले

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भारत के साथ बिगड़े कारोबारी रिश्ते सुधारने के लिए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने बड़ा कदम उठाया है। उसने प्राइवेट सेक्टर को भारत से चीनी के अलावा कपास और धागों के आयात की इजाजत दे दी है। इसके साथ ही इन दोनों चीजों के आयात पर पड़ोसी मुल्क में लगा 2 साल का बैन खत्म हो गया है।

अगस्त-2019 में पाकिस्तान ने तोड़े थे कारोबारी रिश्ते
अगस्त, 2019 में भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को आर्टिकल-370 के तहत मिले खास दर्जे को खत्म कर दिया था। इसे राज्य से केंद्रशासित प्रदेश बनाकर लद्दाख को अलग कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत से कारोबारी रिश्ते तोड़ लिए थे। चीनी और कपास के आयात की इजाजत दिए जाने वाली खबर दोनों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने के लिए उठाए जा रहे हालिया कूटनीतिक कदमों के बीच आई है।

चीनी के अलावा कॉटन और धागों के आयात की इजाजत
न्यूज एजेंसी रायटर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान की इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन काउंसिल ने कॉटन और धागों के आयात की इजाजत दी है। पाकिस्तान में अहम आर्थिक फैसले लेने वाली इस संस्था ने प्राइवेट सेक्टर को भारत से 5 लाख टन चीनी के आयात की भी इजाजत दी है।

इमरान ने कहा था, सभ्य पड़ोसियों की तरह रहना चाहिए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सीजफायर के ऐलान के कुछ दिनों बाद श्रीलंका की 2 दिन की यात्रा के दौरान कहा था कि सभी मसले बातचीत से हल किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा था कि भारतीय उपमहाद्वीप में गरीबी से निपटने के लिए जरूरी है कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच कारोबारी संबंधों में सुधार आए। हमें यूरोपियन देशों की तरह सभ्य पड़ोसियों की तरह रहना चाहिए।

पाकिस्तानी खरीदारों ने पूछताछ शुरू की
रायटर ने 5 डीलरों से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तानी खरीदारों ने चीनी और कपास की खरीदारी को लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। पड़ोसी मुल्क के कारोबारियों को दूसरे देशों के मुकाबले भारत से चीनी मंगाना बहुत सस्ता तो, कपास लेना थोड़ा-बहुत सस्ता पड़ रहा है।

पाकिस्तान में चीनी का भाव भारत के मुकाबले दोगुने से थोड़े कम
भारत दुनिया में कॉटन का सबसे बड़ा और चीनी का दूसरा सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है। पड़ोसी मुल्क को चीनी बेचे जाने से घरेलू बाजार में इसका स्टॉक कम होगा। इससे रमजान से पहले पाकिस्तान में आसमान छू रहा चीनी का भाव नीचे आ सकेगा।

पाकिस्तान में फिलहाल चीनी का भाव 694 डॉलर (50,777 भारतीय रुपए) प्रति टन चल रहा है। यह भारतीय चीनी के दाम के दोगुने से थोड़ा कम है। जहां तक भारतीय कपास की बात है तो यह भी पाकिस्तान को दूसरे मुल्कों से 5% तक सस्ता पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से चीनी मंगाने के 2 टेंडर मार्च में खारिज
एक ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म के इंडिया हेड ने पहचान जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर कहा कि पड़ोसी मुल्क से चीनी और कपास की कीमत की पूछताछ हो रही है। पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से 50,000 टन चीनी मंगाने के लिए फरवरी में 2 टेंडर जारी किए थे। हालांकि, दोनों टेंडर इसी महीने खारिज कर दिए गए। पहले टेंडर में 540.10 डॉलर (39,516 रुपए) और दूसरे में 544.10 डॉलर (39,809 रुपए) प्रति टन का रेट ऑफर किया गया था। इसमें ढुलाई भाड़ा भी शामिल था।

भारत की चीनी थाईलैंड से सस्ती
एक ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी के डीलर ने कहा कि भारत की चीनी थाईलैंड से सस्ती पड़ रही है। पाकिस्तानी ट्रेडर दुबई वाले ऑफिस से अफगानिस्तान में डिलीवरी वाली चीनी मंगाते रहे हैं। अगर वे भारत से चीनी मंगाएंगे तो सीधे अपने यहां डिलीवरी पा सकेंगे।

भारत का कॉटन 4-5% सस्ता
ट्रेडरों ने बताया कि भारत की चीनी उनको ढुलाई खर्च बिना 410 से 420 डॉलर (30,004-30,735 रुपए) प्रति टन के भाव पर मिल रही है। कपास के बारे में डीडी कॉटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण सेकसरिया कहते हैं कि पाकिस्तान को भारत से कॉटन मंगाना दूसरे देशों के मुकाबले कम से कम 4-5% सस्ता पड़ेगा।

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