किसानों को अगर हो रही हो ऐसी समस्याएं, तो इस टोल फ्री नंबर पर करें फोन, फौरन होगा समाधान

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किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट बनी रहे इसके लिए हमारी सरकार हमेशा प्रयासरत रहती है. इस दिशा में सरकार की तरफ से कई कदम उठाए जाते हैं और सुकून की बात यह है कि इन कोशिशों का काफी हद तक सकारात्मक असर भी देखने को मिलता है. वहीं, एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे गेहूं की खरीद  के मद्देनजर सरकार ने किसानों को सहूलितें प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि हमारे किसान भाइयों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े.

यहां हम आपको बताते चले कि आगामी एक अप्रैल से हरियाणा के किसान गेहूं बेचने जा रहे हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि बड़ी संख्या में किसान भाई गेहूं की फसल बेच सकते हैं. ऐसी स्थिति में किसान भाइयों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं. इस दिशा में सरकार ने किसानों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. बता दें कि किसान भाई 18001802060 नंबर पर फोन कर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं.

वहीं, प्रदेश सचिव की तरफ से प्रदेश के सभी मंडियों में हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दे दिया गया है, ताकि किसान भाई यहां से अपनी समस्या का निराकरण पा सके. किसानों को पानी, शौचालय सहित अन्य जरूरतमंद चीजों के लिए जूझना न पड़े, जिसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं. शासन की तरफ से साफ कह दिया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े.

उठाए गए हैं ऐसे कदम

इसके साथ ही इस बार धांधली रोकने की दिशा में पोर्टल से सभी किसानों भाइयों को पंजीकृत कराने के लिए कहा गया है. इसके लिए किसानों से आधार कार्ड की मांग की गई है. वहीं, इस बार किसान भाइयों को मैनुअली नहीं बल्कि कंप्यूटर से गेट पास मिलेगा. ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि किसान भाइयों के साथ हो रही धांधली पर विराम लग सके.

व्यापारियों और आढतियों का दिया गया विशेष आदेश

इसके साथ ही व्यापारियों और आढतियों को विशेष निर्देश दिया गया है. प्रशासक की तरफ से व्यापारियों और आढतियों को कहा गया है कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि किसान भाइयों को फसल बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े.

अगर इसके बावजूद भी किसी किसान को कोई समस्या होती है, तो उसका फौरन निदान किया जाए. व्यापारी इस बात का खास ख्याल रखे कि फसलों को बारिश से बचाने के लिए व्यापक रूप से तिरपाल की व्यवस्था रखी जाए. व्यापारियों के पास मापक यंत्र मौजूद रहना भी अनिवार्य किया गया है.  

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