LAC पर सामान्य हो रहे हालात: NSA डोभाल और चीनी विदेश मंत्री मिल सकते हैं, तनाव वाले सभी इलाकों से सेना पीछे बुलाने पर होगी बात

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद NSA अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद NSA अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। (फाइल फोटो)

मिलिट्री डिसएंगेजमेंट के बीच भारत और चीन अब राजनीतिक चैनलों के जरिए भी हालात सामान्य करने की कोशिश में लगे हैं। जल्द ही नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच मुलाकात हो सकती है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस मीटिंग में तनाव वाले सभी इलाकों से सेना को पीछे बुलाने के साथ ही अनडिफाइंड बॉर्डर पर भी चर्चा हो सकती है।

पिछले साल जून में हुई थी बात
5 जून को गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद डोभाल और वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया था कि फिर से शांति बहाल हो और भविष्य में गलवान जैसी घटनाएं रोकने के लिए साथ मिलकर काम किया जाए। विदेश मंत्री एस जयशंकर भी बीजिंग से लगातार संपर्क में थे।

पैंगॉन्ग से सेना वापस बुला चीन ने पॉजिटिव माहौल बनाया
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सीनियर ऑफिसर ने बताया कि दोनों पक्ष एक साथ बैठकर काम कर सकते हैं और LAC पर मतभेदों को हल करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। चीन ने पैंगॉन्ग त्सो पर यथास्थिति बहाल करके पॉजिटिव माहौल बनाया है। अब अगर चीनी सेना समझौता तोड़ने की कोशिश करेगी, तो भारत किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। चीन के दबाव बनाने पर कोई बातचीत नहीं हो सकती।

बीजिंग के रवैए पर निर्भर
राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के मुताबिक, यह चीन पर निर्भर करता है कि वह द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करे। भारत को अब चीन के कदमों का जवाब देना है। वहीं, पूर्व सेना प्रमुख ने बताया कि भारत और चीन के संबंध पैंगॉन्ग त्सो में डिसएंगेजमेंट के बाद बीजिंग के रवैए पर निर्भर करेंगे। हालांकि, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की वापसी को नई दिल्ली में बैठी सरकार ने सही मायनों में स्वीकार किया है, जिस वजह से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का हल निकलने के संकेत मिल रहे हैं।

10वें दौर की बातचीत जारी
LAC पर चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए भारत-चीन के मिलिट्री ऑफिसर्स 10वें दौर की बैठक कर रहे हैं। कमांडर लेवल की इस बातचीत में गोगरा, हॉट स्प्रिंग और देप्सांग में डिसएंगेजमेंट को लेकर चर्चा हो रही है। बैठक चीन की साइड वाले मॉल्डो एरिया में हो रही है।

इससे पहले हुई 9 बैठकों में पूर्वी लद्दाख के उत्तरी-दक्षिणी पैगॉन्ग लेक इलाके में डिसएंगेजमेंट को लेकर बातचीत हुई थी। सेना के सूत्रों के मुताबिक डिसएंगेजमेंट के बाद दोनों देशों की सेनाएं अपनी-अपनी परमानेंट पोस्ट तक पहुंच गई हैं।

15 जून को हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे
15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन के 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने अभी तक अपने मारे गए सैनिकों की संख्या नहीं बताई है।

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