डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं विराट कोहली, बोले- लगने लगा था कि दुनिया में अकेला हूं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली भी एक वक्त डिप्रेशन से जूझ रहे थे। कोहली ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क निकोलस के साथ ‘नॉट जस्ट पॉडकास्ट’ कार्यक्रम के दौरान इस बात का खुलासा किया। विराट ने बताया कि साल 2014 में जब इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और लगातार असफल हो रहे थे तो उन्हें लगने लगा था कि वह दुनिया में अकेले हैं। वे खुद को दुनिया का सबसे लाचार व्यक्ति समझ रहे थे।

नॉट जस्ट पॉडकास्ट’ कार्यक्रम में कोहली से जब पूछा गया कि वह कभी डिप्रेशन में रहे? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘हां, मेरे साथ ऐसा हुआ था। यह सोचकर अच्छा नहीं लगता था कि आप रन नहीं बना पा रहे हो। मुझे लगता है कि सभी बल्लेबाजों को किसी दौर में ऐसा महसूस होता है कि आपका किसी चीज पर कतई नियंत्रण नहीं है।’ उन्होंने इंग्लैंड दौरे के बारे में कहा, ‘आपको पता नहीं होता है कि इससे कैसे पार पाना है। यह वह दौर था जबकि मैं चीजों को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता था। मुझे ऐसा महसूस होता था कि जैसे कि मैं दुनिया में अकेला हूं।’

कोहली ने कहा कि डिप्रेशन से निकलने में 1990 की टीम इंडिया ने उनकी काफी मदद की। उन्होंने कहा, ‘मैं जब भी 90s की टीम को याद करता हूं, तो मुझे समझ में आता है कि क्या करना चाहिए। मैंने टीम इंडिया को कई मैच जीतते हुए देखा। फिर मुझे यकीन हुआ कि खुद पर विश्वास करने से जादुई चीजें भी होती हैं। अगर कोई शख्स ठान ले, तो वह उसे बदल सकता है। यहीं से मुझे आगे बढ़ने का रास्ता दिखा। देश के लिए खेलने का जुनून यहीं से बढ़ा।’

बता दें कि कोहली ने 2014 में इंग्लैंड दौरे पर 5 टेस्ट की 10 पारियों में 13.50 की औसत से 134 रन बनाए थे। उन्होंने 1, 8, 25, 0, 39, 28, 0,7, 6 और 20 रन की पारियां खेली थीं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौर में उन्होंने 692 रन बनाकर शानदार वापसी की थी।

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