जानें क्या है ‘मीठी क्रांति’? जिसका जिक्र कर PM मोदी ने की भारत की तारीफ

PM Modi

आज अगर हमारा देश अनवरत प्रगति की राह पर अग्रसर है, तो इसके पीछे की मुख्य वजह हमारे किसान भाई हैं. अगर हमारे किसान भाई दिन-रात खेत में मेहनत न करें, तो आज हम जिस आधुनिकता के सैलाब में सराबोर होकर गोता लगा रहे हैं, हम ऐसा कभी भी नहीं कर पाएंगे. लिहाजा, किसान हमारी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू हैं. किसान भाइयों के बिना हम अपनी अर्थव्यवस्था के वजूद की कल्पना तक नहीं कर सकते हैं, लिहाजा सरकार की तरफ से कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों को उन्नत बनाने की दिशा में तमाम तरह की योजनाएं चलाई जाती है, ताकि हमारे किसान भाई उन्नत व आत्मनिर्भर हो सके.

वहीं, अपनी इस खास रिपोर्ट में हम आपको ‘मीठी क्रांति’ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका अभी हाल ही में पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जिक्र किया था. उन्होंने इस क्रांति का जिक्र कर लोगों को इसकी उपलब्धियों से भी रूबरू करवाया, तो चलिए अपनी इस खास रिपोर्ट में हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्या है ये मीठी क्रांति और हमारे किसान भाइयों पर किस तरह पड़ रहा है इसका असर?

आखिर क्यों निकला पीएम मोदी की जुबां से मीठी क्रांति?

 पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘मीठी क्रांति’ का जिक्र किया. दरअसल, इसका जिक्र उन्होंने शहद की अत्याधिक उत्पादन के संदर्भ में किया था, जिसे उन्होंने ‘मीठी क्रांति’ का नाम दिया. उन्होंने अपने मासिक कार्यक्रम में शहद व्यापारियों की उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने कहा कि हमारे लोग मधुमक्खी पालन कर अत्याधिक मात्रा में शहद का उत्पादन कर रहे हैं और वे इससे अच्छा खासा मुनाफा भी अर्जित कर रहे हैं. इतना ही नहीं, हमारे लोग मधुमक्खी पालन कर विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर रहे हैं.

यहां जानें पूरे आंकड़ें?

 पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश भारत शहद उत्पादन में पहले स्थान पर है. पीएम ने कहा कि हमारे किसान भाई कृषि में सक्रिय रहने के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी कर सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारे किसान भाई महज 30 हजार रूपए में इस व्यवसाय को शुरू कर अच्छा खासा मुनाफा अर्जित कर सकते हैं.

इन सबको ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 14,12,659 मधुमक्खी कॉलोनियों के साथ 9,580 मधुमक्खी पालक है. यह किसानों के लिए आय के बहुत बड़े स्रोत के रूप में उभरकर सामने आ रहा है. कृषि के इतर हमारे किसान भाई इस व्यवसाय से जुड़कर आत्ननिर्भर बन रहे हैं. इस व्यवसाय की खास बात यह है कि बहुत ही कम पूंजी के साथ शुरू कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

आय के बहुत सारे स्रोत

इस व्यवसाय से जुड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें एक नहीं, बल्कि आय के लिए बहुत सारे स्रोत उभरकर सामने आते हैं, जो कि हमारे किसान भाइयों को बेशुमार विकल्प प्रदान करते हैं.

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