श्रीदेवी की डेथ एनिवर्सरी: एक करोड़ फीस लेने वाली पहली अभिनेत्री थीं श्रीदेवी, स्टारडम ऐसा था कि सलमान खान भी इनसिक्योर फील करते थे

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एक घंटा पहले

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फिल्म ‘सदमा’ की याददाश्त खोई हुई मासूम लड़की का किरदार हो या फिर फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में हवा हवाई गाकर अपने चुलबुले पन से दर्शकों को सिनेमा के जादू का अहसास करवाने की बात, श्रीदेवी ने सिल्वर स्क्रीन पर निभाए अपने हर किरदार से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। श्रीदेवी का नाम एक ऐसी अभिनेत्री के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने अपनी दिलकश अदाओं और दमदार अभिनय से अस्सी और नब्बे के दशक में दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ी।

श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव मीनमपट्टी में हुआ। श्रीदेवी ने महज चार साल की उम्र में एक तमिल फिल्म में अभिनय किया था। तब शायद ही किसी ने सोचा हो कि यही बाल कलाकार एक दिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में स्टार का दर्जा पाएगी। साल 1976 तक श्रीदेवी ने कई दक्षिण भारतीय फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम किया। बतौर अभिनेत्री उन्होंने अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म ‘मुंदरू मुदिची’ से की।

श्रीदेवी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में लगभग 300 फिल्मों में काम किया। इनमें 63 हिंदी, 62 तेलुगु, 58 तमिल और 21 मलयालम फिल्में शामिल हैं। श्रीदेवी ने अपनी शादी के लगभग 15 साल के बाद गौरी शिंदे के निर्देशन में बनी फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के साथ कमबैक किया। श्रीदेवी को भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को देखते हुए पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें ‘चालबाज’ और ‘लम्हे’ के लिए बेस्ट अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया था।

‘सोलहवां सावन’ से किया बॉलीवुड डेब्यू

हिंदी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री श्रीदेवी ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 1979 में आई फिल्म ‘सोलहवां सावन’ से की। इस फिल्म को दर्शकों ने नकार दिया। श्रीदेवी वापस दक्षिण भारतीय फिल्मों की ओर लौट गई। साल 1983 में श्रीदेवी ने एक बार फिर फिल्म ‘हिम्मतवाला’ के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा और फिर यहीं की होकर रह गईं। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेत्री वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं। इस फिल्म में उनके अपोजिट बॉलीवुड के जंपिंग जैक यानी कि जितेन्द्र मुख्य भूमिका में थे।

‘नगीना’, ‘मिस्टर इंडिया’ और ‘चालबाज’, हर फिल्म में अलग अंदाज

साल 1986 में रिलीज फिल्म ‘नगीना’ श्रीदेवी के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में श्रीदेवी ने इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाया। इस फिल्म का गीत ‘मैं तेरी दुश्मन दुश्मन तू मेरा…’ में श्रीदेवी ने अपनी बेहतरीन डांसिंग स्किल्स का भी परिचय दिया। खास बात यह है कि इसके बाद भी नाग-नागिन जैसी फंतासी पर कई फिल्में बनीं, लेकिन किसी को भी ‘नगीना’ जैसी सफलता हासिल नहीं हो सकी। साल 1987 में आई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ श्रीदेवी की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई। साल 1989 में श्रीदेवी के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ‘चालबाज’ रिलीज हुई। इस फिल्म में श्रीदेवी ने दो जुड़वां बहनों की भूमिका अदा की थी।

1 करोड़ रुपए फीस पाने वाली पहली एक्ट्रेस बनीं थीं श्रीदेवी

बॉलीवुड में यूं तो हमेशा ही एक्टर को एक्ट्रेस से ज्यादा फीस मिलती है। लेकिन 80 और 90 के दशक में प्रोड्यूसर-डायरेक्टर श्रीदेवी को फिल्में हिट कराने का सबसे बड़ा फॉर्मूला मानते थे। यही वजह है कि उस दौर में श्रीदेवी ऐसी एक्ट्रेस थीं, जिन्हें सबसे पहले बतौर फीस 1 करोड़ रुपए मिले थे।

सलमान भी श्रीदेवी से इनसिक्योर फील करते थे

आज भले ही बॉलीवुड में सलमान का नाम चलता हो, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब सलमान खुद श्रीदेवी के साथ काम करने से घबराते थे। एक इंटरव्यू में खुद सलमान ने बताया था कि उन्हें श्रीदेवी के साथ काम करने में डर लगता था। वजह ये थी कि जिस फिल्म में श्रीदेवी होती थीं, तो दूसरे एक्टर को दर्शक तवज्जो ही नहीं देते थे। श्रीदेवी ने सलमान के साथ ‘चंद्रमुखी’ और ‘चांद का टुकड़ा’ जैसी फिल्मों में काम किया।

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