LAC की सैटेलाइट तस्वीरें: पैंगॉन्ग लेक के पास चीनी सेना ने बना लिए थे 100 से ज्यादा बंकर; अब पूरे इलाके को खाली कर वापस लौटने लगे

  • Hindi News
  • National
  • LAC Satellite Photos Latest; India China Boder Pangong Lake Latest Update | Chinese People Liberation Army Built More Than 100 Bunkers

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
फोटो 30 जनवरी को सैटेलाइट के जरिए ली गई है। तब फिंगर-6 पर चीनी सैनिकों का बंकर दिख रहा था। अब इसे हटाना शुरू कर दिया है। - Dainik Bhaskar

फोटो 30 जनवरी को सैटेलाइट के जरिए ली गई है। तब फिंगर-6 पर चीनी सैनिकों का बंकर दिख रहा था। अब इसे हटाना शुरू कर दिया है।

पूर्वी लद्दाख की पैंगॉन्ग लेक के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। सैटेलाइट इमेज से मालूम चलता है कि चीनी सेना ने फिंगर 8 से लेकर फिंगर 5 तक थोड़ी-थोड़ी दूर पर 100 से ज्यादा बंकर बना लिए थे। अब चीनी सेना इन इलाकों को खाली कर रही है। सैटेलाइट इमेज मैक्सर टेक्नोलॉजी ने जारी की है।

फिंगर-8 की तरफ रहेगी चीनी सेना
भारतीय सेना से हुए समझौते के मुताबिक, चीन अपनी टुकड़ियों को पैंगॉन्ग लेक के नॉर्थ बैंक में फिंगर-8 के पूर्व की तरफ रखेगा। इसलिए चीन ने फिंगर 6 तक के इलाकों को खाली करना शुरू कर दिया है। बंकर तोड़े जा रहे हैं इंडियन आर्मी ने भी मंगलवार को डिसएंगेजमेंट की फोटो और वीडियो जारी किया था। इसमें चीन की आर्मी अपना सामान लेकर लौटती दिख रही है। इसके अलावा चीनी सेना इन इलाकों से अपने बंकर तोड़ते हुए भी दिख रही है। सेना ने टेंट, तोप और गाड़ियां भी यहां से हटा ली हैं। करीब 10 महीने से यहां चीन की सेना ने कब्जा किया था।

फोटो फिंगर-6 की है। पहली फोटो 30 जनवरी को ली गई थी और दूसरी 16 फरवरी को। पहली फोटो में चीनी सेना और उनका बंकर दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी में नहीं।

फोटो फिंगर-6 की है। पहली फोटो 30 जनवरी को ली गई थी और दूसरी 16 फरवरी को। पहली फोटो में चीनी सेना और उनका बंकर दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी में नहीं।

मई से ही दोनों देशों के बीच तनाव था
भारत-चीन के बीच पिछले साल मई से तनाव था। 15 जून को यह तब चरम पर जा पहुंचा, जब भारतीय इलाके में घुसी चीनी सेना को रोकने की कोशिश में गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष हो गया। यही नहीं, अगस्त-सितंबर में 45 साल बाद भारत-चीन सीमा पर गोलियां चलीं।

हालांकि, सितंबर से ही भारत ने चीन के साथ डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल की बातचीत जारी रखी। 9 दौर की बातचीत के दौरान डिसएंगेजमेंट को लेकर खबरें आती रहीं, लेकिन बीते हफ्ते पहली बार रक्षा मंत्री ने संसद में इस बारे में खुलकर बताया।

फोटो फिंगर 6 की है। पहली फोटो 30 जनवरी को ली गई थी, जबकि दूसरी फोटो 16 फरवरी को।

फोटो फिंगर 6 की है। पहली फोटो 30 जनवरी को ली गई थी, जबकि दूसरी फोटो 16 फरवरी को।

लद्दाख में सबसे विवादित इलाका है पैंगॉन्ग लेक
भारत-चीन के बीच बॉर्डर इलाकों की साफतौर पर पहचान नहीं है। इसी वजह से सीमा पर तनाव रहता है। ऐसा ही एक इलाका है पूर्वी लद्दाख का पैंगॉन्ग लेक एरिया। यह कोई छोटी झील नहीं है। 14 हजार 270 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस झील का इलाका लद्दाख से लेकर तिब्बत तक फैला हुआ है। झील 134 किलोमीटर लंबी है। कहीं-कहीं 5 किलोमीटर तक चौड़ी भी है। दोनों देशों की सेना यहां नावों से पेट्रोलिंग करती है।

इस झील के बीच से भारत-चीन की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC गुजरती है। झील के दो-तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है। बाकी भारत के हिस्से आता है। इसी वजह से यहां अक्सर तनाव पैदा होते रहते हैं। झील किनारे की दुर्गम पहाड़ियां आगे की ओर निकली हुईं हैं, जिन्हें फिंगर एरिया कहा जाता है। ऐसे 8 फिंगर एरिया हैं, जहां भारत-चीन सेना की तैनाती है। गलवान की झड़प के बाद चीन ने बड़ी तादाद में इन इलाकों में जवानों की तैनाती कर ली थी। भारत ने भी यहां सेना की तैनाती की।

फोटो फिंगर 5 की है। चीन की सेना ने यहां तक अपना बंकर बना लिया था। अब इसे भी खाली कर दिया है।

फोटो फिंगर 5 की है। चीन की सेना ने यहां तक अपना बंकर बना लिया था। अब इसे भी खाली कर दिया है।

डिसएंगेजमेंट के समझौते की 7 बड़ी बातें

1. दोनों देश फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट हटाएंगे। यानी दोनों देशों की जो टुकड़ियां, अब तक एक-दूसरे के बेहद करीब तैनात थीं, वहां से पीछे हटेंगी।
2. चीन अपनी टुकड़ियों को पैंगॉन्ग लेक के नॉर्थ बैंक में फिंगर-8 के पूर्व की तरफ रखेगा।
3. भारत अपनी टुकड़ियों को फिंगर-3 के पास परमनेंट थनसिंह थापा पोस्ट पर रखेगा।
4. पैंगॉन्ग लेक से डिसएंगेजमेंट के 48 घंटे के अंदर सीनियर कमांडर स्तर की बातचीत होगी और बचे हुए मुद्दों पर भी हल निकाला जाएगा। (डिसएंगेजमेंट बुधवार से शुरू हुआ है।)
5. लेक के नॉर्थ बैंक की तरह साउथ बैंक में भी डिसएंगेजमेंट होगा। (कब से होगा ये अभी नहीं बताया गया है।)
6. अप्रैल 2020 से दोनों देशों ने पैंगॉन्ग लेक के नॉर्थ और साउथ बैंक पर जो भी कंस्ट्रक्शन किए हैं, उन्हें हटाया जाएगा और पहले की स्थिति कायम की जाएगी।
7. दोनों देश नॉर्थ बैंक पर पेट्रोलिंग को फिलहाल रोक देंगे। पेट्रोलिंग जैसी मिलिट्री गतिविधियां तभी शुरू होंगी, जब बातचीत से कोई समझौता बन जाएगा।

Source link

Leave a Reply