ग्लोबल एनालिसिस- 2020: एक साल में 44 महिलाओं समेत 331 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या, इनमें 6 भारतीय; आवाज दबाने 40% मामलों में गिरफ्तारी या प्रताड़ित किया

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नई दिल्ली10 घंटे पहले

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  • दुनिया भर में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर जारी रिपोर्ट
  • जिनकी हत्या हुई उनमें दो-तिहाई लोग पर्यावरण, जमीन, आदिवासी अधिकारों के लिए काम कर रहे थे

2020 में दुनिया भर में 44 महिलाओं समेत 331 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। इनमें 6 भारतीय भी थे। इनमें से दो तिहाई लोग पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए काम कर रहे थे। मानवाधिकार संगठन फ्रंटलाइन डिफेंडर्स की ‘ग्लोबल एनालिसिस 2020’ नाम की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 177 लोगों की हत्या कोलंबिया में हुई। आवाज दबाने के लिए 10 में से 4 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या प्रताड़ित भी किया गया।

फिलीपींस में अफगानिस्तान से ज्यादा हत्याएं, कोलंबिया में सबसे ज्यादा 177
कोलंबिया में 177 लोगों की हत्या कर दी गई। यह शीर्ष-10 में शामिल बाकी 9 देशों में हुई हत्याओं से डेढ़ गुना है।

इनके अलावा इराक-8, पेरू-8 और भारत-6 भी शीर्ष-10 देशों में शामिल।

इनके अलावा इराक-8, पेरू-8 और भारत-6 भी शीर्ष-10 देशों में शामिल।

इन 6 भारतीयों की भ्रष्टाचार, जमीन माफिया, दलित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने पर हत्या कर दी गई।

  • पंकज कुमार, बिहार- पटना की सोन नदी में मिला गोलियों से छलनी शव, रेत माफिया पर शक।
  • रंजन कुमार दास, ओडिशा- नेशनल पार्क और कोयला खान में भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर हत्या।
  • शुभम मणि त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश- अवैध कब्जे का खुलासा किया तो भू-माफियाओं ने हत्या कर दी।
  • बाबर कादरी, जम्मू-कश्मीर- सितंबर 2020 में अज्ञात बंदूकधारियों ने घर में घुसकर हत्या कर दी।
  • राकेश सिंह निर्भीक, उत्तर प्रदेश- भ्रष्टाचार का खुलासा किया, तो सैनिटाइजर डालकर जला दिया।
  • देवजी माहेश्वरी, गुजरात- दलित उत्पीड़न के बारे में लिखने पर सितंबर में हत्या। 9 आरोपी गिरफ्तार।

जिनकी हत्या हुई, उनमें से 20% महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे
रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों की हत्या कर दी गई उनमें 20 लोग ऐसे थे, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहे थे।

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डराने-धमकाने से लेकर मारपीट और घरों या दफ्तरों में छापेमारी तक हुई
10 में से 5 मामलों में आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की गई। घरों या दफ्तरों में छापे तक मारे गए।

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