पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर संकट, उपराज्यपाल ने 22 फरवरी को फ्लोर टेस्ट के लिए कहा

डिजिटल डेस्क, पुडुचेरी।  पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के कुछ ही घंटे बाद, तमिलिसाई साउंडराजन ने विधानसभा में 22 फरवरी को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है। फ्लोर टेस्ट के बाद यह साफ हो जाएगा कि केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के पास बहुमत है या नहीं। वोटिंग के दौरान पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाएगी।

बीते दो दिनों में दो विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बहुमत खोती दिखाई दे रही है। देर शाम, केंद्र ने केंद्र शासित प्रदेश की उपराज्यपाल किरण बेदी को भी हटा दिया, जिनके साथ सरकार की लंबे समय से लड़ाई चल रही है। तेलंगाना के गवर्नर और तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष साउंडराजन को पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

फिलहाल कांग्रेस के विधानसभा में 10 सदस्य हैं जबकि डीएमके के 3 सदस्य और एक निर्दलीय विधायक का उसे समर्थन प्राप्त है। वहीं, विपक्ष में सात ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के सदस्य, चार एआईएडीएमके के सदस्य और तीन मनोनीत सदस्य हैं जिनमें सभी को आमतौर पर बीजेपी के सदस्य के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष ने पहले ही मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के इस्तीफ़े की मांग कर दी है लेकिन उन्होंने इनकार करते हुए कहा है कि उनके पास बहुमत है।

मुख्यमंत्री नारायणसामी और किरण बेदी और में हमेशा से सरकार चलाने को लेकर खींचतान चलती रहती थी। नारायणसामी के आरोप थे कि वह एक चुनी हुई सरकार को काम करने नहीं दे रही हैं। नारायणसामी ने किरण बेदी को पद से हटाए जाने के बाद कहा कि उनके दबाव के कारण भारत सरकार ने किरण बेदी को पद से हटाया है क्योंकि वह कल्याणकारी योजनाओं को बाधित कर रही थीं।

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