जिस महिला के पैर में कीड़े पड़े, उसकी कहानी: मकान पर लोगों ने कब्जा कर लिया, पैर में चोट लगी तो इंदौर के सबसे बड़े अस्पताल में भी सही इलाज नहीं हुआ

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इंदौर10 घंटे पहलेलेखक: राजीव तिवारी

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अब पुष्पा बाई का इलाज इंदौर के ही अरबिंदो अस्पताल में चल रहा है। इनसेट में आप इस बुजुर्ग-बेसहारा महिला के पैर में लगे कीड़े देख सकते हैं। अब इसकी सफाई कर दी गई है। - Dainik Bhaskar

अब पुष्पा बाई का इलाज इंदौर के ही अरबिंदो अस्पताल में चल रहा है। इनसेट में आप इस बुजुर्ग-बेसहारा महिला के पैर में लगे कीड़े देख सकते हैं। अब इसकी सफाई कर दी गई है।

महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल (MYH) मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां 22 दिसंबर 2020 को पैर में चोट के इलाज के लिए बुजुर्ग महिला पहुंची। 18 जनवरी 2021 को उसे यह कहते हुए डिस्चार्ज किया गया कि घाव सूखने के बाद चेकअप के लिए हॉस्पिटल आएं। घाव तो नहीं सूखा, उल्टा पैर में कीड़े जरूर पड़ गए। सोमवार को यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। किसी राहगीर ने इस बुजुर्ग बेसहारा को बिजासन चौराहे पर छोड़ा। बाद में कुछ समाजसेवी संस्था के लोग अरबिंदो हॉस्पिटल ले गए। यहां महिला का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा- हम अस्पताल का खर्च देंगे, लेकिन अरबिंदो हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने फ्री ट्रीटमेंट का वादा किया है।

MY अस्पताल में फिर इलाज के बारे में पुष्पा ने कहा-हाथ जोड़ती हूं वहां मत ले जाना। वहां तो कसाई रहते हैं। इससे बेहतर है कि श्मशान छोड़ दें।

MY अस्पताल में फिर इलाज के बारे में पुष्पा ने कहा-हाथ जोड़ती हूं वहां मत ले जाना। वहां तो कसाई रहते हैं। इससे बेहतर है कि श्मशान छोड़ दें।

महिला की कहानी उसी की जुबानी
भास्कर से बातचीत में इस महिला ने अपनी कहानी बयां की। कहा- मेरा नाम पुष्पा बाई है। मां का नाम लक्ष्मी था। वे सीहोर कलेक्ट्रेट में थीं। पिता बाबू सिंह बेंगलुरु में जॉब करते हैं। मैंने खुद डबल MA किया। कुछ दिन नौकरी की। फिर छोड़ दी। शादी नहीं की। देश की सेवा के लिए पुलिस या सेना में जाना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

पुष्पा बाई के मुताबिक- दो महीने पहले मां का निधन हुआ। इसके पहले मैं मां के साथ इंदौर के वल्लभनगर में रहती थी। इसके बाद सीहोर चली गई। दिसंबर में इंदौर लौटी तो देखा कि मेरे मकान पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। इसी दौरान पैर में चोट लग गई। इलाज के लिए MYH गई। इसके बाद क्या हुआ? यह सबके सामने है।

अरबिंदो अस्पताल में पुष्पा के पैर से कीड़े निकाले गए हैं।

अरबिंदो अस्पताल में पुष्पा के पैर से कीड़े निकाले गए हैं।

डॉक्यूमेंट्स भोपाल में अटके, बैंक बैलेंस की जानकारी नहीं
पुष्पा कहती हैं- मैं मजबूर हूं। हिंदी लिट्रेचर में डबल MA किया, लेकिन डॉक्यूमेंट्स नहीं दिखा सकती। मेरा सामान एक पेटी में है। वो पेटी भोपाल के बैरागढ़ में एक व्यक्ति के पास रखी है। मां ने मौत से पहले कुछ लोगों को बैंक बैलेंस की जानकारी दी थी। अब उन लोगों को मैं खोज नहीं पा रही हूं। मां मेरे लिए प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस छोड़कर गईं, लेकिन कुछ गुंडों की नजर इस पर पड़ गई।

अब MYH की भी सुनिए…
एमवाय अस्पताल के डॉ. पीएस ठाकुर के मुताबिक- पुष्पा बाई पिता बाबू सिंह 22 दिसंबर 2020 को अस्पताल में भर्ती हुईं। 17 जनवरी 2021 को इनका डिस्चार्ज कार्ड बना। 18 जनवरी को इन्हें डिस्चार्ज किया गया। डॉक्टर घनघोरिया की यूनिट में 23 दिन इलाज चला। पैर में गहरा और संक्रमण वाला जख्म था। सर्जरी के साथ एंटीबॉयोटिक्स एवं सपोर्टिव ट्रीटमेंट देकर उनकी जान बचाई। डिस्चार्ज के वक्त दवाइयां दी गईं और रेग्युलर चेकअप के लिए कहा गया।

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