प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले चिंताजनक, ‘लेट रिपोर्टिंग’ भी है इसका एक मुख्य कारण: सैजल

बिलासपुर15 घंटे पहले

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  • लक्षण होने के बावजूद जांच में देरी से अपनी जिंदगी के साथ दूसरों को भी खतरे में डाल रहे लोग

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामलों में हो रही वृद्धि चिंता का विषय है। इसका एक मुख्य कारण ‘लेट रिपोर्टिंग’ भी है। अक्सर यह देखने में आ रहा है कि लक्षण महसूस होने के बावजूद लोग जांच करवाने के लिए समय पर अस्पताल नहीं जा रहे हैं। इस तरह की प्रवृत्ति के चलते वे अपनी जान जोखिम में डालने के साथ ही संपर्क में आने वाले परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों को भी संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं।

ऐसी मानसिकता बदलने के लिए लोगों को जागरूक किया जाना बेहद जरूरी है। कोरोना महामारी से बचाव को लेकर जिला स्तर पर किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को बिलासपुर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से जंग लड़ी जा रही है।

इसके लिए प्रत्येक जिला में वहां की स्थिति के लिहाज से योजना बनाई जा रही है। इसी का नतीजा है कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल में कोरोना संक्रमण की वजह से मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम है। इसके बावजूद बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे हलके में लेने की भूल किसी सूरत में नहीं की जा सकती। बैठक में विधायक सुभाष ठाकुर व जेआर कटवाल, डीसी राजेश्वर गोयल, एसपी दिवाकर शर्मा, एडीसी तोरुल रवीश, सीएमओ डाॅ. प्रकाश दरोच तथा एसडीएम शशिपाल शर्मा व विकास शर्मा आदि ने भी भाग लिया।

दुर्गम क्षेत्रों में दिन-रात दे रहे सेवाएं, फिर भी 4-टायर पे-स्केल से हैं वंचित

बिलासपुर| आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परिषद ने इस वर्ग को भी 4-टायर पे-स्केल प्रदान करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अन्य सभी समकक्ष चिकित्सा अधिकारियों को यह पे-स्केल मिल रहा है। केवल आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी इससे वंचित हैं।

इस मांग को लेकर बुधवार को संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर में स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर की मौजूदगी में स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में आयुर्वेद विभाग के मंडी जोन के उप निदेशक डाॅ. तेजस्वी आजाद, जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ जमीर खान, उपमंडलीय आयुर्वेद अधिकारी डाॅ. यादविंद्र, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परिषद के जिला अध्यक्ष डाॅ. अभिषेक ठाकुर, संयुक्त सचिव डाॅ. संजय शर्मा, सचिव डाॅ. विकास, डाॅ. रोहित कपिल व डाॅ. विजय शामिल थे।

ये है डायनेमिक 4-टायर स्केल

आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परिषद के जिला अध्यक्ष डाॅ. अभिषेक ठाकुर का कहना है कि 4, 9, 14 के टाइम स्केल की तरह एमबीबीएस, डेंटल, वेटरनरी व आयुर्वेद डाक्टरों को three वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा होने के बाद रेगुलर होने पर 5400 ग्रेड-पे मिलती है।

आयुर्वेद डाक्टरों को छोड़कर अन्य सभी कैटेगरी में 4, 9 व 14 वर्ष के सेवाकाल के बाद ग्रेड-पे बढ़कर क्रमशः 6600, 7600 व 8600 रुपये हो जाती है। इसके विपरीत आयुर्वेद डाक्टर 5400 की ग्रेड-पे पर ही रह जाते हैं। उनके लिए पदोन्नति के अवसर भी बेहद कम रहते हैं। अपने काम और सेवाओं के आधार पर ही यह वर्ग भी 4-टायर स्केल की मांग कर रहा है।

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