बजट में जम्मू-कश्मीर को मिल सकता है बड़ा तोहफा, उपराज्यपाल ने दिए ये बड़े संकेत

जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को गुलशन गाउंड के पुलिस सभागार में आयोजित हार्ट एक्सपो में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार जम्मू-कश्मीर के बजट में कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाए, ताकि हमें किसी भी खाद्द पदार्थों की प्राप्ति करने हेतु किसी अन्य राज्य पर निर्भर न रहना पड़े. विदित हो कि मौजूदा समय में अपनी सौंदर्यता के लिए विख्यात जम्मू-कश्मीर विभिन्न पदार्थों के लिए अन्य सूबों पर निर्भर है. लिहाजा, अब हमारी कोशिश है कि बजट में कृषि क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाए.

उप राज्यपाल ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है. किसानों को उन्नत तकनीक से लैस किया जाएगा, ताकि उनकी कृषि  गतिविधि में त्रिवता आ सके. हमारा किसानों की आय को बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा, ताकि उन्हें अपने आगे के कृषि कार्यों के लिए ऋण प्राप्ति के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़े। उन्होंने कहा कि हम अपने लक्ष्य के बेदह करीब पर पहुंच चुके हैं. जब हमारे किसान भाई उन्नति करेंगे तभी हमारा देश भी उन्नति भी करेगा।

इस बीच वे अपने संबोधन के दौरान सियासी रूख भी अख्तियार करते हुए भी दिखे. उन्होंने कहा कि भले ही अब तक किसानों को झूठे आश्वासन दिए जाते रहे हो, लेकिन अब हमारी सरकार किसानों के हर आश्वासन पर खऱी उतरेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 20  जिलों में किसान संगठनों का गठन किया जाएगा, ताकि प्रदेश के किसान किसी भी समस्या का सामना करने हेतु संगठित हो सके.

आगामी 3 माह किसानों के लिए बेहद अहम

 

उप राज्यपाल ने कहा कि किसानों के लिए आगामी 3 माह बेहद अहम है. आगामी तीन माह में बागवानी की जबरदस्त पैदावार होने जा रही है. वहीं, हमने किसानों को सहूलियत देने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं.  मसलन, तीन हजार सीसी पर लगने वाले रोड टैक्स को खत्म कर दिया गया है, पावर टिलर पर लगने वाले टैक्स को भी खत्म कर दिया गया है.

वहीं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किसानों के प्रयोगशालाओं तक तकनीक को पहुंचाने की प्रक्रिया में जुट सके, जिससे की उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश जारी है. उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मींर के सेब, अखरोट सहित अन्य फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार  में एक अलग कीमत मिल सके. इस दिशा में प्रदेश सरकार प्रयासरत है.

 

भविष्य के लिए तैयार है प्लान

इसके साथ ही उपराज्यपाल ने कहा कि हमने आगामी भविष्य के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि अगले पांच साल में अखरोट, आम, लिचि और स्टोबेरी की खेती  कर इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने का काम करेंगे ताकि, जम्मू-कश्मीर खाद्द पदार्थों के मामले में आत्मनिर्भर रह सके. 

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