ग्राउंड रिपोर्ट: म्यांंमार से हजारों शरणार्थी मणिपुर पहुंच रहे, गोली लगने से घायल भी; सरकार ने कहा- मानवीय कदम उठा रहे, इलाज मुहैया कराने सहित कई फैसले लिए

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21 मिनट पहलेलेखक: दिलीप कुमार शर्मा

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मणिपुर के मानवाधिकार वर्कर बबलू लोइटोंगबाम बताते हैं कि मणिपुर में ऐसे करीब एक हजार शरणार्थी पहुंच चुके हैं। इनमें फायरिंग में जख्मी लोग भी हैं, जिनका यहां इलाज चल रहा है। - Dainik Bhaskar

मणिपुर के मानवाधिकार वर्कर बबलू लोइटोंगबाम बताते हैं कि मणिपुर में ऐसे करीब एक हजार शरणार्थी पहुंच चुके हैं। इनमें फायरिंग में जख्मी लोग भी हैं, जिनका यहां इलाज चल रहा है।

म्यांमार में सेना के तख्तापलट के बाद से जारी ‘खूनी संघर्ष’ के कारण हजारों नागरिक देश के पूर्वोत्तर राज्यों में शरण ले रहे हैं। म्यांमार से अब तक सबसे ज्यादा शरणार्थी मिजोरम में घुसे है। मणिपुर के मानवाधिकार वर्कर बबलू लोइटोंगबाम बताते हैं कि मणिपुर में ऐसे करीब एक हजार शरणार्थी पहुंच चुके हैं। यहां भागकर आए म्यांमार के लोगों से मेरी मुलाकात हुई है।

इनमें फायरिंग में जख्मी लोग भी हैं, जिनका यहां इलाज चल रहा है। वे कहते हैं, सीमाई शहर मोरेह में कुछ छिपकर भी रह रहे हैं। चूकि लोग जान बचाकर वहां से भाग रहे है लिहाजा भारत सरकार को एक सही व्यवस्था के तहत इन लोगों की पहचान करके उन्हें शिविरों में रखना चाहिए। उसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस भेजने की एक पॉलिसी तैयार करने की जरूरत है।’

लोइटोंगबाम कहते हैं, म्यांमार से भागकर आए लोगों ने उन्हें बताया कि वे स्थिति सामन्य होने तक यहीं रहना चाहते है। वहीं, मिजोरम के सीमावर्ती सेरछिप जिले में इस घटना को कवर कर रहे स्थानीय पत्रकार सी. लालहिंघलुआ कहते है कि जो लोग म्यांमार से यहां आए है उनमें कई पुलिस अधिकारी हैं। उन्होंने निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के निर्देश का पालन नहीं किया।

दूसरी ओर, जनाक्रोश के डर से मणिपुर सरकार ने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें जिला प्रशासन को शरणार्थियों के लिए भोजन व आश्रय देने के लिए मना किया था। अब कहा है, हम सभी मानवीय कदम उठा रहे हैं। घायलों को इलाज मुहैया कराने सहित कई अहम कदम उठाए हैं।

पड़ोसी मिजोरम भी शरणार्थियों के साथ

दूसरी ओर, मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा की सरकार ने कई शरणार्थियों को शरण दी है। उन्होंने म्यांमार के नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के निर्वासित विदेश मंत्री जिन मार औंग के साथ वर्चुअल बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था- हमारे विचार और प्रार्थनाएं म्यांमार के साथ हैं।

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