भास्कर इंटरव्यू: ‘हाथी मेरे साथी’ की एक्ट्रेस श्रिया पिलगांवकर बोलीं- जंगल में शूटिंग के दौरान वैनिटी दूर रहती थी, वहां नेटवर्क भी नहीं मिलता था

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12 मिनट पहलेलेखक: ज्योति शर्मा

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एक्ट्रेस श्रिया पिलगावंकर जल्द दिखेंगी फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ में जिसमे वे एक यंग न्यूज रिपोर्टर की भूमिका निभा रही हैं। श्रिया ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की और अपने किरदार के बारे में बताया साथ ही जंगल में शूटिंग काएक्सपीरिएंस भी शेयर किया।

Q-आप अपने किरदार के बारे में बताईये?

A-‘हाथी मेरे साथी’ में मैं एक जर्नलिस्ट की भूमिका निभा रही हूं। जिस तरह की बैक स्टोरी फिल्म के लिए मैंने तैयार की है, वह ये है कि वो एक साल से इस फील्ड में है और खुद को प्रूव करने में लगी हुई है। जब वो बनदेव की स्टोरी कवर करती है, तो वो डिसाइड करती है कि उसे अंडर प्रेशर रिपोर्ट नहीं करना है। जो सचाई है उसी के बारे में लिखना है। लेकिन वो उस पोजीशन में नहीं होती है फिर भी वो सच की दिशा में चलना चाहती है।

Q-आपका जंगल में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?

A-मुझे जंगल में ज्यादा शूट नहीं करना था। लेकिन बाकी एक्टर्स ने जंगल में बहुत शूट किया है। मैं बताना चाहूंगी कि जंगलों में शूट करने का अनुभव बहुत ही खास होता है। पहले तो एयरपोर्ट से केरल पहुंचने में 6 घंटे लगे, फिर वहां से शूटिंग लोकेशन तक जाने के लिए जीप से जाना पड़ा। वहां तक पहुंचते ही हम अपने किरदार में आ जाते थे। जंगल में नेटवर्क नहीं रहता था। जब आप नेचर के आस-पास होते हैं तो अपने आप एक अलग अनुभव महसूस होता है। मेरा कोई भी सीन हाथी के साथ नहीं है। जो हमारा मेन स्टार है, उनके साथ भी मेरा कोई सीन नहीं है। लेकिन मैंने हाथी के साथ वक्त बिताया क्योंकि मुझे हाथी बहुत पसंद है। मेरे लिए ये फिल्म बहुत इम्पोर्टेन्ट है और यह एक अमेजन फिल्म है। इस फिल्म की शूटिंग के समय मुझे पता था कि इस पूरी फिल्म में मैं नहीं दिखूंगी। मेरे लिए ये फिल्म करना इसलिए जरुरी था क्योंकि ऐसी कहानी लोगों ने सुनी जरूर होगी। लेकिन इसे विजुअली लोगों तक पहुंचना बहुत जरुरी है। इसमें हम डेवलपमेंट, स्टेबिलिटी और बैलेंस की बात कर रहे हैं। इन्ही बातों की वजह से यह फिल्म बहुत जरुरी है।

Q-जंगलो में शूट करना कितना मुश्किल था?

A-सेट पर जो वैनिटी वैन्स थीं वो बहुत दूर रहती थीं। शायद यही रीजन था कि डायरेक्टर ने ऐसे एक्टर्स को चुना जो रफ एंड टफ हों। मेरे हिसाब से मजा उसमें ही है जब आप अपने कम्फर्ट से बाहर आकर काम करते हैं। इसमें आपकी ग्रोथ होती है। बतौर पर्सन जब आप कम्फर्ट जोन में रहते हैं तो उसके फायदे भी सिर्फ उतने ही मिलते हैं। मजा तो जंगल में शूट करने और हमेशा सतर्क रहने में ही है। यह बहुत जरुरी है कि हम अपने आप को इन्वायरमेंट के लिए सरेंडर करें। जब मुंबई में फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब वहां बहुत ज्यादा गर्मी थी। वो शूटिंग का प्रोसेस था और तब हमें पसीना चाहिए था। फिल्म की जो शूटिंग हम कर रहे हैं और जो दर्शको तक पहुंचाना चाह रहे हैं, उसके लिए राणा ने ही सबसे ज्यादा इन्सपायर किया है। इस फिल्म में उनकी जर्नी सबसे ज्यादा दिखाई गयी है।

Q-आप किस एनिमल को पसंद करती हैं और किससे सबसे ज्यादा डर लगता है?

A-मुझे डॉग्स बहुत पसंद हैं। मैंने एक डॉग को अडॉप्ट भी किया है, उसका नाम जैक है। उसकी एक ही आंख है। मुझे सबसे ज्यादा कॉकरोच से डर लगता है। इस मामले में अब थोड़ा बेटर हो गयी हूं, सोचती हूं कि क्यों डरना? लेकिन फिर भी डर लगता है। मुझे आप छिपकली, लॉयन, टाइगर या क्रोकोडाइल बोलें तो मुझे इनसे डर नहीं लगता जितना मैं कॉकरोच से डरती हूं।

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