भास्कर इंटरव्यू: संजीव राजपूत बोले- मिक्सड इवेंट के गोल्ड से आत्मविश्वास बढ़ा; अब नजर करियर के आखिरी ओलिंपिक में मेडल पर

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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दिल्ली में चल रहे ISSF वर्ल्डकप में संजीव राजपूत ने मिक्सड इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। क्वालिफिकेशन राउंड में 1172 पॉइंट के साथ टॉप पर रहे। - Dainik Bhaskar

दिल्ली में चल रहे ISSF वर्ल्डकप में संजीव राजपूत ने मिक्सड इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। क्वालिफिकेशन राउंड में 1172 पॉइंट के साथ टॉप पर रहे।

दिल्ली में चल रहे ISSFवर्ल्डकप में संजीव राजपूत ने राइफल थ्री पी के मिक्स इवेंट में गोल्ड जीता। 40 साल के राजपूत टोक्यो के लिए ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक से पहले मिक्सड इवेंट में गोल्ड जीतने से उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है। उनका लक्ष्य अपने करियर की आखिरी ओलिंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। भारतीय टीम के सबसे उम्र दराज शूटर से दैनिक भास्कर ने टोक्यो की तैयारी और टोक्यो में भारतीय शूटरर्स की संभावनाओं को लेकर उनसे बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश

रियो में कोटा हासिल करने के बाद आपको मौका नहीं मिला था, क्या इस बार आपको मौका मिलेगा?
इस साल 8 जनवरी को मैं 40 साल का हो गया। टोक्यो ओलिंपिक मेरा आखिरी ओलिंपिक होगा। रियो ओलिंपिक में कोटा हासिल करने के बाद भी नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ओलिंपिक के लिए नए क्वॉलिफिकेशन नियमों की वजह से मैं नहीं जा सका था। मैं पहले दो बार ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुका हूं। इस बार मुझे उम्मीद है कि मुझे मौका मिलेगा। मैने मिक्सड इवेंट में गोल्ड जीता है। जबकि क्वॉलिफिकेशन में 1172 पॉइंट के साथ टॉप पर था। इससे पहले आयोजित हुए सभी क्वॉलिफिकेशन में मैं टॉप पर रहा हूं।
कोरोना के बाद हुए क्वॉलिफिकेशन में मैने वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर पॉइंट बनाए थे। इस बार मैं सभी नियमों के अुनसार टीम में जगह बनाने की काबिलियत रखता हूं। ऐसे में उम्मीद है कि मुझे मौका जरूर मिलेगा।

कोरोना के बाद आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ, वर्ल्डकप में भी क्वॉलिफिकेशन में भी 1172 पॉइंट के साथ टॉप पर रहे, क्या कारण है?
कोरोना की वजह से लॉकडाउन के समय अपने को जानने का मौका मिला। अपनी कमियों के बारे में पता चला और उस पर काम करने का मौका मिला। इस दौरान मैने फिटनेस पर भी ध्यान दिया और कमियों को दूर किया।

टोक्यो ओलिंपिक की तैयारी कैसी है और आपको क्या उम्मीद है?
50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के मिक्सड इवेंट में तेजस्वनी सावंत के साथ गोल्ड मेडल जीतने से मेरे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मैं इंडिविजुअल में मेडल जीतने से चूक गया। परंतु क्वालिफिकेशन राउंड में1172 पॉइंट अर्जित कर टॉप पर था।। ट्रायल्स के दौरान क्वॉलिफिकेशन में 1182 पॉइंट अर्जित किए। अभी जिस तरह से मैं ट्रेनिंग में प्रदर्शन कर रहा हूं, मुझे उम्मीद है कि मैं मेडल जीतने में सफल हो पाऊंगा।

आप इंडिविजुअल में क्वॉलिफिकेशन राउंड में टॉप पर रहे, लेकिन फाइनल में आप पीछे रहे?
जी फाइनल में मैं ज्यादा दबाव महसूस करता हूं, इस पर मुझे काम करने की जरूरत है। मैने दिल्ली में हो रहे वर्ल्डकप के क्वॉलिफिकेशन राउंड में मौसम खराब होने के बाद भी टॉप पर था। दरअसल मैंने मौसम के हिसाब से अपने तकनीक और बॉडी पोजीशन में बदलाव किए थे। लेकिन अगले दिन फाइनल में मौसम उस तरह का नहीं था। मैं वापस अपनी पुरानी पोजीशन और तकनीक को ठीक से नहीं अपनाया। जिसकी वजह से मैं मेडल से चूक गया।

मिक्सड इवेंट में भी क्वॉलिफिकेशन में अच्छे पॉइंट किए, लेकिन फाइनल में कई शॉट खराब रहे, कोच ने आपको क्या कहा?
फाइनल शॉट से पहले मेरे कई शॉट्स खराब रहे। हालांकि तेजस्वनी ने अच्छे पॉइंट अर्जित किए। फाइनल शॉट से पहले कोच ने बताया कि मैं अपने बॉडी पोजिशन को ठीक करूं। मैने उसे ठीक किया और मेरा शॉट बेहतर रहा और हम मेडल जीतने में सफल हुए। अगर कोच पहले ही बता देते मैं और अच्छा कर सकता था।

भारतीय शूटरों से आपको क्या उम्मीद है, खास तौर से युवा शूटरों से?
टोक्यो ओलिंपिक में शूटरों का प्रदर्शन पिछले कुछ ओलिंपिक से बेहतर होगा। मनु भाकर और सौरव चौधरी से मेडल की काफी उम्मीदें हैं। इनके अलावा भी कई युवा शूटर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और बेहतर ट्रेनिंग कर रहे हैं।

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