इतिहास में आज: साइना नेहवाल दुनिया की नंबर-1 शटलर बनीं; दो दिन पहले ही रिलीज हुई है बायोपिक

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31 मिनट पहले

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साइना नेहवाल एक ऐसी शटलर हैं, जिन्होंने कई कीर्तिमान रचे। वह भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता। वहीं, 2015 में आज ही के दिन वह बैडिमिंटन में चीनी दबदबे को खत्म कर दुनिया की नंबर-1 शटलर बनी थी। 26 मार्च को उनकी जिंदगी पर बनी बायोपिक रिलीज हुई है, जिसमें परिणीति चोपड़ा ने साइना का किरदार निभाया है।

17 मार्च 1990 को जन्मी इस शटलर ने आठ साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था, जब उनका परिवार हरियाणा से हैदराबाद आ गया था। साइना को बैडमिंटन विरासत में मिला और उनकीन मां स्टेट लेवल की बैडमिंटन खिलाड़ी थी। शुरुआत में हैदराबाद में भाषा को लेकर दिक्कतों का सामना किया, पर जल्द ही उन्होंने इस समस्या को भी दूर किया। 2008 में BWF वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप जीतकर साइना ने बता दिया था कि वह बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का दम रखती हैं। उसी साल उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक खेलों के लिए भी क्वालिफाई किया था। क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर उन्होंने ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन युलियांटी से हारने से पहले उन्होंने दुनिया की 5वें नंबर की खिलाड़ी और चौथी वरीयता प्राप्त हांगकांग की वांग चेन को हराया।

20 वर्षीय साइना नेहवाल सबके भरोसे पर खरी उतरीं, उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ओलिंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद साइना को वह आत्मविश्वास मिला, जिसकी उन्हें जरूरत थी। अगले दो वर्षों में उन्होंने बैडमिंटन जगत में धमाल मचा दिया। उन्होंने BWF हांगकांग ओपन, सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीता। 2011 के बेहतरीन साल के बाद, 22 वर्षीय साइना नेहवाल ने 2012 में लंदन ओलिंपिक का कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। साइना ने अगले तीन वर्षों में ऑस्ट्रेलियन ओपन, दो बार इंडिया ओपन और चाइना ओपन जीता, हालांकि प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन उनके लिए अभी भी एक सपना है जिसे वह कभी नहीं जीत सकी।

2015 में साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतने के करीब पहुंची थीं, पर संघर्ष पूर्ण मैच में कैरोलिना मारिन से हार का सामना करना पड़ा था। 2015 में ही साइना दुनिया की नंबर-1 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनी। यह उपलब्धि उनसे पहले किसी भारतीय महिला खिलाड़ी ने हासिल नहीं की थी। प्रकाश पादुकोण जरूर पुरुष वर्ग में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी हो चुके हैं। 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड जीतने वाली साइन ने 2018 में फिर कामयाबी हासिल की।

साइना नेहवाल पिछले कुछ वर्षों से चोटों से परेशान रही हैं। इसके बाद पीवी सिंधु ने भारतीय परचम अंतरराष्ट्रीय सर्किट में फहराया और 2016 के ओलिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीता। अपने 12 साल के करियर में साइना ने 24 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते, जिनमें 11 सुपर सीरीज खिताब शामिल हैं। वह ओलिंपिक, वर्ल्ड चैम्पियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप के प्रत्येक इवेंट में कम से कम एक पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय शटलर हैं।

2009 में आज ही के दिन वरुण गांधी को मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

2009 में आज ही के दिन वरुण गांधी को मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

2009: वरुण गांधी नफरत भरे भाषण के लिए गिरफ्तार

पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार वरुण गांधी को 2009 में उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब उन पर मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगा था। उन चुनावों में वरुण ने कांग्रेस के वीएम सिंह को 2.81 लाख वोट से हराया था। खैर, 19 दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई और वे रिहा हो गए थे। 5 मार्च 2013 को पीलीभीत की कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बाइज्जत बरी कर दिया था।

1941ः नेताजी सुभाष चंद्र बोस नजरबंदी से बचकर बर्लिन पहुंचे

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 2 जुलाई 1940 को हॉलवेट मूवमेंट के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रेसीडेंसी जेल में उन्होंने आमरण अनशन किया, जिससे उनकी तबियत खराब हो गई थी। इस पर 5 दिसंबर 1940 को उन्हें एल्गिन रोड स्थित अपने घर भेज दिया गया था। नेताजी के केस की सुनवाई 27 जनवरी 1941 को होनी थी, पर 26 जनवरी को ब्रिटिश हुकूमत को पता चला कि नेताजी तो कोलकाता में हैं ही नहीं। पता चला कि एक बीमा एजेंट जियाउद्दीन के वेश में वे 16-17 जनवरी की रात ही वहां से निकल गए थे। नेताजी कोलकाता से जापान होते हुए 28 मार्च 1941 को बर्लिन पहुंच गए थे।

1977 में आज ही के दिन मोरारजी देसाई ने भारत में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी।

1977 में आज ही के दिन मोरारजी देसाई ने भारत में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी।

देश-दुनिया में 28 मार्च को हुई अन्य घटनाएं इस प्रकार हैं-

  • 2013ः इंटरनेट पर इतिहास का सबसे बड़ा हमला हुआ।
  • 2006ः अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद किया।
  • 2005ः इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में आए शक्तिशाली भूकम्प से भारी तबाही।
  • 2000ः वेस्टइंडीज के कोर्टनी वॉल्श ने टेस्ट क्रिकेट में 435 विकेट लेकर कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ा।
  • 1998ः अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने संसद में 261 के मुकाबले 274 वोट से विश्वास मत हासिल किया।
  • 1959ः चीन ने तिब्बत की सरकार भंग की और पांचेन लामा को पदासीन किया।
  • 1939ः जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने पोलैंड के साथ एक-दूसरे पर आक्रमण नहीं करने संबंधी पांच साल पुराने समझौते को तोड़ा।
  • 1910ः फ्रेंच इन्वेंटर हेनरी फाबरे ने दुनिया का पहला सीप्लेन कैनार्ड बनाया जिसने 457 मीटर लंबी उड़ान भरी थी।

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