भोपाल में भारत भवन का 39वां स्थापना समारोह: चित्रकार भूरी बाई बोलीं- इस मंच पर मुख्य अतिथि बनना पद्मश्री मिलने से बड़ा सम्मान; यहां मैंने ईंटें ढोईं

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3 घंटे पहले

भूरी बाई को 1986-87 में मध्‍यप्रदेश सरकार के सर्वोच्‍च पुरस्‍कार शिखर सम्‍मान से सम्मानित किया गया था। 1998 में मध्‍यप्रदेश सरकार ने उन्‍हें अहिल्‍या सम्‍मान से भी सम्मानित किया।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारत भवन का 39वां स्थापना दिवस समारोह रविवार को शुरू हो गया। लोक कला विशेषज्ञ डॉ. कपिल तिवारी और चित्रकार भूरी बाई ने इसका शुभारंभ किया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं भूरी बाई ने कहा कि जिस भारत भवन के निर्माण के समय ईंटें ढोईं वहीं आज मुख्य अतिथि बनना गौरव की बात है। यह पद्मश्री मिलने से बड़ा सम्मान है। कपिल तिवारी और भूरी बाई को गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

भारत भवन के बहिरंग में मंच पर बैठीं भूरी बाई। वे मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के पिटोल गांव की रहने वाली हैं।

भारत भवन के बहिरंग में मंच पर बैठीं भूरी बाई। वे मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के पिटोल गांव की रहने वाली हैं।

भारत भवन के हर कोने में मेरा पसीना गिरा
मंच पर पहुंचीं भूरी बाई ने कहा, ‘मुझे भारत भवन की सब बातें याद आ रही हैं, जब मैंने यहां माल ढोया, ईंटें उठाईं। यहां के हर कोने में मेरा पसीना गिरा है। यहां मेरी पेंटिंग भी लगी है। इस भारत भवन ने मेरे मजदूर से कलाकार बनने की यात्रा देखी है। मैं उस छत के नीचे खड़ी हूं, जहां मेरे गुरु स्वामीनाथन (मशहूर चित्रकार जे. स्वामीनाथन) ने अंगुली पकड़कर कला का रास्ता दिखाया था।’

पद्मश्री से सम्मानित दो कलाकार। बाएं लोक कला विशेषज्ञ डॉ. कपिल तिवारी, दाएं उन्हें अपनी पेंटिंग दिखातीं चित्रकार भूरी बाई।

पद्मश्री से सम्मानित दो कलाकार। बाएं लोक कला विशेषज्ञ डॉ. कपिल तिवारी, दाएं उन्हें अपनी पेंटिंग दिखातीं चित्रकार भूरी बाई।

भूरी बाई के साथ मंच साझा करना मेरा सौभाग्य: कपिल तिवारी
कपिल तिवारी ने कहा, ‘भारत भवन की इस कला यात्रा में महान चित्रकार, गायक, नर्तक, साहित्यकार, नाटककार और कलाकार साक्षी रहे। मैं अपने आप को अतिथि बनने के लायक नहीं समझता। मुझे खुशी है कि मुझे भूरी बाई जैसी अद्भुत कलाकार के साथ न केवल मंच साझा करने का सौभाग्य मिला, बल्कि पद्मश्री भी उन्हीं के साथ मिलेगा। ऐसी छुपी हुई प्रतिभा का सम्मान निश्चित ही गौरव का पल है।’

भूरी बाई को सम्मानित करते संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला। भूरी बाई पिथोरा शैली में चित्रकारी करती हैं।

भूरी बाई को सम्मानित करते संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला। भूरी बाई पिथोरा शैली में चित्रकारी करती हैं।

भूरी बाई संस्कृति विभाग की ब्रांड एंबेसडर भी हैं
भूरी बाई को मध्यप्रदेश के संस्कृति विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि भूरी बाई मध्यप्रदेश में कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करने वाली रियल सेलेब्रिटी हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर पूरे देश को गर्व है।

भारत भवन के स्थापना समारोह का शुभारंभ करतीं भूरी बाई। भूरी बाई को पहले हिंदी ठीक से नहीं आती थी। वे भीली बोली बोलती थीं।

भारत भवन के स्थापना समारोह का शुभारंभ करतीं भूरी बाई। भूरी बाई को पहले हिंदी ठीक से नहीं आती थी। वे भीली बोली बोलती थीं।

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