रिश्वत के लिए अड़ा रहा अफसर: मुआवजा बांटने के लिए दौसा के SDM रहे पुष्कर मित्तल को NHAI ने सालभर में 30 चिटि्ठयां लिखीं; उसने एक का भी जवाब नहीं दिया

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जयपुर18 मिनट पहले

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ACB ने भ्रष्टाचार के मामले में 3 अफसरों को पकड़ा था, उनमें से 2 अभी भी जेल में है। SDM पिंकी मीणा को जमानत मिल गई है। - Dainik Bhaskar

ACB ने भ्रष्टाचार के मामले में 3 अफसरों को पकड़ा था, उनमें से 2 अभी भी जेल में है। SDM पिंकी मीणा को जमानत मिल गई है।

राजस्थान में पिंकी मीणा की घूसखोरी केस में ACB ने 11 मार्च को 4000 पेज की चार्जशीट फाइल की थी। इस चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि पिंकी के साथी दौसा के SDM रहे पुष्कर मित्तल ने रिश्वत के लिए हाईवे के मुआवजे की फाइल एक साल तक दबाए रखी। यहां तक कि किसानों को मिलने वाले मुआवजे के चेक भी बनकर आ गए, लेकिन मित्तल ने रिश्वत न मिलने की वजह से उन पर साइन नहीं किए। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मित्तल को सालभर में 30 चिट्ठियां लिखकर किसानों को मुआवजा देने को कहा, लेकिन मित्तल ने एक भी चिट्ठी का जवाब नहीं दिया।

ACB की चार्जशीट के मुताबिक, पुष्कर मित्तल ने हाईवे बनाने वाली कंपनी से 13 जनवरी को सरकारी आवास पर 5 लाख रुपए लिए थे। कंपनी का प्रतिनिधि रिश्वत का पैसा लेकर SDM के आवास पर पहुंचा, उसे इशारा कर अंदर बुलाया और बैठने के लिए कहा। प्रतिनिधि ने जैसे ही कहा कि पैसे लाया हूं, तो यह सुनते ही मित्तल ने लपक कर कहा कि लाओ..। उसने अखबार में लिपटे हुए 5 लाख रुपए (जिनमें दो-दो हजार के 250 नोट थे) पुष्कर मित्तल को दे दिए। मित्तल ने रुपयों का पैकेट अलमारी में रख दिया। इसके थोड़ी ही देर बाद ACB ने उन्हें ट्रैप कर लिया गया।

किसानों का 147 करोड़ रुपए का मुआवजा रोके रखा
चार्जशीट के मुताबिक, भारतमाला प्रोजेक्ट में हाईवे कंपनी से रिश्वत लेने के लिए पुष्कर मित्तल ने हर काम अटकाया। इसमें न हाईवे एक्ट की परवाह की और न भारत सरकार के निर्देशों की। जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को करीब 147 करोड़ रुपए के यह चेक जारी किए जाने थे। मित्तल ने ये सभी चेक रोक लिए। NHAI ने 25 दिसंबर 2019 से लेकर 28 दिसंबर 2020 तक हर दसवें दिन उन्हें चिट्ठी लिखकर मुआवजा जारी करने को कहा, लेकिन मित्तल ने सभी को अनसुना कर दिया।

ट्रैप होने पर ACB के सामने उधारी का बहाना किया
पुष्कर मित्तल ने 13 जनवरी को अपने सरकारी निवास पर हाईवे कंपनी के प्रतिनिधि से रिश्वत ली थी। इसके थोड़ी देर बाद ACB ने उन्हें ट्रैप कर लिया। ACB के इंस्पेक्टर ने पूछा, ‘अभी जो 5 लाख रुपए लिए थे इनका सोर्स क्या है? इस पर मित्तल ने कहा कि हाईवे कंपनी का प्रतिनिधि मुझसे पैसे उधार लेता रहता है, आज वह पैसे लौटाने आया है।’ इस पर कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा, ‘SDM झूठ बोल रहे हैं, कोई उधार नहीं लिया था। जमीन का कब्जा दिलवाने और किसानों को मुआवजा समय पर देने के एवज में रिश्वत का पैसा दिया है।’

नए एसडीएम ने हाथों-हाथ बांटा मुआवजा
रिश्वत के लिए जानबूझकर किसानों को मुआवजा नहीं बांटने वाले मित्तल जब ACB की जांच में फंसे और उन्हें हटाया गया, तब जाकर किसानों को मुआवजा बंट पाया। दौसा में पदस्थ किए गए नए SDM बृजेंद्र मीणा ने आते ही किसानों के मुआवजे के चेक पर दस्तखत किए। इससे समझा जा सकता है कि रिश्वत लेने के लिए पुष्कर मित्तल ने किसानों को उनके हक से दूर रखा।

घूसकांड के 3 किरदारों में से 2 अभी जेल में
रिश्वत के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के इस गठजोड़ के कई खुलासे हो रहे हैं। दौसा के तत्कालीन SP मनीष अग्रवाल और SDM पुष्कर मित्तल अभी जेल में हैं जबकि तीसरी आरोपी SDM पिंकी मीणा को जमानत मिल गई है। पूरे मामले में तीनों अफसरों की मिलीभगत थी। पिंकी मीणा ने खुद पैसा नहीं लिया, इसलिए उससे पैसा बरामद नहीं हुआ। तीनों अफसर फिलहाल सस्पेंड हैं।

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