आदमपुर छावनी में लोगों ने कमिश्नर से पूछा- हमें इस नरक से निजात कब मिलेगी, रामेश्वर शर्मा लोगों को लेकर इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे, बोले- यहां बदबू का नामोनिशान भी नहीं

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भोपाल24 मिनट पहले

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भोपाल के आदमपुर छावनी में बदबू आने के बाद निगम आयुक्त और लोगों को लेकर इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे विधायक व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा। यहां की साफ-सफाई देखकर सब चकित रह गए।

  • प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने निगमायुक्त कोलसानी से पूछा- भोपाल में इंदौर जैसा क्यों नहीं हो सकता है

भोपाल की आदमपुर छावनी में कचरे की बदबू से परेशान लोगों ने सुबह नगर निगम कमिश्नर वीएस चौधरी कोलसानी से पूछा कि हमें इस नरक से कब निजात मिलेगी? यहां बिजली बनाने का प्लांट लगाने के नाम पर कचरा डम्प किया गया और अब भूजल भी खराब हो रहा है। बिजली बनाने का प्लांट लगा नहीं और अब नया प्लांट लगाने के नाम पर सात एकड़ जमीन और अधिग्रहित की जा रही है। हम इसका विरोध करेंगे।

इसी दौरान प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा नगर निगम आयुक्त कोलसानी के साथ आदमपुर छावनी पहुंचे। शर्मा ने कहा कि आदमपुर छावनी में कचरे की वजह से इतनी बदबू आती है कि एक मिनट खड़े रहा नही जाता। इसके बाद शर्मा वहां से निगम आयुक्त और लोगों को लेकर दोपहर में इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे और वहां कचरा प्रोसेसिंग का प्लांट देखा तो चकित रह गए। यहां सूखा और गीला मिला कर 1200 टन कचरे की प्रोसेसिंग होती है। पुराना 15 लाख टन कचरा भी यहीं डम्प किया गया है। लेकिन इस सबके बावजूद यहां बदबू का नामोनिशान नहीं है। बल्कि एक खूबसूरत गार्डन बना हुआ है।

भोपाल में आदमपुर छावनी में एक मिनट खड़े होना मुश्किल

वहीं भोपाल की आदमपुर छावनी में हालत यह है कि तीन साल में ही इतना कचरा डंप हो गया है कि वहां एक मिनट खड़े होना मुश्किल है। आदमपुर छावनी में जब कचरे से बिजली का प्लांट लगाने की योजना बनी थी तभी से स्थानीय रहवासी इसका विरोध कर रहे थे। जिस कंपनी को यह काम मिला था वह प्रोजेक्ट को बीच में छोड़ कर चली गई। साइंटिफिक कचरा खंती बनाने के नाम पर यहां बिछाया गया लाइनर खराब हो गया है। यानी अब यह कचरा क्षेत्र के भूजल को भी खराब कर रहा है।

इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा और निगम आयुक्त केवीएस कोसलानी और भोपाल के लोग।

इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा और निगम आयुक्त केवीएस कोसलानी और भोपाल के लोग।

रामेश्वर शर्मा ने पूछा– भोपाल में ऐसा क्यों नहीं हो सकता

प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा गुरुवार को निगमायुक्त कोलसानी के साथ पहले आदमपुर छावनी के रहवासियों के साथ आदमपुर छावनी का निरीक्षण किया। उसके बाद जनपद सदस्यों, सरपंचों और अन्य जनों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वे इंदौर के देव गुराड़िया पहुंचे। उन्होंने निगमायुक्त से पूछा भोपाल में यह मशीनें क्यों नहीं लग सकती? यहां खाद बन रही है। सूखे कचरे का सेग्रीगेशन हो रहा है। और इस सब में नगर निगम को कोई राशि खर्च नहीं करना पड़ी। बल्कि हर साल 1.40 करोड़ रुपए की आय हो रही है। यह सब भोपाल में करने में क्या दिक्कत है।

कमिश्नर ने कहा- हमारी पूरी तैयारी

कोलसानी ने बताया कि हमारी पूरी तैयारी है। जो कंपनी इंदौर में काम कर रही है। उसे ही भोपाल में काम दिया गया है। 300 टन सूखे कचरे की प्रोसेसिंग का प्लांट लगने का काम अगले 15 दिन में शुरू हो जाएगा। 200 टन गीले कचरे के बायो मिथिनाइजेशन का प्लांट का भी टेंडर जारी हो गया है। इसमें सीएनजी बनेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार की कंपनी नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) भी 400 टन कचरे से चारकोल बनाएगा। कंपनी इस पर लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

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