नई रिसर्च: कैंसर का खतरा घटाना है तो ग्रीन-टी पिएं, यह शरीर में ऐसे प्रोटीन को बढ़ाती है जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है

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  • If You Want To Reduce The Risk Of Cancer, Drink Green tea, It Increases The Protein In The Body That Kills Cancer Cells.

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एक घंटा पहले

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  • नेचुरोपैथी एक्सपर्ट के मुताबिक, दिनभर में दो से ज्यादा ग्रीन-टी न पिएं
  • इसमें शक्कर न मिलाएं, टेस्ट बढ़ाने के लिए नींबू और शहद मिला सकते हैं

ग्रीन-टी कैंसर से बचाती है। नई रिसर्च में इसकी वजह भी बताई गई है। वैज्ञानिकों का कहना है, ग्रीन-टी पीने पर शरीर में एंटी-कैंसर प्रोटीन (p53) का लेवल बढ़ता है। यह प्रोटीन डैमेज हुए DNA को रिपेयर करने के साथ कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है।

नेचर कम्युनिकेशन जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, ग्रीन-टी में मौजूद खास तरह का तत्व इपिगैलोकैटेकिन गैलेट ही शरीर में एंटी-कैंसर प्रोटीन p53 का लेवल बढ़ाने में मदद करता है। ये दोनों मिलकर कैंसर का खतरा घटाते हैं।

हार्ट डिजीज का खतरा 20% घटता है

हफ्ते में कम से कम 3 बार ग्रीन-टी पीने वालों में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 20% तक कम होता है। ऐसे लोग 15 माह अधिक भी जीते हैं। यह दावा 1 लाख से अधिक लोगों पर 7 साल तक चली रिसर्च में सामने आया है।

रिसर्च में शामिल वरिष्ठ शोधकर्ता डोंगफेंग ग्यू के मुताबिक, इसकी मुख्य वजह ग्रीन टी में पाया जाने वाला माइक्रोन्यूट्रिएंट “पॉलीफिनोल है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह न केवल हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि डायबिटीज, पार्किंसन्स, अल्जाइमर्स और वजन से जुड़ी परेशानियां दूर करने में भी मददगार है।

दिनभर में दो से अधिक न लें ग्रीन टी
आयुर्वेद और नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं, दिनभर में दो कप से ज्यादा ग्रीन नहीं लेनी चाहिए। सबसे जरूरी बात है कि इसमें शक्कर का इस्तेमाल न करें और शाम 6 बजे से पहले ही पी लें, वरना नींद न आने की शिकायत हो सकती हे।

इसमें शक्कर की जगह शहद का प्रयोग कर सकते हैं लेकिन चाय ठंडी होने के बाद ही शहद मिलाएं, वरना इसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। इसे और फायदेमंद बनाने के लिए नींबू रस की कुछ बूंदे डाल सकते हैं।

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