7 साल बाद आई दृश्यम 2: साउथ में हैवी वेट एक्टर्स का दबदबा क्यों? जवाब में मोहनलाल बोले- वहां पर्सनैलिटी से ज्यादा परफॉर्मेंस देखा जाता है

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10 मिनट पहलेलेखक: ज्योति शर्मा

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कम्प्लीट एक्टर कहे जाने वाले मोहनलाल और डायरेक्टर-प्रोडूसर जीतू जोसेफ की ‘दृश्‍यम’ एक सुपर हिट फिल्म थी। जिसे बाद में कई भाषाओं में बनाया गया था। लंबे इंतजार के बाद ‘दृश्‍यम’ का पार्ट 2 तैयार हो गया है। 19 फरवरी 2021 को फिल्म ‘दृश्यम 2’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। फिल्म के डायरेक्टर ने बताया कि आखिर क्यों स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में इतना समय लगा। साथ ही फिल्म के बारे और अपने करियर के बारे में खास बातचीत की एक्टर मोहन लाल ने। मोहनलाल से बातचीत के अंश-

Q-कोरोना काल में इस फिल्म की शूटिंग हुई क्या आप इसे लेकर डर हुए थे ?
A-जी हां! लाइफ का रिस्क तो ज्यादा था ही, लेकिन किसी न किसी को तो शुरू करना ही था। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को पटरी पर वापस लाना ही था और ये मेरे लिए एक बड़ा चैलेंज था। सेट पर सभी कोविड की गाइडलाइंस को फॉलो कर रहे थे। डर तो आज भी है, लेकिन डर को कभी-कभी नहीं दिखाना ही अच्छा होता है। ‘दृश्यम 2’ की शूटिंग पूरी करने के बाद ही मैंने दूसरी फिल्म की शूटिंग शुरू की है। सेट पर कोविड के सभी प्रोटोकॉल फॉलो किए जाते थे। रिस्क आज भी है लेकिन काम करना भी जरुरी है।

Q-अब तक सभी फिल्में थियेटर्स में लगी हैं और फैंस ने फिल्म को सेलिब्रेट भी किया है और वो रिएक्शन और सेलिब्रेशन आप तक पंहुचा भी है लेकिन अब ये पहली फिल्म ओटीटी पर आ रही है क्या कहना चाहेंगे और फैंस के रिएक्शंस को कितना मिस करेंगे ?
A-‘दृश्यम 2’ दूसरी फिल्मों की तरह नहीं है। ये एक इमोशनल और फॅमिली फिल्म है। जो मेरी दूसरी फिल्में आयी हैं उनका प्रेजेंटेशन अलग होता है। मुझे लगता है कि लोग इस फिल्म को स्मॉल स्क्रीन पर एन्जॉय करेंगें। 4 महीनें बाद ये फिल्म थिएटर में भी आ जायेगी। तो उन्हें एक बार फिर फिल्म देखने का मौका मिलेगा और तब वे अपना प्यार दिखा सकते हैं जैसे वे चाहते हैं।

Q-जब आप सेट पर पहुंचे तब उस वक्त क्या आपको ‘दृश्यम’ के समय की कुछ यादें ताजा हुईं?
A-सेम फर्नीचर, सेम फैमिली, सेम पेंटिंग, सेम हाउस ऐसा लग रहा था कि मैं अपने घर पर ही हूं और उस समय की कई यादें ताजा हुईं।

Q-चाइना ने ‘दृश्यम’ के राइट को लेकर अपने वर्जन में फिल्म को बनाया है क्या आपने उसे देखा है और कितना प्राऊड मोमेंट होता है जब दूसरी कंट्री आपकी फिल्मों को लेकर उस पर फिल्म बनाती है ?
A-बहुत ही खूबसूरत फीलिंग होती है और जो सब्जेक्ट है वे बहुत ही बेहतरीन है। पूरी कहानी परिवार और कैसे एक पिता अपने परिवार को बचाना चाहता है उसके बारे में है और ये फिल्म का यूनिवर्सल सब्जेक्ट है। उन्होंने अपनी तरह से फिल्म बनाई है और जो क्लाइमेक्स है उसे बदल दिया है। चाइना में बनाई गई फिल्मों में से ये एक बड़ी हिट फिल्म अंडर 21 है। उन्होंने ‘दृश्यम’ जो बनाई है और उसमें जो चेंज किए हैं उसके कारण वे अब ‘दृश्यम 2’ नहीं बना सकते हैं क्योंकि चाइनीस वर्जन में जॉर्जीकुट्टी पुलिस वालों के सामने खुद को सरेंडर कर देता है। साथ ही ये भी हो सकता है कि वे ‘दृश्यम 2’ में किसी तरह का बदलाव करदें।

Q-43 सालों से आप इस इंडस्ट्री में हैं कितना बदलाव आपने अपने अंदर देखा है और साउथ इंडस्ट्री में भी ?
A-मुझे नहीं पता कि मैं एक लाइन में अपनी लंबी जर्नी को कैसे बताऊं, लेकिन हर पल हर समय नए-नए चेंजेज आते रहते हैं। बतौर एक्टर मैं ग्रो हुआ हूं। फिल्म इंडस्ट्री की बात करूं तो फिल्में बनाने के तरीके में कई बदलाव आए हैं। अब फिल्में कई एंगल्स में बनाई जा रही हैं और इसमें कई डाइमेंशंस भी बदले हैं। फिल्मों के लिए ये बहुत ही बड़ी इंडस्ट्री है और टेक्निक के लिए देखा जाए तो कई सारे बेहतरीन बदलाव आए हैं इस इंडस्ट्री में।

Q-साउथ इंडस्ट्री में हेवी बॉडी एक्टर्स को एक्सेप्ट किया जाता है लेकिन बॉलीवुड में एसा नहीं होता आखिर क्यों ?
A-मुझे नहीं पता! इस सवाल का जवाब मैं क्या दूं? लेकिन साउथ की मैं बात करूं तो ऑडियंस एक्टर्स की परफॉर्मेंस को पसंद करती है। बजाए इसके कि वे मोटे हैं या फिट हैं क्योंकि गोल्डन एरा से ही ऐसा चलता आ रहा है। ये एक कल्चर है हम एसा कह सकते हैं। हालांकि अब समय के साथ बदल रहा है क्योंकि आज के एक्टर्स जो हैं वे अपने डाइट और फिटनेस को लेकर कॉन्शियस हैं। बदलाव तो साउथ इंडस्ट्री में भी आ रहा है लेकिन मैं इसे कंपेयर नहीं कर सकता हूं क्योंकि मुझे इसके पीछे का रीजन नहीं पता है ।

फिल्म को बनाने में सात साल क्यों लगे ?

फिल्म के डायरेक्टर-प्रोडूसर जीतू जोसेफ ने बताया, ‘मैंने 2015 में इस फिल्म का सीक्वल बनाने के लिए सोचा था। लेकिन इसके पहले मुझे लगता ही नहीं था कि इस फिल्म का सीक्वेल बनाया जा सकता है। जिस वक्त मैंने अपनी फॅमिली को बताया कि मैं ‘दृश्यम 2’ की कहानी लिखने जा रहा हूं तो उन्होंने मुझे कहा कि आपने एक अच्छी फिल्म बनाई है अब उसका सीक्वल बना कर उसे खराब न करें। इस बारे में मैंने अंटोनी और मोहनलाल को बताया की मैं ‘दृश्यम 2′ की कहानी लिख रहा हूं। जब मैंने स्क्रिप्ट लिखली तब मैंने सबसे पहले अपनी फॅमिली को दिखाया जिन्होंने मुझे सबसे पहले रोका था। जब उन्होंने फाइनल ड्राफ्ट पढ़ा उसके बाद कहा कि डैडी आप इस फिल्म को जरूर बनाइए, ये एक बेहतरीन कहानी है। उसके बाद मैंने मोहनलाल को स्क्रिप्ट भेजी और फिर जिस-जिस को भेजी पूछने के लिए सभी को पसंद आई। मुझे उसके बाद बल मिला कि ये फिल्म बनानी चाहिए ये एक अच्छी फिल्म है।’

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