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नई दिल्ली.अब भारत के सभी राज्यों में व्यवसाय करना आसान हो जाएगा। राज्यों के सामाजिक और आर्थिक विकास को और मजबूती दी जाएगी क्योंकि राज्य के विकास में ही राष्ट्र का विकास है। इसी उद्देश्य के साथ इस बार पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ‘द स्टेट कॉन्क्लेव-2018’ सम्मेलन करने जा रहा हैं। यह स्टेट कॉन्क्लेव 24 अगस्त 2018 को होटल ताज पैलेस, सरदार पटेल मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य भारत के राज्यों में सामाजिक व आर्थिक विकास को और मजबूत करना है।

यह इस बार "मजबूत राज्य से मजबूत राष्ट्र की ओर’ के मकसद के साथ आएं हैं। यह कॉन्क्लेव राज्यों के संघीय ढांचे को मजबूत और सशक्त बनाने के मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के तहत होगा। इस बार इस स्टेट कॉन्क्लेव का थीम स्टेट @न्यू इंडिया 2022 है, साथ ही "मजबूत राज्य से मजबूत राष्ट्र की ओर’ के स्लोगन के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

इन राज्यों पर होगा फोकस :
इस कॉन्क्लेव के फोकस राज्य – हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली हैं। यहां इन राज्यों के मुख्यमंत्री और उद्योग प्रतिनिधिमंडल कॉन्क्लेव के सत्र और बी2जी बैठक में भाग लेंगे। सम्मेलन में उन संभावित निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने राज्य सरकार के साथ निवेश करने में रूचि दिखाई है। सम्मेलन में उद्योग के उन पार्टनर्स और निवेशकों की उपस्थिति होगी, जिनके इन राज्यों में पहले से ही कारोबार हैं। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य समस्याओं पर बातचीत करने और सरकारी-उद्योग इंटरफेस के आधार को मजबूत बनाना है। यह एक तरीके से "मेकिंग न्यू इंडिया’ के मिशन का समर्थन करता है। साथ ही यह फोकस राज्यों में उद्योगों की विशिष्ट समस्याओं पर चर्चा करने के लिए एक खास मंच होगी।

स्टेट्स पर ही फोकस क्यों ?
नीति स्तर पर किए गए शोध के आधार पर, पीएचडीसीसीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि इन चार राज्यों को अत्यधिक सक्षम पाया गया था :

1. निवेश करने के कारण: निवेश करने के उपलक्ष्य में ये चार राज्य हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली उत्तम हैं। यहां व्यवसाय करने में आसानी है। साथ ही यहां स्ट्रटीजिक लोकेशन, इन्डस्ट्रीअल पावर, लैन्ड अवेलबिलिटी, लेबर रिफॉर्म, स्किल्ड मैनपावर, स्टेट पॉलिसी, सिंगल विंडो सिस्टम, टैक्सेशन और क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर है।

2. पॉलिसी : इन सभी चार राज्यों में, राज्य सरकारों ने व्यवस्थित रूप से एक नीति इन्वाइरन्मंट बनाया है जो निजी उद्यम को बढ़ावा देती है । साथ ही इन स्टेट को हर स्तर पर उत्तम भी बनाता है। प्रोत्साहन के एक सामान्य पैकेज के अलावा, निवेश को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां तैयार की गई हैं।

3. जनसांख्यिकी: सभी संबंधित प्रमुख संकेतक इन चार राज्यों का समर्थन करते हैं। यह भारत में सरकारी-उद्योग इंटरफ़ेस पर एक विशिष्ट रूप से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह आधिकारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और निर्णय के स्तरों को पारदर्शी बनाता है। प्रौद्योगिकी के अधिक इंटरफ़ेस के साथ व्यवसायों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिक तंत्र सुनिश्चित करता है। साथ ही, यह भारत के "इकोनॉमिक रिफॉर्म मिशन’ को भी समर्थन करता है, जिसमें एक शक्तिशाली मंच पर सरकार और उद्योग के उच्चतम क्षेत्रों को लाया जाता है।

यह स्टेट कॉन्क्लेव-2018, सरकार और उद्योग दोनों पक्षों के प्रतिभागियों और सहयोगियों के लिए खास अवसर लेकर आ रहा है। इस साल यह स्टेट पॉलिसी कॉन्क्लेव-2018 अद्वितीय सम्मेलन के साथ काफी प्रभावशाली होने वाला है।

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