फोन में शेयरइट है तो तुरंत करें डिलीट: शोधकर्ताओं ने कहा ऐप के एंड्रॉयड वर्जन में है कई सुरक्षा खामियां, हैकर्स आसानी से चुरा सकते हैं डेटा

  • Hindi News
  • Tech auto
  • SHAREit Flaw; SHAREit Flaw Leaves Millions Of Users Vulnerable, Security Researchers Recommend Uninstalling It

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • साइबर सिक्योरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो के शोधकर्ताओं ने खामियों को ढूंढा
  • फर्म ने तीन महीने रिसर्च करने के बाद इस रिपोर्ट का खुलासा किया है

दुनियाभर में लाखों लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली फाइल शेयरिंग ऐप शेयरइट में शोधकर्ताओं ने कई खामियां ढूंढ निकाली है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी ट्रेंड माइक्रो की अपनी रिपोर्ट में बताया कि ऐप के एंड्रॉयड वर्जन में कई सुरक्षा खामियों मौजूद हैं, जिससे हैकर्स आसानी से डेटा लीक कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने यह तक कहा कि अगर फोन में यह ऐप है, तो इसे जल्द से जल्द डिलीट कर दें।

साइबर सिक्योरिटी फर्म ट्रेड माइक्रो ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ऐप में पाई गई खामियों का इस्तेमाल कर हैकर्स यूजर्स के प्राइवेट डेटा को आसानी से लीक कर सकते हैं।किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस ऐप को भारत में बैन कर दिया गया है और ऐप एनी के अनुसार यह 2019 में शेयरइट दुनियाभर में 10 सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले ऐप्स में शामिल था। यानी इस ऐप के कारण लाखों लोगों का डेटा खतरे में है।

ऐप को हाईजेक भी कर सकते हैं हैकर्स
ट्रेंड माइक्रो के एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने बताया कि उन्होंने शेयरइट में कई खामियां ढूंढी हैं। इससे यूजर्स के संवेदनशील डेटा को लीक किया जा सकता है। इतना ही नहीं ऐप में मौजूद मालवेयर से प्रभावित कोड का इस्तेमाल करके हैकर्स ऐप को हाईजैक भी कर सकता है। साइबर सिक्योरिटी फर्म ने इस बात की जानकारी गूगल को दे दी है। हालांकि गूगल की ओर से अभी तक इस ऐप पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। फर्म ने शेयरइट को भी इस मामले के बारे में जानकारी दी है। लेकिन अभी तक कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। आपको बता दें कि फर्म की ओर से रिसर्च के तीन महीने बाद इस रिपोर्ट का खुलासा किया गया है।

शेयरइट लेता है यूजर्स की ये जानकारी
गूगल प्ले स्टोर परमिशन के रीडआउट के अनुसार शेयरइट यूजर के फोन के स्टोरेज और सभी मीडिया, कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन सभी की जानकारी लेता है। यह ऐप को डिलीट कर सकता है, स्टार्टअप को रन कर सकता है। इसके अलावा अकाउंट और पासवर्ड क्रिएट करने के साथ-साथ कई काम कर सकता है। इसके साथ ही इस ऐप के पास नेटवर्क का भी फुल एक्सेस होता है। ट्रेंड माइक्रो का कहना है हैकर्स इस ऐप के जरिए यूजर्स के प्राइवेट और संवेदनशील डेटा को आसानी से चुरा सकते हैं।

यूजर्स को क्या करना चाहिए
दुनियाभर में ऐप के करीब 180 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। हालांकि, भारत में नवंबर 2020 में इसे टिकटॉक समेत अन्य चीनी ऐप्स के साथ बैन किआ जा चुका है। ऐसे में भारत में यह आधिकारिक तौर मौजूद नहीं है लेकिन फिर भी अगर किसी अन्य सोर्स से इसे डाउनलोड किया है तो उसे तुरंत इसे डिलीट करने में ही समझदारी होगी। इस ऐप की जगह आप आईफोन के लिए एयरड्रॉप फीचर, एंड्रॉयड फोन पर वाई-फाई डायरेक्ट, फाइल्स गो (FilesGo) जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Source link

Leave a Reply