गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा: निर्माणाधीन फ्लाईओवर का 250 मीटर लंबा हिसा गिरा; 2 लोग अस्पताल में भर्ती, कई और के मलबे में दबे होने का अंदेशा

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

गुरुग्रामएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का गिरा हुआ हिस्सा, जिसके चलते त्योहार के दिन सुबह-सुबह चीख-पुकार मच गई। फिलहाल राहत कार्य जारी है। - Dainik Bhaskar

गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का गिरा हुआ हिस्सा, जिसके चलते त्योहार के दिन सुबह-सुबह चीख-पुकार मच गई। फिलहाल राहत कार्य जारी है।

गुरुग्राम में रविवार को उस वक्त होली के त्यौहार की सुबह खराब हो गई, जब द्वारका एक्सप्रेस-वे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर अचानक ढह गया। हादसे के करीब 25 मिनट बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस से 2 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं कई और के मलबे में दबे होने की आशंका है। मौके पर बचाव दल और तमाम आला अधिकारी पहुंचे हुए हैं और राहत कार्य जारी है।

हादसा सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर घटा है। जानकारी के अनुसार, यहां द्वारका एक्सप्रेस-वे पर बनाए जा रहे फ्लाई ओवर का लगभग 250 मीटर लंबा हिस्सा अचानक आन गिरा। इसके 25 मिनट 7 बजकर 45 मिनट पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंची। आनन-फानन में सीनियर अफसर और बचाव दल मौके पर पहुंचा।

निर्माणाधीन फ्लाईओवर का गिरा हुआ हिस्सा, जिसमें कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

निर्माणाधीन फ्लाईओवर का गिरा हुआ हिस्सा, जिसमें कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

सीनियर फायर अधिकारी ईशम सिंह का कहना है कि उनकी टीम पता चलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गई थी, बचाव कार्य के लिए बड़ी-बड़ी क्रेनों की जरूरत है। ऐसे में उनका स्टाफ फिलहाल वापस लौट गया है। हालांकि नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस निर्माणाधीन फ्लाईओवर को उठाने के लिए बड़ी क्रेनें कंपनी के पास मौजूद हैं। मलबे को हटाने का काम शुरू हो चुका है।

एक हिस्से में दरार के बाद ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था
साढ़े 9 बजे मौके पर पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से द्वारका एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर RK मिश्रा का कहना है कि इस फ्लाई ओवर के एक सेगमेंट में दरार आने के बाद उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था। कुछ लोग काम कर रहे थे तो अचानक एक पिलर से दूसरे पिलर तक 82 मीटर हिस्सा नीचे गिर गया। अभी फ्लाईओवर का आगे का हिस्सा भी हिला हुआ है, ऐसे में दूसरा बीम भी उतारना पड़ेगा। अभी कितने लोग हादसे का शिकार हुए हैं, यह अभी नहीं कहा जा सकता।

दूसरी ओर नागरिक अस्पताल के डॉ. योगेन्द्र ने बताया कि अभी तक दो घायलों को अस्पताल में लाया गया था, जिन्हें उपचार दे दिया गया है। इसके अलावा तीन एंबुलेंस मौके पर गई हुई हैं। कोई भी घायल निकलता है तो उसे अस्पताल लाया जा सकेगा।

7 महीने पुराने फ्लाईओवर हादसे पर कंपनी को NHAI ने किया 3 करोड़ का जुर्माना

गुरुग्राम में निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिर जाने की घटना करीब 7 महीने पहले भी घट चुकी है। 22 अगस्त 2020 की रात को गुरुग्राम-सोहना-अलवर हाईवे पर निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 10 से 11 के बीच का स्लेब सीधे नीचे गिर गया था। इस हादसे में दो मजदूर घायल भी हो गए थे, वहीं अगले दिन तक यातायात बाधित रहा था। हादसे के बाद NHAI के तत्कालीन परियोजना निदेशक एके शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कंपनी द्वारा सुरक्षा के इंतजाम पूरे किए जाने तक आगे काम करने पर रोक लगा दी थी। इस हादसे को लेकर NHAI ने फरवरी 2021 के पहले हफ्ते में ही कंस्ट्रक्शन कंपनी ओरियंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को 3 करोड़ रुपए का जुर्माना किया है।

परियोजना निदेशक शशिभूषण का कहना है कि पॉलिसी के मुताबिक निर्माण कंपनी पर कुछ समय तक प्रतिबंध लगाने का मामला नहीं बनता था। जुर्माना लगाने का ही मामला बनता था। जुर्माना लगा दिया गया है। आगे किसी भी स्तर पर कमी न रहे, इसके लिए विशेष रूप से पूरे प्रोजेक्ट पर नजर रखी जा रही है। प्रोजेक्ट जल्द पूरा हो, इसके लिए हर स्तर पर काम तेज कर दिया गया है।

पूर्व तकनीकी सलाहकार बताते हैं-किसे बनाना चाहिए टीम लीडर

दूसरी ओर NHAI के पूर्व तकनीकी सलाहकार JS सुहाग का कहना है कि निर्माण कंपनियों को टीम लीडर का चयन अनुभव के आधार पर करना चाहिए। कुछ समय से इस विषय पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता। IIT या NIT से डिग्री हासिल कर चुके इंजीनियर को या फिर PWD से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता या मुख्य अभियंता को टीम लीडर बनाना चाहिए। NHAI से सेवानिवृत्त इंजीनियर को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply