बॉलीवुड की होली के दिलचस्प किस्से: अमिताभ बच्चन के यहां होता था टब, जिसमें डुबोकर होता था स्वागत…

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27 मिनट पहलेलेखक: राजेश गाबा

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होली का त्योहार पूरे देश में जोर-शोर से मनाया जाता है। सिनेमा से जुड़े लोग भी अपने अंदाज में मनाते हैं। हालांकि, इस साल कोरोना वायरस की वजह से होली के रंग में भंग पड़ गया है। इस बार होली की पार्टीज नहीं हाेंगी। जिसमें सितारों की होली के फोटोग्राफ्स से उनके फैंस होली की मस्ती को देखते थे। इन पार्टीज से जुड़े किस्से, यादें और वाकयों को दैनिक भास्कर के साथ शेयर किया फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता, निर्देशक और गीतकार ने।

होली के यादगार होस्ट

  • राज कपूर को उनकी शानदार पार्टियों के लिए भी जाना जाता था। हर साल वे अपने बनाए आरके स्टूडियो में होली और दीपावली का जश्न मनाते थे। आरके स्टूडियो की होली का कोई जवाब ही नहीं था।
  • फिल्मकार यश चोपड़ा उस दौर में यशराज स्टूडियो में होली पार्टी किया करते थे। फिल्ममेकर सुभाष घई पहले अपने मड आइलैंड वाले बंगले पर होली पार्टी किया करते थे। अमिताभ बच्चन की होली पार्टी भी काफी फेमस रही है।
  • शबाना आजमी और जावेद अख्तर भी लंबे समय से होली पार्टी थ्रो करते आ रहे हैं। शबाना के पिता कैफी आजमी ने ये ट्रेडीशन शुरू किया था। शाहरुख खान और गौरी खान सालों से होली पार्टी दे रहे हैं।
  • शुरू में शाहरुख खान की होली पार्टीज में पानी का इस्तेमाल होता था, लेकिन बाद में कपल पार्टी में मोगरा के फूलों से गेस्ट का स्वागत करने लगे। एकता कपूर भी होली पार्टी देती हैं। उनकी इस पार्टी में टीवी इंडस्ट्री से भी कई सितारे पहुंचते हैं।

यश चोपड़ा जी की होली पार्टी में खूब नाची थीं कथक क्वीन सितारा देवी
जाने-माने फिल्म लेखक और निर्देशक रूमी जाफरी ने बताया कि जब मैं मुंबई आया तो सबसे पहली हाेली यश चोपड़ा जी के यशराज स्टूडियो में अटैंड की थी। मुझे याद है वो फंक्शन आजतक। सबसे ज्यादा मैं हैरान था कथक क्वीन सितारा देवी का होली के दिन एनर्जेटिक डांस देखकर। बहुत ही सुंदर बहुत ही ग्रेसफुल तरीके से उन्होंने परफॉर्म किया। क्या ग्रेट पर्सनालिटी थी वो। उसके बाद मैंने सुभाष घई के मड आईलैंड पर होली अटेंड की थी। वहां भी खूब पानी, मस्ती और हुड़दंग होती थी। अमिताभ बच्चन जी के यहां पहली बार होली मैंने उस वक्त अटेंड की थी जब अमित जी की हम फिल्म रिलीज हुई थी। तब होली पार्टी में जुम्मा चुम्मा और इक दूसरे से करते हैं प्यार हम…गाने चल रहे थे। अमित जी पर्सनली सबको अटैंड कर रहे थे। सभी के साथ वे डांस कर रहे थे और रंग बरसे गाना गा भी रहे थे। जो हाेली की धूम पहले होती थी, धीरे-धीरे वो खत्म हो गई। जहां लाेग बगैर एजेंडे के साथ में मस्ती करते थे। अब न वो रंग है न पार्टियां। अब कोराेना के कारण वैसे भी कहीं पार्टी या मिलना नहीं हो पाएगा।

होली पार्टी में अमित जी मेरे बाबू जी के लिखे गीत खाइके पान पर करते थे डांस
बॉलीवुड में सबसे ज्यादा गीत लिखकर गिनीज बुक वर्ल्ड रिकाॅर्ड होल्डर गीतकार समीर अनजान ने बताया कि मैं बनारस से हूं। बनारस की होली तो दुनियाभर में मशहूर है। मुंबई में अमिताभ बच्चन की होली पार्टी में जाने का मुझे मौका मिला। जब-जब वहां पार्टी में गए खूब एंजॉय किया। वो लुत्फ कभी नहीं आया। बच्चन साहब के यहां होली भी खत्म हो गई। होली रंगों का प्रेम का त्योहार है। जहां सब लेखक, कलाकार, फिल्म से जुड़े सभी लोग मिलते थे। मस्ती करते थे। होली गले लगाने का त्योहार है। धीरे-धीरे मिलने-जुलने की परंपरा खत्म हो रही है। दो गाने ऐसे मिल गए जिसने होली के रंग से मेरी कलम को जोड़ दिया। होली खेले रघुबीरा और लेट्स प्ले होली। दोनों ही लोगों की जुबां पर चढ़ गए। पहले व्यस्तताओं ने एक-दूसरे से दूर किया और अब कोरोना ने। अब तो बस टेलीविजन के शो में होली के रंग नजर आते हैं। अमिताभ बच्चन के यहां बहुत धमाल होता था। वे सबको अटैंड करते थे। रंग, गुलाल और भांग का रंग भी होता था। संस्कारों के साथ इज्जत और प्यार से होली खेली जाती थी। बच्चन साहब कमाल के होस्ट हैं। वे खुद मेरे बाबूजी गीतकार अनजान साहब (लालजी पांडे) के लिखे गीत ‘खइके पान बनारस वाला’ गाते और नाचते तो बेहद खुशी होती थी। मुझे याद है जब बागवान फिल्म के गीत होरी खेले रघुबीरा…गाने की सिटिंग हुई थी। तब हमें लगा ही नहीं कि हम गाना बना रहे हैं। ऐसा लगा कि हम होली मना रहे हैं। उनकी मस्ती और एनर्जी लेवल कमाल का था। हम लगा कि इस उम्र में भी वो ऊर्जा से भरपूर हैं। वो जो गाना शूट किया है आपको देखकर लगेगा नहीं कि उन्होंने कितनी मस्ती के साथ उस गाने को हेमा मालिनी जी के साथ शूट किया।

मैं हैरान था कि अमित जी को याद था भांग का
जाने-माने अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने होली पार्टी से जुड़ा वाक्या बताया कि अमित जी के घर में मैं होली पार्टी में गया तब महसूस हुआ की वो इतने बड़े कैसे हैं। अमित जी और अभिषेक जी गेट पर सबका स्वागत कर रहे थे। मैं और मेरे मित्र मुकेश तिवारी साथ में गए थे। अमित जी ने पूछा कि क्या लेंगे आप अखिलेंद्र जी। हमने कहा कि भांग। तब अमित जी अपने अतिथियों में व्यस्त हो गए। मैंने और मुकेश भाई ने वहां भांग पी ली। थोड़ी देर बाद देखा कि अमित जी एक लड़के को लेकर आए। बोले लीजिए भांग। मैं हैरान था कि उन्होंने याद था। वहां पर कलर का एक टब बनाया था। जो भी आता था उसका वहां स्वागत होता फिर वहां सभी को पूल में डुबोया जाता है। अभिषेक और वहां उनके दोस्त और अन्य कलाकार सबको रंगते और टब डालते थे। अमित जी, जया जी और अभिषेक सभी के साथ मस्ती करते थे। नाच, गाना, भांग मस्ती सब चलता था। लोग आ रहे जा रहे हैं। खाने के तरह-तरह के स्टॉल लगे थे। वहीं पीने के स्टॉल थे। तब वहां लगता था कि इंडस्ट्री एक परिवार है और मिलकर होली मना रही है। न जात-पात न कोई छोटा न कोई बड़ा। सब साथ मिलकर करते थे एंजॉय। वो चीजें गायब हो गई इंडस्ट्री से। एक दूसरे के नजदीक आते हैं जब मिलते हैं एक दूसरे से। अमित जी की पार्टी के बाद फिर कहीं जाना नहीं हुआ।

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