कोरोना की स्पीड सिस्टम से तेज: देश में 10 दिन में वैक्सीनेशन की रफ्तार 7.2% बढ़ी, कोरोना के एक्टिव केस 7.87% बढ़ गए

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नई दिल्ली27 मिनट पहले

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सरकार ने 50 साल से ज्यादा उम्र के 27 करोड़ लोगों को टीका लगाने की शुरुआत मार्च में करने की तैयारी की है। - Dainik Bhaskar

सरकार ने 50 साल से ज्यादा उम्र के 27 करोड़ लोगों को टीका लगाने की शुरुआत मार्च में करने की तैयारी की है।

भारत में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा, जितनी तेजी से अब एक्टिव केस बढ़ने लगे हैं। देश में रोज एवरेज 4 लाख टीके लग रहे हैं। 10 दिन पहले यह औसत 3.71 लाख था। यानी सिर्फ 7.20% की बढ़ोतरी। दूसरी ओर कोरोना के मरीज 10 दिन में ही 1.37 लाख से बढ़कर 1.49 लाख हो गए हैं। यानी, 7.87% ज्यादा।

देश में कुल 3 करोड़ हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, जबकि टीके 1.17 करोड़ ही लग पाए हैं। केंद्र सरकार ने फरवरी के आखिर तक सभी वर्कर्स को टीके लगाने का लक्ष्य रखा था। इसे बढ़ाकर मार्च कर दिया गया है। यह लक्ष्य भी अब काफी दूर नजर आ रहा है, क्योंकि अभी पौने 2 करोड़ हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की एक डोज भी नहीं लग पाई है।

यूनियन हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने बताया कि रोज 10 हजार अस्पतालों में वैक्सीन लग रही है। इनमें 2 हजार निजी अस्पताल हैं। आने वाले दिनों में वैक्सीनेशन में तेजी लाने के लिए निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 50 से ज्यादा उम्र के 27 करोड़ लोगों को टीका लगाने की शुरुआत मार्च के मध्य में करने की तैयारी है। वैक्सीनेशन सेंटर्स की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की जाएगी।

पंजाब में दफ्तर-रेस्टोरेंट में बताना होगा स्टाफ का टेस्ट कब कराया
महाराष्ट्र के बाद पंजाब में भी सख्ती बढ़ाई जा रही है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि निजी दफ्तरों और रेस्टोरेंट को अपने स्टाफ के कोरोना टेस्ट का ब्योरा डिस्प्ले में बताना होगा। इसमें बताना होगा कि आखिरी बार कोरोना टेस्ट कब कराया गया था। ताकि, वहां आने वाले लोग जान सकें कि जिनसे वे मिल रहे हैं, उनका टेस्ट हो चुका है।

पंजाब में सिनेमाघरों को 100% दर्शक क्षमता के साथ चलाने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे के बाद विदर्भ में भी नए कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। राज्य सरकार ने कलेक्टरों को छूट दे दी है कि अगर जरूरी लगे तो वे लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू का फैसला ले सकते हैं।

एक राहत की बात भी… अब मौतें नहीं बढ़ रहीं
भारत में 7 फरवरी के बाद कोरोना से रोज होने वाली मौतों का औसत लगातार 100 से नीचे बना हुआ है। दुनियाभर में रोज औसतन 6,500 मौतें हो रही हैं। यानी, दुनिया की कुल मौतों की सिर्फ 1.6% ही भारत में हो रही हैं।

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