राजनेताओं का कोरोना से टूट रहा दम; चुनाव में भूल गए संक्रमण से लड़ाई, पार्टी कार्यालयों में नहीं हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

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पटना10 मिनट पहले

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कांग्रेस के दफ्तर सदाकत आश्रम में गुरुवार को नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी थी।

  • नेता अपनी जान खतरे में डालने के साथ हजारों कार्यकर्ताओं की जान से भी खेल रहे हैं

बुधवार को रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी की कोरोना से मौत हो गई। उत्तरप्रदेश और देश के अन्य राज्यों में कोरोना ने कई राजनेताओं को निगल लिया है। इसके बाद भी बिहार में राजनीतिक दल कोरोना से बचाव को लेकर गंभीर नहीं हैं। नेता अपनी जान खतरे में डालने के साथ हजारों कार्यकर्ताओं की जान से भी खेल रहे हैं। विधानसभा के चुनावी दंगल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना को लेकर जारी स्वास्थ्य संगठनों की गाइडलाइन टूट रही है। हर पार्टी कार्यालय पर हर दिन टूटते नियम बड़े खतरे की घंटी हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में टूटा नियम
गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी के कई बड़े दिग्गज नेता जुटे थे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव एवं मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी मौजूद थे। इतने बड़े नेताओं की मौजूदगी थी तो जाहिर सी बात है कि प्रदेश के कोने-कोने से कार्यकर्ता जुटे होंगे। सैकड़ों लोगों की भीड़ में एक प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री मौजूद हो और तब भी कोरोना को लेकर जारी नियम का पालन नहीं होना बड़ा मामला है।

नेता किसान बिल को लेकर विरोध की रणनीति बना रहे थे, लेकिन कोरोना से जंग को लेकर कोई सावधानी नहीं दिखी। कार्यालय में न तो सैनिटाइजेशन की व्यवस्था थी और न ही थर्मल स्क्रिनिंग ही किया जा रहा था। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता जहां खुद मास्क नहीं लगाए थे वहीं, कार्यकर्ता भी इसे लेकर बेफिक्र दिखे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ टीएस सिंहदेव और शक्ति सिंह गोहिल के साथ कई बड़े नेता मौजूद थे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ टीएस सिंहदेव और शक्ति सिंह गोहिल के साथ कई बड़े नेता मौजूद थे।

नियम को नजर अंदाज करने से हो सकता है कोरोना विस्फोट
स्वास्थ्य संगठनों के साथ सरकारें भी लगातार लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरुक कर रही है। भीड़ में एक दो भी कोरोना पॉजिटिव लोग हुए तो यह चेन काफी बड़ी हो सकती है। गुरुवार को कांग्रेस के कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा है। बुधवार को राजद कार्यालय में भी कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन टूटती दिखी। तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों के साथ मिलकर कृषि बिल के खिलाफ लड़ाई की बात की। जब वह बाहर निकले तो भीड़ में घिर गए और इसी भीड़ में चुनाव प्रचार के लिए बने वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यालय किसी भी राजनीतिक दल का हो नियम हर चौखट पर टूट रहा है।

मंच पर स्वास्थ्य मंत्री ने खुद नहीं किया नियम का पालन
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव मंच पर थे। नियम से दो कुर्सियों के बीच कम से कम दो फिट का फासला होना चाहिए था, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के दोनों तरफ नेता सटकर बैठे थे। मंच पर आधा दर्जन से अधिक कुर्सियां एकदम सटाकर लगाई गई थी और कोई भी खाली नहीं थी। एक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।

किसानों के लिए कांग्रेस तय कर रही संघर्ष की रणनीति
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव एवं मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने किसानों के हित में संघर्ष की रणनीति तैयारी की। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि किसान संगठनों के भारत बंद का कांग्रेस पूरी तरह से समर्थन करेगी। जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी की जयंती से कांग्रेस किसानों के मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। इसमें किसानों के हस्ताक्षर अभियान से लेकर ज्ञापन तक का कार्यक्रम है। सभी विधानसभा मुख्यालय पर कांग्रेस धरने की तैयारी कर रही है।

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