ठेकेदार से 1.5 लाख, सिगरेट सप्लायर से 40 हजार लूटे, डाबा में नाकाम रहे तो की फायरिंग

लुधियाना16 घंटे पहले

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  • 24 घंटे में लूट, चोरी और फायरिंग की तीन वारदातें
  • आरोप : पुलिस कंट्रोल रूम पर की शिकायत, कोई रिस्पॉन्स नहीं

शहर में जंगलराज का माहौल है। क्योंकि रात के साथ-साथ दिनदहाड़े भी लूट और फायरिंग की वारदातें खुलेआम हो रहीं है। शहर में पिछले 24 घंटे में लूट, चोरी और फायरिंग के तीन मामले सामने आए। जिसमें पीड़ित पक्ष के साथ वारदात के बाद उन्हें परेशान होना पड़ा। पीड़ितों का ये भी आरोप है कि पुलिस कंट्रोल रूम(112) पर भी कई बार प्रयास करने के बाद भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता है।

आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक हफ्ते में लूट और छीनाझपटी की 7 वारदातें हुई, जिसमें से दो को पुलिस ने ट्रेस कर लिया, लेकिन बाकी के मामलों की जांच अधर में लटकी है। जोकि पुलिस की चौकसी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माहौल ठीक है और सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद है। असलियत में पुलिस के ये दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

दुगरी निवासी ललन सोनी ने बताया कि उसका सिगरेट सप्लाई का काम है। बुधवार को 40 हजार कैश और 25 हजार का बचा सामान थैले में लेकर फव्वारा चौक में सिगरेट शाॅप पर माल देने गया। दुकान के बाहर मोपेड लगा उसी पर थैला बांधकर वॉशरूम चला गया। इतने में बाइक पर दो युवक आए और तेजधार हथियार से थैला काटकर फरार हो गए।

गुरपाल नगर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार रात वो दोस्त के घर निर्मल पैलेस के पास गया था। लौटते हुए डाबा रोड पर उसे दो बाइक पर सवार चार युवकों ने आवाज लगाई। शक हुआ तो एक्टिवा दौड़ा ली। तभी लुटेरों ने पीछे से गोली चलाई, जोकि उसकी एक्टिवा की लाइट पर लगी। तभी उसने एक्टिवा को एक गली में घुसा दिया और शोर मचाया। रात को अधिकारी और थाना डिविजन 6 की पुलिस पहुंची। लेकिन सुबह तक किसी ने बयान के लिए नहीं बुलाया।

अभिमन्यु कुमार ने बताया कि मंगलवार रात जसपाल बांगड़ रोड से लौट रहा था। क्वालिटी चौक के पास दो बाइक पर सात लुटेरे आए। जिनमें से दो के पास पिस्तौल और तेजधार हथियार थे। उन्होंने अभिमन्यु की जेब से डेढ़ लाख रुपए लूट लिए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसने कंट्रोल रूम पर शिकायत की, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

सीधी बात राकेश अग्रवाल, सीपी

लूट, झपटमारी दिनों-दिन बढ़ रही है? लाॅ एंड आर्डर कहां है?
जो वारदातें हुई उन्हें साथ के साथ ट्रेस किया जा रहा है। बाकी लाॅकडाउन में जेल से जिन अपराधियों को छोड़ा गया, वो ही वारदातें कर रहें है।

रात को नाकों पर पुलिस नजर नहीं आती?
पेट्रोलिंग और नाकाबंदी की सख्त हिदायतें दी हैं। अगर कोई ड्यूटी में कोताही दिखाता है तो एक्शन लिया जाएगा।

पिछले कुछ दिनों में 7 बड़ी वारदातें हुई हैं, जिसमें से सिर्फ दो ही ट्रेस हुई। बाकी की जांच कहां है?
सभी मामलों की इंवेस्टिगेशन चल रही है। पहले भी मामले ट्रेस किए हैं, जो बचें है, इन्हें भी साॅल्व कर दिया जाएगा।

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